सर्विस वाली बहु: नए युग की दहेज प्रथा के खिलाफ एक आवाज

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Kratika Sengar at the launch of Service Wali Bahu in Delhi
सामाजिक रूप से एक जिम्मेदार प्रसारक के रूप में ज़ी टीवी ने दर्शकों के समक्ष हमेशा ऐसी कहानियां प्रस्तुत कीं जो समय-समय पर प्रचलित विचारधारा को चुनौती देती हैं, नए सिरे पेश करती हैं, संवाद के रास्ते खोलती हैं और ज्वलंत सामाजिक मुद्दों के प्रति दर्शकों को जागरूक बनाती हैं। उम्मीद के अपने मूल वाक्य पर खरा उतरते हुए इस चैनल ने ऐसे ही मुद्दों को उठाते अपने शोज के जरिये समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सफलता पाई है। चाहे वह पुनर्विवाह हो,  अगले जनम मोहे बिटिया ही कीजो हो, सात फेरे हो या फिर अफसर बिटिया, इनमें से हरेक शो ने एक प्रभावी संदेश दिया है। इन शोज ने पुनर्विवाह, लड़कियों की तस्करी और एक असफल शादी से बाहर निकलने जैसे मुद्दों को छुआ है, साथ ही लड़कियों के काले रंग, बालिका शिक्षा और नारी सशक्तिकरण जैसे विषयों को भी बखूबी प्रस्तुत किया है।
यह चैनल अब अपने दर्शकों के समक्ष उम्मीद और प्रेरणा की एक और कहानी लेकर आया है। आज जहां एक समाज के तौर पर हमने काफी तरक्की की है और दहेज जैसे कुछ रूढ़िवादी रीति रिवाजों को काफी हद तक किनारे किया है, वहीं देश के कई भागों में सच्चाई कुछ और ही है। भले ही दहेज की मांग अब खुले आम नहीं होती लेकिन अब यह मांग अब एक नए तरीके से सामने आ रही है जिसमें लड़के वालों के परिवार को एक ‘सर्विस वाली बहू‘ की तलाश होती है, जो शादी के बाद अपनी आय से ससुराल वालों की आर्थिक सहायता करे। ज़ी टीवी पर शुरू होने जा रहे नए प्राइम टाइम ड्रामा में पायल राय के दिलचस्प प्रकरण के जरिये समाज की इसी कुरीति को सामने लाया जा रहा है। पायल एक ‘सर्विस वाली बहू‘ के रूप में अपने ससुराल वालों के बीच फंसी हुई है। इस शो का प्रमुख उद्देश्य लोगों में जागरुकता फैलाकर समाज की इस अस्वस्थ प्रथा को मिटाना है। ज़ी टीवी की अगली पेशकश ‘सर्विस वाली बहू’ का प्रीमियर 23 फरवरी को होगा और इसका प्रसारण हर सोमवार से शनिवार शाम 6.30 बजे किया जाएगा।
जमशेदपुर के छोटे से शहर की पृष्ठभूमि पर आधारित यह शो पायल राय के सफर पर केन्द्रित है जो अपने समाज के नियमों से परे जाकर अपने लिए उच्च शिक्षा हासिल करती है और बाहर काम भी करती है। खुशकिस्मती से पायल को उसके परिवार का भी समर्थन मिलता है जो अपनी उपलब्धियों से अपने माता-पिता को गर्व से भर देती है। पायल एक पारंपरिक भारतीय महिला की सच्ची भावनाओं और ताकत का प्रतीक है। जहां एक ओर वह महत्वाकांक्षी है, वहीं दूसरी ओर उसने अपने पारिवारिक मूल्यों को सहेजकर रखा है। अपनी शिक्षा और सीख के जरिये अपने लिए एक अच्छा करियर बनाने वाली पायल की अपने सपनों के राजकुमार और उसके परिवार को लेकर कुछ खास अपेक्षाएं हैं! ऐसे में क्या होगा जब आत्मविष्वास से भरी और अपने करियर में सफल इस लड़की का सामना एक ऐसे परिवार से होगा जिसे शिद्दत से एक ‘सर्विस वाली बहू‘ की तलाश है? विलेज बॉय प्रोडक्शन्स के निर्माण में बना ‘सर्विस वाली बहू’ पायल की उम्मीदों की प्रेरणा भरी कहानी  है। वह खुद के बल पर बड़ी उपलब्धि हासिल करने वाली बेटी है जिसने हमेशा अपने मां-बाप का सिर गर्व से ऊंचा किया है। आगे चलकर वह नए जमाने की दहेज प्रथा का शिकार हो जाती है जहां उसके सास-ससुर उसे कमाई का एक स्थायी जरिया मानते हैं। क्या पायल अपनी बुद्धिमानी और अपने अदम्य साहस से अपने पति का विरोध किए बगैर अपने सास-ससुर के भीतर विवेक जगा पाएंगी?
