सफरनामा: श्रीदेवी मद्रास से मुंबई तक

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बॉलीवुड की दुनिया के कई सितारे हमारे दिलो के बहुत करीब हैं. जिन्हें हम चाह कर भी खोना नहीं चाहेगे. इनकी फिल्मो और एक्टिंग से हम इस कदर प्रभावित हो जाते हैं, की इन्हें हम अपनी ज़िन्दगी का एक हिस्सा समझने लगते हैं. और एसे में अगर हमारी ज़िन्दगी का कोई हिस्सा अचानक हमसे दूर चला जाए तो इस पर यकीन करना बेहद मुश्किल और दुखद हो जाता हैं।

अभी हाल ही में ऐसा कुछ हुआ हैं, दरअसल बॉलीवुड की मोहक मुस्कान, बला जैसी खूबसूरती और लाजवाब एक्टिंग के जरिए सबके दिलों पर राज करने वाली मशहूर अभिनेत्री श्रीदेवी अब इस दुनिया को अलविदा कह चुकी हैं. इनकी मौत 24-2-2018 को करीब रात 11 बजे हुई. जी हां  कहा जा रहा था की बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री श्रीदेवी को दिल का दौरा पड़ने उनका निधन हो गया है. लेकिन अब जो खबर सामने आई है उसके मुताबिक श्रीदेवी की मौत बाथटब में गिरने से हुई है आपको बता दें की श्रीदेवी दुबई में भांजे मोहित मारवाह की वेडिंग अटेंड करने गई थीं. जहा उनका पूरा परिवार उपस्थित था सिवाए उनकी बड़ी बेटी जाह्नवी कपूर के जो फिल्म की शूटिंग की वजह से मुंबई में ही रुक गयी थी।

श्रीदेवी के निधन की खबर से पूरी दुनिया सदमे में हैं. इस पर हम उनके सफ़र के बारे में बात करते हुए उन्हें याद करते हैं।

श्रीदेवी का जन्म व परिवार

इस पहली महिला सुपर स्टार श्रीदेवी का जन्म तमिलनाडु के शहर शिवकासी में 13 अगस्त 1963 में हुआ. इनका पूरा नाम श्री अम्मा यंगर अयप्पन था. उनके पिता जहां तमिल से थे तो वहीं उनकी मां तेलुगू थीं. पिता का नाम अय्यपन और मां का नाम राजेश्वरी था. उनके पिता पेशे से वकील थे. और माँ हाउस वाइफ थी. श्रीदेवी की एक बहन और दो सौतेले भाई हैं।

श्रीदेवी का वैवाहिक जीवन

श्रीदेवी की दो शादियां हुई है. इनकी पहली शादी बॉलीवुड एक्टर मिथुन चक्रवर्ती से वर्ष 1985 में हुई थी. श्रीदेवी मिथुन से बेहद प्यार करती थी पर मिथुन को उनसे प्यार नहीं था. जिसके चलते उनका यह रिश्ता कुछ वर्ष ही चला और वर्ष 1988 में वह एक दुसरे से अलग हो गये. फिर कुछ समय बाद उनकी जिंदगी में फ़रिश्ता बनकर आये बोनी कपूर यह दोनों पहले से ही अच्छे दोस्त थे, और एक दोस्त होने के खातिर उन्होंने श्रीदेवी की बहुत सहयता भी की. फिर बोनी कपूर और श्रीदेवी ने वर्ष 1996 में शादी करली, हालाँकि यह जोड़ा हमेशा एक साथ खुश नजर आया. इनका आपसी रिश्ता कभी किसी विवाद में नजर नहीं आया. श्रीदेवी और बोनी की दो बेटियाँ है जान्हवी और ख़ुशी जो श्रीदेवी की ही तरह बेहद सुंदर हैं।

