कवि बने बॉलीवुड के मुन्नाभाई

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बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त यरवदा सेंट्रल जेल से रिहा हो कर लौट आए है। इतने साल उन्होंने जेल में अपनी जिंदगी के तजुर्बें को लिखने में खुद को व्यस्त रखा। अब इन अनुभवों ने एक बुक का रूप ले लिया है। इसके अलावा संजय ने बेंत के सामान, पेपर बैग भी बनाये व रेडियो जॉकी भी बने। संजय दत्त ने दो जेल में दो कैदियों के साथ मिलकर 500 से अधिक शेर लिखे हैं। अब वह अपने इस काव्य संग्रह को ‘सलाखें’ नाम की एक किताब के रूप में प्रकाशित करवाना चाहते हैं। इस बारे में उन्होंने कहा कि ‘मैंने कुछ लिखा है और मैं इसे किताब ‘सलाखें’ के रुप में जारी करूंगा, हम इसे कुछ प्रकाशकों को दिखाएंगे। जिशान कुरैशी, समीर हिंगल नाम के दो कैदियों के साथ मैंने 500 शेर लिखे हैं। वे दोनों रेडियो स्टेशन में मेरे साथ थे। ये सभी शेर हिंदी में लिखे गए हैं। 500  में से उन्होंने करीब 100 शेर लिखे हैं।’


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Mayapuri

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