सरोज खान

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डांसिंग क्वीन्स की डांसिंग गुरु -सरोज खान

सरोज खान का जन्म 22 नवम्बर 1948 को सबसे प्रमुख न्रत्य कोरियोग्राफर्र है। उन्होने 200 से भी अधिक फिल्मो मे काम किया है।सरोज खान का असली नाम निर्मला है व सरोज खान की माँ और पिताजी का नाम क्रिश्छन्द् साधु सिंह और नोनी साधु सिंह था।

सरोज खान के नाम के पीछे खान आने की वजह ये भी थी की इन्होंने मुस्लिम व्यक्ति से शादी की थी लेकिन उन्होंने पाकिस्तान के शो में ये कहा था की इस्लाम उन्होंने शादी से बहुत पहले ही कबूल कर लिया था । सरोज खान दो शादियां हो चुकी हैं पहली शादी तेरह साल कि उम्र मे उन्होने बी सोहनलाल से की थी जो की उस समय के एक प्रसिद्ध नृत्य गुरु थे व सरोज ने चौदह साल की उम्र में अपने पहले बच्चे हामिद खान को जन्म दिया, जो अब राजू खान के नाम से एक प्रसिद्ध कोरियोग्राफर है और बाद में एक बेटी हिना खान (कोयल) भी हुई । लेकिन ये रिश्ता ज़्यादा न चल सका और १९६५ में वह सोहनलाल से अलग हो गई, लेकिन उनके सहायक के रूप में काम करती रही थी।सरोज खान की दूसरी शादी  सरदार रोशन खान के साथ हुई  और उन्होंने सुकय्ना खान नाम की एक बेटी को जन्म दिया। जो अब दुबई में एक डांसिंग इंस्टिट्यूट चलाती है।

उन्होंने अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत 4 साल की उम्र में एक बाल कलाकार के रूप में ‘नज़राना’ फिल्म से और उसके साथ 1950 के एक बैकग्राउंड डांसर के तोर पर शुरू किया था ।उसके बाद उन्होंने उस समय की मसहूर कोरियोग्राफर बी. सोहनलाल के अंडर डांस सीखना शुरू किया और फिर धीरे धीरे खुद भी कोरियोग्राफ करने लगी।सरोज खान को उनका पहला ब्रेक 1974 की फिल्म ‘गीता मेरा नाम’ से मिला। लेकिन उन्हें बॉलीवुड में पहचान बनने में काफी साल लग गए और फिर सरोज खान को प्रसिद्धि मिलि ‘नगीना’ फिल्म के सांग “मैं तेरी दुश्मन” से ।सरोज ने उसके बाद दो महान अदाकाराओं के लिए कोरियोग्राफ किया जिनके साथ सरोज की जोड़ी बहुत बानी पहली श्री देवी और दूसरी डांसिंग क्वीन माधुरी दिक्षित ‘तेज़ाब’ फिल्म के सांग ‘एक दो तीन’ ने तो उन्हें बहुत मशरूफ कर दिया उसके बाद सरोज खान ने कई गाने कोरियोग्राफ किये और उन्हें कई पुरस्कार भी मिले जैसे – राउडी राठौर (२०१२),एजेंट विनोद (२०१२),खट्टा मीठा (२०१०),दिल्ली -६ (२००९),जब वी मेट (२००७) (बेस्ट नृत्यकला के लिए राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार जिता है।),नमस्ते लंदन (२००७)

गुरु (२००७) (सर्वश्रेष्ठ नृत्यकला के लिए फिल्मफेयर अवार्ड जिता है।),धन धना धन गोल (२००७),सांवरिया (२००७),डॉन – द चेस बिगिन्स अगेन (२००६),फना (२००६),वीर-जारा (२००४),स्वदेश (२००४),कुछ ना कहो (२००४)साथिया (२००२)देवदास (२००२) (सर्वश्रेष्ठ नृत्यकला के लिए फिल्म फेयर पुरस्कार और राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता है),फिजा (२०००),ताल (१९९९),हम दिल दे चुके सनम (१९९९)(सर्वश्रेष्ठ नृत्यकला के लिए फिल्म फेयर पुरस्कार और राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार और अमेरिकी नृत्यकला अवार्ड जीता है),मैं और प्यार हो गयाप (१९९७),परदेस (१९९७),इरुवर (१९९७) (तमिल),दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे (१९९५),याराना (१९९५),मोहरा (१९९४),अंजाम (१९९४),बाजीगर (१९९३),आईना (१९९३),डर (१९९३),बीटा (१९९२),आवारगी (१९९०),सैलाब (१९९०),चांदनी (१९८९),तेजाब (१९८८),मिस्टर इंडिया (१९८७),नगीना (१९८६) हीरो (१९८३) गुलाब गैंग, तनु वेड्स मन्नू आदि ।

फिल्म प्रोजेक्ट्स के अलावा इन्होंने कई टीवी शोज भी किये जैसे- नच बलिये 2005 , उस्तादों का उस्ताद”2008 शो नचले वे विथ सरोज खान, बूगी वूगीए, झलक दिख्हल जा २००९,नचले वे विथ सरोज खान ।और इस समय सरोज खान एक हॉलीवुड मूवी में कोरियोग्राफ कर रही हैं जिसका नाम अभी तक पता नहीं चला है ।


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Mayapuri

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