‘‘गोविंदा काफी प्रतिभाशाली कलाकार हैं..’’ -सैफ अली खान

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बालीवुड में सैफ अली खान की गिनती गंभीर और स्टाइलिश कलाकार के रूप में होती है. वह हमेशा कुछ अलग तरह का ही काम करते हुए नजर आते हैं. फिर चाहे वह किसी फिल्म में अभिनय कर रहे हों अथवा किसी फिल्म का निर्माण कर रहे हों. इन दिनों वह फिल्म ‘‘हैप्पी इंडिंग’’ को लेकर चर्चा में है, जिसका निर्माण करने के साथ साथ सैफ अली खान ने खुद डबल रोल भी निभाया है.

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इस कहानी में ऐसा कौन सा मोड़ था कि आपने इस पर अंतिम मुहर लगाना ठीक समझा?
-एक सिंपल सी बात यह है कि जो कहानी हमें एक कलाकार के तौर पर अच्छी लगती है,वह निर्माता के तौर पर भी अच्छी लगती है.वही इसके साथ भी हुआ. इसमें सबसे बड़ी बात यह है कि यह एक काॅमेडी फिल्म व मनोरंजक फिल्म है. इस फिल्म के निर्देशक राज डी के बहुत बेहतरीन निर्देशक हैं. फिल्म ‘गो गोवा गाॅन’ में उनके साथ काम करते हुए हमें बहुत आनंद आया था.
‘‘हैप्पी इंडिंग’’ के अपने किरदार को लेकर क्या कहेंगे?
-एक तरह से देखा जाए तो इसमें मेरी दोहरी भूमिका है. मैं लेखक युडी जेटली के अलावा योगी के किरदार में भी हॅूं. योगी कैमियो है, जो कि गाने पर परफार्म करता हुआ नजर आएगा, एक अलग गेटअप में.युडी जेटली लेखक है और उसके साथ जो कुछ होता है,उसे देखकर दर्षकों को भी बुरा लगेगा. पाॅंच साल पहले उसने एक किताब लिखी थी. उसके बाद उसने कुछ लिखा नही. अब पैसे की उसे जरुरत है. उसके पास जो पैसे थे, अब खत्म हो चुके हैं. अतः अब उसे काम करने की जरूरत है. लेकिन फिल्म में कुछ चीजें ऐसी हैं, जिनकी वजह से मुष्किलें आती हैं. उसे देखकर हमें बुरा लगता है कि इस तरह से वह परेषान हैं. फिल्म देखते समय लोगों को लगेगा कि इसका भला हो जाना चाहिए. वह बेचारा सा है.

‘‘हैप्पी इंडिंग्स’ में आपने जिस तरह का पात्र निभाया है, क्या उस तरह की चीजें लोगों की जिंदगी में होती रहती है?
-जी हां! इस संसार में अलग अलग तरह के लोग हैं. इस तरह की चीजें कभी हालात पर, तो कभी पैसे पर निर्भर करती हैं. हमारी फिल्म ‘हैप्पी इंडिंग्स’ का नायक कोई आम लड़का नहीं है. इसमें कोई आम समस्याएं यानी कि बिजली या पानी के न होने की समस्या नहीं है. पर इसकी जिंदगी में जो भी समस्याएं आती हैं, उन्हें देखते हुए हम इंज्वाॅय कर सकते हैं.

