30 साल बाद भी सत्यजीत रे की कहानियों में है भरपूर दम

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पाथेर पांचाली, अपराजितो, देवी और महानगर जैसी कल्ट क्लासिक आर्ट फिल्म्स बनाने वाले सत्यजीत रे को आज गुज़रे हुए तकरीबन 30 साल हो चुके हैं पर उनकी कहानियों में सत्यता आज भी बनी हुई है।

OTT के सबसे बड़े प्लेटफॉर्म Netflix पर हाल ही में रिलीज़ हुई चार कहानियों की एक छोटी सी सीरीज़ Ray, सत्यजीत रे की कहानियों पर बनी है। इन चार कहानियों के नाम क्रमशः फॉर्गेट मी नॉट, हंगामा है क्यों बरपा, बहरूपिया और स्पॉटलाइट हैं।

इसमें अली फ़ज़ल, मनोज बजपायी, गजराज राव, के के मेनन, हर्षवर्धन कपूर, राधिका मदान, श्वेता बासु, रघुवीर यादव, मनोज पाहवा, राजेश शर्मा, बिदिता बेग आदि हैं। इस सीरीज़ की चार कहानियाँ चार बिल्कुल अलग अलग रंगों में बनी हैं। इन चार में से दो कहानियाँ श्रीजीत मुखर्जी ने डायरेक्ट की हैं और एक एक वसन बाला और उड़ता पंजाब फेम अभिषेक  चौबे ने की है।

इन चारों कहानियों में मनोज बजपायी और गजराज राव की हंगामा है क्यों बरपा, सबसे ज़्यादा पसंद की जा रही है। हैरानी की बात तो ये है कि लोग गजराज राव को मनोज बजापायी पर भारी बता रहे हैं। हालाँकि दोनों एक्टर्स इतने स्ट्रॉंग हैं कि दोनों की तुलना ही बेमानी है। फिर भी अबतक अगर आपने Netflix की सीरीज़ Ray नहीं देखी है तो एक बार देखनी तो बनती है।

 

सिद्धार्थ अरोड़ा ‘सहर’


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