INTERVIEW: “सलमान बहुत ही ईमानदार व्यक्ति  है”- निर्देशक अली अब्बास

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निर्देशक अली अब्बास ज़फ़र अपनी फ़िल्म,”सुल्तान” को लेकर खास उत्साहित है। अक्सर सलमान  ईद के मौके पर  अपने दर्शकों को एक फ़िल्म जरूर देते है। सो -इस ईद सलमान ने अखाड़े पर उतर पहलवानी कर अपने फैंस को कुछ  अलग तरह से एंटरटेन करने की ठानी। अली अब्बास के साथ पेश है लिपिका वर्मा की एक गुफ्तुगू  –

सुल्तान का आईडिया आपके  ज़हन में कब आया ?

फ़िल्म, “मेरे ब्रदर  की दुल्हन “निर्देशित करते  समय मे्रे जहन में रेसलिंग पर एक फ़िल्म बनाने का आईडिया आया। अदित्य चोपड़ा  के साथ जब इस बारे में मैनें बात  की तो उन्होंने तुरंत कहा – सुल्तान के किरदार में सिर्फ सलमान खान ही फिट बैठेगे यदि वो ना करते   है तो हम यह फ़िल्म  नही बना  पायेगे। यह सुन  कर मुझे बहुत  बुरा लगा। खेर 2012 में जब  मेरी  मुलाकात सलमान से हुई, फिर  एक दिन  उनकी गाड़ी में बैठ यशराज से लेकर गैलेक्सी, लगभग 40 मिनट के सफर  के दौरान मैनें जब सलमान को सुल्तान की कहानी  बयान की तो कुछ पल चुप रहकर सलमान ने कहा -“ठीक  है मै यह फ़िल्म जरूर करूंगा, लेकिन मै 50 वर्ष का हो जाऊंगा तब यह फ़िल्म शूट करूंगा। मैनें तुरंत उनसे पूछा -अभी आप कितने साल के है? सलमान -अभी मै केवल 48 साल का हूँ। और जब सलमान 50 वर्ष के हुए, प्रेम रतन फ़िल्म के तुरंत बाद उन्होंने सुल्तान की तैयारी करनी शुरू कर दी। सलमान ने अभूतपूर्व मेहनत की है इस किरदार के लिए।

Salman khan with Ali Abbaz Zafar
Salman khan with Ali Abbaz Zafar

कहानी क्या है सुल्तान की ?

यह एक ऐसे पहलवान की जीवनी है जो मैनें एक आम आदमी  को जहन में रख कर  लिखी है। किसी एक की जीवनी पर निर्धारित नही है यह कहानी  हर आम अदमी के जीवन में घटती है। ड्रल में कोई भी स्पोर्टी उसी तरह से होता है जिस में अदमी की कभी हर या कभी जीत होती है। और पहलवानी में यदि आदमी ज़मीन पर  चीत गिर जाए तो फिर उसे  संभल के दोबारा उठाना पडता  है, जिस तरह जीवन में उतार चढ़ाव  देखने मिलता है सुल्तान की भी अपनी ही एक भावुक  कहानी है। किसी  भी स्पोर्टमैन की तरह हम सभी जीवन में गिर कर संभलते है।

सुल्तान फ़िल्म  का पहला सीन फिल्माने के बारे मैं कुछ बतलायें

सलमान के साथ मै उनके फार्म हाउस में 15 दिन तक साथ में रहा सो मेरी और  उनकी ट्यूनिंग बहुत अच्छी हो गयी थी। किंतु जब मैनें लगभग 6000 लोगों  के सामने लंगोट में शॉट देने  को कहा  तो पहले तो उन्होंने सीधे सीधे मना ही कर दिया। यह शॉट मैने आदित्य के साथ भी  चर्चा कर लिया था, फिर कुछ समय बाद सलमान यह शॉट देने  को राजी हो गए। पर सलमान ने मुझे हिदायत दी यदि कोई भी मुझे देख कर चिलाया तो मै शॉट नही दूँगा। मैनें सभी  को समझा दिया कि सलमान के आने पर कोई न चिल्लाये। जैसे ही सलमान टॉवल पहन ओशो की तरह ग्राउंड पर आये सब चुप थे। इस पर सलमान खुद बोले “क्या मेरी बॉडी किसी को पसंद  नही आई? किंतु जैसे ही उठा-पटक हुई औऱ  लोगो ने चिल्लाया सलमान  की चाल  में ऐसा फर्क  आया कि उस शॉट को मॉनिटर पर देख वो खुद भी मंत्र- मुग्ध हो गये। यह पहला शॉट है जो ट्रेलर में भी है।  बस इसके बद सलमान को लंगोट में अखाड़े में पहलवानी करने में कोई हिचक नही लगी।

Salman khan
Salman khan

सलमान को आप कैसे  परिभाषित करोगे? 

सलमान बहुत ही ईमानदार व्यक्ति  है। यही करण है कि   उनके फैंस उनसे कनेक्ट हो पाते  है। सलमान कभी अपनी जुबान से फिरते नही है। यदि वो कमिटमेंट कर देते है तो उस को किसी भी कीमत पर पूरा करते  है।

सुल्तान औऱ दंगल में कोई प्रतियोगिता देखते है आप ?

जी नही जब मुझे मालूम हुआ  कि दंगल भी  बन रही है तो मैनें उसके निर्देशक से बात की थी औऱ  हमने  कहानी भी शेयर की। हम दोनो की कहानी बिकुल ही अलग है। दंगल पिता औऱ  पुत्री की कहानी है, जबकि सुल्तान एक आम आदमी  के जीवन के उतार-चढ़ाव  की कहानी है।

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Mayapuri