INTERVIEW: सिया का किरदार निभाना सबसे बड़ी चुनौती रही – सना खान

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गैर फिल्मी व रूढ़िवादी मुस्लिम परिवार से आकर बॉलीवुड में सफलता पाना आसान नहीं होता है। सना खान के लिए भी बॉलीवुड से जुड़ना काफी कठिन रहा। कई विज्ञापन फिल्में करने के बाद सना खान ने दक्षिण भारत में करीबन पंद्रह फिल्मों में अभिनय कर जबरदस्त शोहरत बटोरी। इस बीच उन्होंने हिंदी फिल्म ‘हल्ला बोल’ में  छोटा सा किरदार निभाया। पर जब वह ‘बिग बॉस’ पहुॅची, ते सलमान खान के साथ उनके अच्छे संबंध बन गए, जिसकी वजह से फिल्म ‘जय हो’ में सना खान को एक छोटा-सा किरदार निभाने का अवसर मिला। मगर इससे भी सना खान के बॉलीवुड के करियर पर असर नहीं पड़ा। अब वह टी-सीरीज र्निमित तथा लेखक व निर्देशक विशाल पंड्या की फिल्म ‘वजह तुम हो’ से बतौर हीरोईन बॉलीवुड में कदम रख रही हैं, जिसमें उनके हीरो गुरमीत चौधरी हैं।

दक्षिण भारत में कई सफल फिल्में करने के बाद आपने ‘जय हो’ में मंत्री की बेटी का छोटा सा किरदार क्यों निभाया?

आपको लगता है कि वह छोटा सा किरदार था। पर हर इंसान या यूं कहें कि कलाकार की अपनी पसंद होती है। कई बड़ी बड़ी फिल्मों में भी बडे़ कलाकार भी गेस्ट अपियरेंस या छोटा किरदार करने आ जाते हैं। हम इस तरह के छोटे किरदार निर्देशक या उस फिल्म से जुडे़ किसी कलाकार के साथ अपने रिश्ते या दोस्ती निभाने के लिए करते हैं। ‘बिग बॉस’ करते हुए मेरी व सलमान खान की जो ट्यूनिंग बनी थी, उसी के चलते उनके कहने पर मैंने फिल्म ‘जय हो’ की थी। ‘जय हो’ हीरोइन वाली फिल्म भी नहीं थी। मुझे यह बात पहले से पता थी। मैंने सलमान खान के साथ अपने अच्छे संबंधों का निर्वाह किया था।sana-khan-2

‘जय हो’ का आपके करियर पर क्या असर पड़ा?

कोई असर नहीं हुआ। ना अच्छा ना बुरा। मैं हमेशा उस काम को करने में यकीन करती हूं, जो अच्छा ना करें तो बुरा भी ना करें।मेरे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि ‘जय हो’ की रिलीज के बाद कई लोगों ने कहा कि ‘जय हो’ में डेजी शाह की बजाय सना खान को हीरोइन लेना चाहिए था। यहां तक कि ‘जय हो’ से जुडे़ लोगों ने भी यही बात कही। यह सुनकर मुझे बड़ा अच्छा लगा। उसके बाद मैंने अच्छी फिल्म के लिए इंतजार किया। ‘बिग बॉस’ में जाने से मुझे जो शोहरत मिली थी, उसको भुनाने के लिए मुझे जो भी ऑफर मिले, आँख मूंदकर मैंने वह ऑफर स्वीकार नहीं किए। देखिए,कुछ अच्छा करने के लिए समय लगता है। मैंने वह समय दिया। इसी के चलते आज मैं टी सीरीज के सफलतम निर्देशक विशाल पंड्या निर्देशित फिल्म ‘वजह तुम हो’ में हीरोईन बनकर आई हूं।

तो क्या फिल्म ‘जय हो’ के ही कारण आपको फिल्म ‘वजह तुम हो’ मिली?

मुझे पता चला कि टी-सीरीज नई फिल्में शुरू कर रहे हैं। तो मैंने टी-सीरीज के भूषण कुमार से मुलाकात की। उसी वक्त वहां पर फिल्म ‘वजह तुम हो’ के लेखक व निर्देशक  विशाल पंड्या से भी मुलाकात हुई। मुझे इससे पहले फिल्म ‘हेट स्टोरी 3’ का भी ऑफर दिया गया था, पर उस वक्त मैंने मना कर दिया था। उस वक्त मैं बोल्ड फिल्म करने के लिए तैयार नहीं थी। इस बार जब मैंने ‘वजह तुम हो’ के लिए बात की, तो उन्होंने कहा कि आप बोल्ड फिल्म करेगी, मैंने कहा कि कहानी में नयापन नजर आया, तो जरुर कर लूंगी। फिर यह कोई निचले दर्जे का निर्देशक नहीं निर्देशित कर रहा था। विषाल पंड्या इससे पहले ‘हेट स्टोरी 2’ और ‘हेट स्टोरी 3’ जैसी सफलतम फिल्में निर्देशित कर चुके हैं।

फिल्म ‘वजह तुम हो’ के अपने किरदार को लेकर क्या कहेंगी?

