स्टारडम के बारे में क्या सोचता है बॉलीवुड का बादशाह ?

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आप शाहरुख से बात करें और मन में मीठी यादें लेकर ना उठें, ऐसा हो ही नहीं सकता। जैसे ही शाहरुख खान कुछ चुनिंदा मीडिया कर्मियों के साथ फॉर्मल बातचीत करने बैठे, तो न केवल अपनी हाजिर जवाबी एवं व्यंग्य से हमें मन्त्र मुग्ध कर गए, बल्कि हमारे दिल में अपने लिए ढेर सारी और प्यारी भावनायें जगा गए।

आपकी फिल्म ‘डर’ ने आपको ओवरसीज में बहुत प्रचलित किया और वितरक आपकी फिल्म तुरंत हाथों हाथ ले लिया करते। इस सवाल पर किंग खान हंस कर बोले, “इसीलिए तो मेरी पिछली फिल्म जो यहाँ नहीं चली ओवरसीज फैंस ने मुझे बचा लिया।”

आपकी ख़ास विश क्या है, जिंदगी के इस पड़ाव पर ?

जहाँ तक बर्थ डे विश की बात है तो पहले कभी मैं विश करता था कि ख़ूब अच्छा काम करूँ पैसे कमाने की विश थी  नाम कमाने की विश थी लेकिन अब बच्चों के लिए विश करता हूँ, कि बस मेरे बच्चे हेल्थी रहे वे अच्छे से रहे। वो नाम कमाएं या पैसा ऐसी विश नहीं है ।

गिफ्ट आपको कितने पसंद हैं?

मुझे  हमेशा से गिफ़्ट मिलने पर बड़ी ख़ुशी होती थी। तब बचपन में बर्थ डे घरवालों के साथ मनाता था आज कल बर्थ डे फ़ैमिली और फ़्रेंड्ज़ के अतिरिक्त फैंस  के साथ भी मनाता हूँ ।आज मुझे लगता है, फ़ैमिली के अलावा अपनी हर ख़ुशी अपने फैंस  और मीडिया के साथ भी शेयर करूँ।

मेरा ऐसा मानना है  हम लोग ने हमेशा साथ साथ काम किया है हम सब एक ही फ़ैमिली के हो गए है, मैंने अगर ऐक्टिंग करी है तो आपने उसे लिखा है। मैं परदे पर काम करता हूँ, तो आप परदे के बारे में लिखते हैं, दर्शकों ने उसे देख कर सराहा है, मुझे बेइनतहां मोहब्बत दी है तो मेरी कोशिश होती है कि कुछ

 समय साथ बिताए स्टारडम, आपके मुताबिक क्या है?

स्टारडम क्या होता है या कैसे स्टारडम मिलता मुझे ज़रा भी आभास नहीं है। इस बारे में मैंने पहले कभी भी नहीं सोचा। ऐक्टिंग के शुरुआती दौर में तो बस हम काम करने में विश्वास रखते थे, तब कोई स्टारडम की बात भी नहीं करता था “बाज़ीगर” फ़िल्म कम्प्लीट होने के क़रीब डेढ़ साल बाद रिलीज़ हुई थी। आज तो फ़िल्म की शूटिंग शुरू होने से पहले ही स्टारडम आ जाता है। शायद तब का दौर ज़्यादा अच्छा था हम सिर्फ़ महनेत करते थे।

मेरा ऐसा मानना है कि ये स्टारडम भी सिर्फ़ एक ऐक्टर की महनेत का रिज़ल्ट नहीं है इसके पीछे बहुत सारे लोगों का हाथ होता है हम तो ऐक्टिंग कर देते हैं, फिर उस फ़िल्म में कई काम होते है।

वो सारे काम एक टीम वर्क की तरह किये जाते हैं। फिर फ़िल्म परदे पर फिल्म दिखाई जाती है तो स्टार डम आपकी अकेले की नहीं होती है उसके साथ आपका स्टाफ़ की महनेत भी होती है ।

क्या आप आज के बच्चों से भी कुछ सीखते हैं?