श्रीदेवी का करियर

इस अभिनेत्री ने सिर्फ हिंदी ही नहीं बल्कि तमिल, तेलुगू, मलयाली और कन्नड़ फिल्मों में भी काम किया है. श्रीदेवी बहुत चार साल की उम्र से ही एक्टिंग की दुनिया में आ गई थी, 54 वर्ष की अभिनेत्री ने फिल्म इंडस्ट्री को करीब 50 साल दिये और लगभग 300 फिल्मो में काम कर अपनी पहचान बनाई. श्रीदेवी पहली महिला सुपर स्टार के तौर पर जानी जाती थी. अपने फिल्म करियर की ऊंचाइयों के दौरान लाखों दिलों की धड़कन रही इस अभिनेत्री ने बॉलीवुड में अपना ऐसा जलवा बिखेरा की पूरे सिने प्रेमियों को अपना दीवाना बना लिया. साथ ही कई हिट फिल्मो में काम भी किया और इस 50 साल लंबे अपने करियर में उन्होंने कई बार उतार चढाव भी देखे. चार साल की उम्र में श्री अम्मा यंगर अयप्पन (श्रीदेवी) ने तमिल फिल्म “थुनाइवन” में बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट काम किया. लेकिन सबसे पहले चर्चाओं में उनका नाम मलयलाम फिल्म “पूमबत्ता” से आया, उस समय श्रीदेवी महज 8 साल की थी. फिल्म में उनके काम को काफी सराह भी गया और उन्हें केरला स्टेट फिल्म अवार्ड से भी सम्मानित किया गया. जिसके बाद धीरे धीरे वह साउथ इंडियन फिल्म इंडस्ट्री में मशहूर होने लगी. लोग उन्हें जानने लगे थे. श्रीदेवी यही थमना नहीं चाहती थी उनकी मजिल तो बॉलीवुड की दुनिया में थी, जिस पर वह राज करना चाहती थी।

श्रीदेवी का बॉलीवुड सफर

1975 में उन्हें उस वक्त की बेहद बोल्ड फिल्म मानी जाने वाली बॉलीवुड फिल्म “जुली” में काम करने का हसीन मौका मिला. फिल्म में उनका एक छोटा सा रोल था. हालांकि फिल्म हिट हुई लेकिन श्रीदेवी का संघर्ष जारी रहा. जब श्रीदेवी 16 साल की हुई तो उन्हें बॉलीवुड फिल्म “सोलवां सावन” में पहला बड़ा ब्रेक मिला था. यह पी भरतीराजा की फिल्म थी, जिसमे श्रीदेवी लीड रोल में थी. इस फिल्म से उनके करियर को कोई खास फायदा नहीं हुआ था. फिर कुछ समय बाद वह कमल हासन के साथ फिल्म ‘सदमा’ से बॉलीवुड में लौटी. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट रही. लोगो ने श्रीदेवी को पसंद करना शरू कर दिया. इस फिल्म में श्रीदेवी को फिलमफेयर का अवॉर्ड भी मिला, लेकिन उन्हें शोहरत औऱ बुलंदियों पर पहुंचाया फिल्म “हिम्मतवाला” ने, फिल्म में उनके साथ जितेंद्र थे. यह 1983 की ब्लॉकबस्टर फिल्म थी. इस फिल्म के बाद उन्हें कई फिल्मो में जितेंद्र के साथ कास्ट किया जाता था. “हिम्मतवाला” के बाद 1984 में आई श्रीदेवी की फिल्म “तोहफा” ने उस समय में कमाई के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे. फिर 1986 में आई फिल्म “नगीना” में श्रीदेवी ने एक इच्छाधारी नागिन की भूमिका  निभाई थी. यह फिल्म उस समय की सुपरहिट फिल्म थी. उस समय श्रीदेवी एक स्टार बन चुकी थी. फिल्म में उनका होना फिल्म के हिट होने की गारंटी माना जाता था. बड़े बड़े डायरेक्टर उनको फिल्म में लेने के खाब देखा करते थे. फिर साल 1987 में आई श्रीदेवी की फिल्म “मिस्टर इंडिया” जिसमे उन्होंने एक पत्रकार की भूमिका को पर्दे पर बखूबी दर्शाया था. इस फिल्म का गीत “हवा-हवाई” बेहद प्रसिद्ध हुआ यह गीत ऐसा लगता था मानों श्रीदेवी के लिए ही बना हो. और आज भी लोग श्रीदेवी को हवा-हवाई से ही याद करते हैं. इसके बाद वह 1989 में आई फिल्म “चालबाज” से सुर्खियों में आई फिल्म में श्रीदेवी ने डबल रोल निभाया था. दोनों ही भूमिका में अलग अलग तेवर से एक्टिंग कर उन्होंने आलोचक को हैरान कर दिया. उन्हें इस फिल्म के लिए फिल्म फेयर का अवॉर्ड भी मिला. इस फिल्म के बाद वह यशराज कैंप की हीरोइन बन गई. और इंडस्ट्री को “चांदनी” और “लम्हे” जैसी फ़िल्में दी।