मैंने इस फिल्म में सिया नामक एक वकील का किरदार निभाया है। जो कि एक चैनल की कानूनी सलाहकार है। इस चैनल के मालिक के किरदार में रजनीश दुग्गल हैं। हमारे चैनल को ही हैक कर उस पर मर्डर दिखाया जाता है। वकील के तौर पर मैं यह पता लगाने की कोशिश करती हूं कि यह हत्यारा कौन है? वह मेरे ही चैनल को हैक कर उस पर लाइव मर्डर क्यों दिखा रहा है?sana-khan_wajah-tum-ho

सिया का किरदार आपकी निजी जिंदगी से कितना अलग है?

मैं निजी जिंदगी में जिस तरह की हूं, उससे एकदम विपरीत है यह किरदार। मैं निजी जिंदगी में बहुत क्यूट और बबली गर्ल हूं। लोगों ने मुझे ‘बिगबॉस’ में देखा है। अब मैं लोगों को बताना चाहती हूं कि अभिनय के मैदान में मैं कितनी अलग हूं। इसके अलावा जो निजी जिंदगी में नहीं हूं, उसे पर्दे पर साकार करना मेरे लिए चुनौती थी।

‘वजह तुम हो’ में आपके बोल्ड दृष्य काफी चर्चा में है?

मेरी समझ में नहीं आ रहा है कि लोग मेरे नाम पर इतना षोरगुल क्यों मचा रहे हैं। मैंने तो इस फिल्म में दूसरी अभिनेत्रियों के मुकाबले कुछ भी नहीं किया। क्या आपने फिल्म ‘पार्च्ड’ नहीं देखी। इस फिल्म में ‘ए’ ग्रेड की बड़ी अभिनेत्रियों ने जिस तरह के अति बोल्ड दृश्य किए हैं, उनके मुकाबले मेरे दृष्य बेमानी हो जाते हैं, पर उन्हें कोई कुछ नहीं कहता। मैंने तो सिर्फ पटकथा व किरदार की माँग को पूरा करते हुए अभिनय किया है। हमें हर हाल में फिल्म के अंदर उस किरदार में बने रहना होता है।

तो आप इंटीमसी के सीन करने के लिए तैयार हैं?

आप अजीब बात कर रहे हैं? क्या आपको लगता है कि इस तरह के दृश्यों को करना मेरा शौक है। क्या किरदार के साथ न्याय करना अपराध है। हमारी फिल्म ‘वजह तुम हो’ में पैशिनेट दृश्यों को बहुत ही साफ सुथरे तरीके से दिखाया गया है। कुछ समय पहले प्रदर्शित एडल्ट कॉमेडी वाली फिल्मों में तो इस तरह के दृश्यों को बहुत ही ज्यादा अश्लील तरीके से दिखाया गया था, उस पर तो किसी ने कुछ नहीं कहा। अब हम शरारा पहनकर तो फिल्म के अंदर प्यार के दृश्यों में अभिनय नहीं कर सकते। मुझे पाखंड पसंद नहीं।sana-khan_

पर ‘वजह तुम हो’ तो एक इरोटिक फिल्म है?

पूरी फिल्म सिर्फ इरोटिज्म पर नहीं है। यह एक रोमांचक इरोटिक फिल्म है। जिसमें एक सुंदर कहानी है।

अब आपका संघर्ष खत्म हो गया?

नहीं..एक कलाकार का संघर्ष कभी खत्म नहीं होता। सफलता पाने के लिए भी हर फिल्म में कुछ नया करना उसके लिए संघर्ष ही होता है। संघर्ष का स्वरूप बदलता रहता है।

आइटम नंबर को लेकर क्या सोच है?

मुझे आइटम नंबर करने से भी परहेज नहीं है।

कोई दूसरी फिल्म?

एक फिल्म ‘टॉम डिक हैरी’ कर रही हूँ।


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Mayapuri

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