इस शो में अनेक प्रतिभाशाली कलाकार हैं। ज़ी टीवी के सफल ऐतिहासिक शो ‘झांसी की रानी‘ में रानी लक्ष्मी बाई के साहसी किरदार और एक अन्य शो ‘पुनर्विवाह‘ में अपनी दूसरी शादी के जरिये खुशियों की तलाश करने वाली एक तलाकशुदा औरत आरती की जबर्दस्त भूमिका से दर्शकों की वाह वाही पाने वाली एक्टर कृतिका सेंगर अब ज़ी टीवी पर ‘सर्विस वाली बहू‘ बनकर लौट रही हैं। एक सशक्त और साहसी महिला के अनेक रूपों को बखूबी प्रस्तुत करने के बाद अब यह प्रतिभाशाली अभिनेत्री ज़ी टीवी के आगामी शो में एक और प्रभावी भूमिका निभाते नजर आएंगी। ‘अगले जनम मोहे बिटिया ही कीजो‘ जैसे सफलतम शो में मेन लीड निभाने के बाद अभिषेक रावत अब एक बार फिर ज़ी टीवी पर वापसी कर रहे हैं। अभिषेक इस शो में देव का किरदार निभाएंगे। वे कृतिका के अपोजिट प्रमुख भूमिका में हैं। शो में अन्य प्रमुख कलाकारों में जानी-मानी भोजपुरी अभिनेत्री अक्षरा सिंह पायल की ननद गुलकंद के रूप में नजर आएंगी। गुलकंद के चालाक और शातिर पति अयोध्या की भूमिका निभाएंगे विनीत कुमार। अतुल श्रीवास्तव और प्रतिची मिश्रा, देव के पिता जोगेश्वर और मां संतोषी प्रसाद के रोल में नजर आएंगे। पायल के पिता भुवनेश्वर के रोल में हैं रमाकांत दायमा जबकि मां इंदु राय की भूमिका निभा रही हैं मीना मीर।
ज़ी टीवी के प्रोग्रामिंग हेड नमित शर्मा ने कहा, ‘‘सर्विस वाली बहू ऐसे विषय को छूता है जो इससे पहले भारतीय टेलीविजन पर कभी नहीं दिखाया गया। इस शो का उद्देश्य समाज में उभर रही कुप्रथा के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाना है। हम चाहते हैं कि लोग इस सच पर भी गौर करें कि हमारा सामाजिक विकास जरूर हुआ है लेकिन सही मायनों में दहेज प्रथा बंद नहीं हुई है। अब यह प्रथा नए रूप में सामने आई है। हमारा उद्देश्य शादी के प्रति एक स्वस्थ मानसिकता को बढ़ावा देना है, जिसमें दोनों ओर से नेक पहल हो। शादी किसी आर्थिक लाभ के चलते बनाया गया बंधन नहीं होना चाहिए। देश में मौजूद असंख्य महिलाएं पायल के उम्मीद और दृढ़ इच्छाशक्ति के सफर से खुद को जोड़ सकेंगे, जिसमें वह  ‘सर्विस वाली बहू’ के रूप में खुद को ढालने के बजाय अपने सास-ससुर का विरोध करती है। तेजी से बढ़ते इस चलन के प्रति लोगों को जागरूक बनाकर यह शो इस कुरीति के खिलाफ आवाज उठाएगा और लोगों में शादी के प्रति सही रुख स्थापित करेगा।’’
विलेज बॉय प्रोडक्शन्स के राकेश पासवान ने कहा, ‘‘ज़ी टीवी के साथ काम करना परिवार में लौटने जैसा है क्योंकि हमने साथ मिलकर पहले भी अफसर बिटिया और दुल्हन जैसे सफल शोज पेश किए हैं। जहां अफसर बिटिया में नारी सशक्तिकरण की बात कही गई थी और औरतों के लिए शिक्षा और करियर का महत्व बताया गया था, वहीं हमारी नई पेशकश ‘सर्विस वाली बहू’ उस मानसिकता पर सवाल करती है जिसमें एक करियर वाली महिला के कमाने की क्षमता के चलते उसका शोषण करने की भावना शामिल होती है। शो की अभिनव संकल्पना और इसके प्रस्तुतिकरण का उद्देश्य शादी के प्रति लोगों के रुख पर सवाल उठाना है। हमारे पास शानदार कलाकार हैं जो यह सधे हुए किरदार निभाएंगे… हमें उम्मीद है कि यह शो अपनी विचारोत्तेजक प्रस्तुति, दिलचस्प कहानी और मिलती-जुलती परिस्थितियों के चलते दर्शकों से जुड़ जाएगा।’’


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Mayapuri

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