1992 तक उनका फ़िल्मी ग्राफ बेहद अच्छा रहा, फिर 1992 की फिल्म “खुदा गवाह” के बाद श्रीदेवी के करियर का ग्राफ नीचे की ओर गिरना शुरू हुआ. वह एक नया दौर था जिसमे उन्हें नई हीरोइन और नए एक्टर के बीच में अपना संतुलन बनान बेहद मुश्किल था, उन्हें खुद को बदलना था. लेकिन डायरेक्ट और प्रोड्यूसर इस बात से इत्तेफाक नहीं रखते थे. जिस कारण श्रीदेवी की फिल्में तो आई लेकिन वो फ्लॉप होती गई. उस समय श्रीदेवी ने अनिल कपूर के साथ कई फिल्मे की जिनमे से काफी फ्लॉप रही तो एक-दो हिट हो गई. एक लम्बे समय तक कामयाबी ना पाने के बावजूद श्रीदेवी ने हार नहीं मानी इंडस्ट्री पर राज करने का सपना सजाए एक बार फिर श्रीदेवी वर्ष 1997 में बदले हुए अंदाज में फिल्म “जुदाई” से वापसी की और खुद को फिरसे पूरी दुनिया के सामने कामयाब अभिनेत्री के रूप में साबित भी किया. 1996 में शादी के बाद उन्होंने फिल्मों से दूरिय बना ली, पर पूरी तरह अलग नहीं हो पाई. फिर एक लम्बे समय के बाद श्रीदेवी ने बॉलीवुड में वर्ष 2012 में गौरी शिंदे की फिल्म “इंग्लिश विंग्लिश” से वापसी की इस फिल्म के साथ एक बार फिर वही पुरानी श्रीदेवी दर्शकों के सामने थी जिसके अभिनय को देख अक्सर ही लोग हैरान हो जाया करते थे. फिर वह साल 2013 की फिल्म “बॉम्बे टाल्कीस” में कई सितारों के साथ स्पेशल अपीयरेंस के रोल में नजर आई. और फिर से कुछ सालों के बाद वह फिल्म “मॉम” में लीड रोल में नजर आई. इस फिल्म में निभाई उनकी भूमिका ने कई दिलो को छु लिया था. इस फिल्म में वह एक एसी माँ की भूमिका को निभाती है, जो अपनी बेटी के साथ हुई बदसलूकी का बदला लेती हैं. लेकिन शाहरुख़ खान की आने वाली फिल्म ‘जीरो’ उनकी आखिरी फिल्म होगी.

श्रीदेवी की 10 हिट फ़िल्में

“हिम्मतवाला”, “तोहफा”, “नगीना”, “मिस्टर इंडिया”, “चालबाज”, “लम्हे”, “चांदनी”, “खुदा गवाह”, “लाडला”, “इंग्लिश विंग्लिश” जैसी कईं फ़िल्में।

श्रीदेवी की खासियत

श्रीदेवी को भारत सरकार द्वारा साल 2013 में पद्मश्री से सम्मानित किया जा चूका हैं. यह अभिनेत्री एक बेहतरीन कलाकार रही हैं, साथ ही अपने काम के प्रति हमेशा सक्रिय और समय की पाबन्द भी रही हैं. वह एक दिल खुश अभिनेत्री थी. आज भी इनकी सुंदरता और अदाओं के कई दीवाने हैं. श्रीदेवी ने हर तरह का रोल पर्दे पर निभाया हैं, उन्होंने अपने दर्शकों को हँसाया, रुलाया, परेशान व कई दफा दुखी भी किया. उनकी भूमिका में बड़ी सच्चाई नजर आती थी. इस अभिनेत्री को एक्सप्रेशन्स का बेताज बादशाह भी कहा जाता हैं. इनके फिल्मों के दौरान दिए जाने वाले चहरे के एक्सप्रेशन्स कमाल के होते थे. इनकी आंखे बेहद खुबसूरत और बड़ी थी. श्रीदेवी ने बॉलीवुड में ही नहीं दक्षिण इंडस्ट्री में भी खूब नाम कमाया और इंडस्ट्री पर राज भी किया. बॉलीवुड ने श्रीदेवी जैसी खूबसूरत अभिनेत्री को खो दिया हैं. हमें आशा हैं यह श्रीदेवी एक बार फिर किसी रूप में लौटेगी. धरती का सितारा आज असमान में खो गया हैं. हम सभी उनकी आत्मा की शांति की प्राथना करते हैं।

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Chhavi Sharma

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