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आपको किस तरह की काॅमेडी पसंद आती है?
-मेरे लिए काॅमेडी के मायने यह हैं कि इंसान को हंसी आए. उसके चेहरे पर एक मुस्कान आए. पर काॅमेडी के नाम पर बफूनरी नहीं होना चाहिए. चूतियापा नहीं होना चाहिए. काॅमेडी को हम डिफाइन नहीं कर सकते. अमिताभ बच्चन हों या गोविंदा, अच्छी काॅमेडी करते रहे हैं. मुझे काॅमेडी की समझ है, ऐसा मैं मानता हूं.
फिल्म ‘‘हैप्पी इंडिंग’’ में गोविंदा ने आपके साथ काम किया है. वह आपकी काफी तारीफ कर रहे हैं?
-अच्छा! मेरा मानना है कि वह काफी प्रतिभाशाली कलाकार हैं. उनकी काॅमिक टाइमिंग का विश्व में कोई भी कलाकार मुकाबला नहीं कर सकता.वह जब नाचते हैं, तो सभी खुश हो जाते हैं. उन्हें नाचते हुए देखकर ही नहीं, बल्कि उनके साथ नाचने वाले कलाकारों के चेहरे पर भी मुस्कान आ जाती है. उनके साथ डांस करते हुए मुझे बहुत अच्छा लगा. वह बहुत अच्छे इंसान है. यह अच्छी बात है कि हम दोनों ने एक फिल्म एक साथ काम किया. अन्यथा हम दोनों का व्यक्तित्व बहुत अलग है. गोविंदा टाइप की फिल्म अलग बनती है. सैफ अली टाइप की फिल्म अलग बनती है. लेकिन इस बार इन दोनों को एक ही फिल्म में देखना दर्शकों के लिए आनंद की बात होगी. उन्हें अच्छा लगेगा.

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फिल्म मेकिंग एक व्यापार है. आपको लगता है कि आप एक सफल व्यवसायी हैं?
-एक अच्छा बिजनेसमैन वह होता है, जो अपनी अच्छी चीजें पैसे के लिए बेचता है. मुझे लगता है कि मैं अपनी चीजें बेचना जानता हूं. मैं हर धंधे में रूचि नहीं रखता. लेकिन फिल्म निर्माण में रूचि रखता हूं. फिल्म का बिजनेस यह है कि क्या बना रहे हैं? कितने में बना रहे हैं? इसकी मुझे समझ है.
ऐसे में अभिनेता के साथ साथ निर्माता के रूप में आप किस तरह की कहानियां चुनते हैं?
-एक कलाकार के तौर पर भी कुछ नया करने की खोज सतत बनी रहती है. और निर्माता के तौर पर भी हमारी खोज रहती है कि अब हम नया क्या बनाएं? हाॅ! कुछ कहानियां ऐसी होती हैं, जिन पर बनी फिल्मों में हम अभिनय नहीं करना चाहेंगे.पर हम यह चाहते हैं कि उन कहानियों पर फिल्में बनें, तो हम ऐसी फिल्में भी बनाते हैं. पर ‘हैप्पी इंडिंग्स’ ऐसी कहानी है, जिस पर बनी फिल्म में मैने अभिनय करने का निर्णय लिया और बनाने का भी.

आप सोशल मीडिया से दूर रहना चाहते हैं. इसकी कोई खास वजह?
-सबसे पहली बात तो मैं इस भेड़चाल का हिस्सा नहीं बनना चाहता. हमारी फिल्म में गोविंदा जी ने अभिनय किया है. उन्हें तो पब्लिसिटी ही समझ में नहीं आती है. उस जमाने में कलाकार इतनी बातें नहीं किया करते थे. आपको पता होगा कि एक समय वह था, जब अमिताभ बच्चन ने कुछ समय के लिए मीडिया को बैन कर दिया था. लेकिन मैं सोशल मीडिया में यकीन इसलिए नहीं करता,क्योंकि सभी कर रहे हैं. मुझे लगा कि मेरी अपनी अलग बात होनी चाहिए. फिर मुझे लगा कि मैं क्या ट्वीट करूंगा?

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दूसरी फिल्में कौन सी हैं?
-एक फिल्म ‘‘फैंटम’’कर रहा हॅूं. इसके बाद सुज्वाॅय घोष व रीमा कागटी के साथ फिल्में करने वाला हॅूं. फिर अपनी होम प्रोडक्शन की फिल्म राज डी के के निर्देशन में करुंगा.

 

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Mayapuri