यह सही है कि जब हमारे बच्चे बड़े हो जाते है तो हम उनसे कुछ ना कुछ सिख ले ही लेते  है। आजकल के बच्चे तो बहुत स्मार्ट एवं  फोकसड होते है. वे अप फ़्रंट और आनेस्ट ज़्यादा है ।मैं भी अपने दोनो बड़े बच्चों आर्यन और सुहाना से एक स्ट्रेट फ़ॉर्वर्ड बात करना सीख रहा हूँ मेरा छोटा बेटा तो अभी बहुत छोटा है।

मैंने देखा है ये बच्चे आपस में एकदम साफ़ बात करते है किसी चीज़ के लिए मना  करने में भी बिलकुल हिचकिचाते नहीं है। मुझे तो किसी को माना करने में दो दिन लग जाते है. किंतु आज के  इन बच्चों में बहुत कॉन्फ़िडेन्स है ,अगर कोई मुझ से कह दे कि आज आपकी हेयर स्टाइल अच्छी नहीं लग रही तो मैं डिस्टर्ब हो जाऊँगा, उसे ठीक करने की कोशिश करूँगा लेकिन ये लोग छोटी छोटी बातों का बुरा भी नहीं मानते।

सीधे सीधे ही कह देते है पलट कर, तुझे नहीं अच्छी लग रही है मेरा हेयर स्टाइल तो क्या? मुझे यह पसंद है। मुझे लगता है कि आने वाली जनरेशन में  ईमानदारी ज़्यादा होगी।

आपके लिए पॉज़िटिव एनर्जी और लाइफ़ में बैलेन्स रखना कितना महत्वपूर्ण है?

जब आप अपने लाइक मायंडेड लोगों के बीच रहते है और जब आपको इतना प्यार मिलता है इतने लोग आपसे मिलने के लिए आते है आपको अच्छी अच्छी बातें कहते है तो पॉज़िटिव एनर्जी अपने आप आ जाती है। जब इंसान को उसके हक़ से ज़्यादा मिल जाए तब खुदा का शुक्रगुज़ार होना चाहिए और अपने आप को ज़मीन से जुड़ा रखना चाहिए क्यूँकि इंसान का दिमाग़ ख़राब होने में या सक्सेस सिर पर चढ़ने में समय नहीं लगता।

आपकी फ़ैमिली और अच्छी परवरिश भी ज़रूरी है जैसा कि आप सब जानते है मैं एक मिडल क्लास बैक ग्राउंड से हूँ इसलिए मेरे लिए फ़ैमिली वैल्यूज़ बहुत मायने रखता है। मैं अपने बच्चों से भी कहता हूँ कि ज़िंदगी में सिम्पल रहो जितना तुम सिम्पल रहोगे ज़िंदगी उतनी ही आसान होगी।

आपने अपनी पर्सनेलिटी डेवलप होते समय से किन चीज़ को महत्वपूर्ण पाया?

मैं हमेशा से हार्ड वर्क पर बिलिवकरता आया हूँ। मुझे हमेशा यही  लगता है कि हार्ड वर्क करोगे तो सब पॉसिबल हो जाता है। अगर दुखी हो तो महनेत करो आप सुखी हो जाओगे, परेशान हो तो काम करो सब प्रॉब्लम साल्व हो जाएगी। मैं तो अगर ज़्यादा थका हूँ तो और काम करने लगता हूँ और फ़्रेश फ़ील करता हूँ। मुझे तो हमेशा से यही सिखाया गया है कि महनेत करो तो अच्छा फल मिलेगा अभी कुछ दिन पहले एक परेशान दोस्त मिला था मैंने उस से भी कहा कि काम करो सब ठीक हो जाएगा।

मुझे हमेशा यही लगता है कि काम हर परेशानी का हल है। कई लोग कहते है कि बहुत काम कर लिया नाम पैसा काम सब कर लिया और पा लिया, अब क्यूँ इतनी महनेत करना ?लेकिन मेरे लिए काम करना बहुत ज़रूरी है अगर मैं काम ना करूँ तो बीमार हो जाऊँगा। मुझे काम करना अच्छा लगता है। मुझे काम करने की आदत है ।मैं अपने बच्चों से भी हार्ड वर्क करने को कहता हूँ। काम के लिए देखे तो मैं अभी और बेटर काम कर सकता हूँ  और बहतेर काम करना चाहता हूँ।

आज मैं जहाँ भी हूँ अपने हार्ड वर्क की वजह से हूँ और अब मैं जहाँ भी लेक्चर देने जाता हूँ चाहे ओवर सीज़ हो मैं आज की पीढ़ी हार्ड वर्क करने की बात ज़रूर कहता  हूँ। मुझे ख़ुशी है की आज की बीढ़ी मेहनती होने के साथ साथ ऑनेस्ट भी है और यहि एक वजह है जिससे उनकी एवं हमारे देश की तरक्की होगी। आज की ईधी हमारे देश का भविष्य है।

 


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Lipika Varma

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