शाहरुख के बॉडी डबल प्राशांत वाल्दे की फिल्म “प्रेमातुर” 6 अगस्त को सिनेमाघरो में आ गई है

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पिछले 15 वर्ष से षाहरुख खान के बॉडी डबल के रूप में काम करते रहे प्रषांत वाल्दे अब स्वतंत्र रूप से बतौर अभिनेता व निर्माता फिल्म “प्रेमातुर” लेकर आ रहे है, जो कि छह अगस्त को सिनेमाघरों में पहुंच गई है। वैसे सिनेमाघरो में प्रदर्षित होने से पहले फिल्म “प्रेमातुर” के लिए प्रशांत वाल्दे जर्मनी में पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं। टैगोर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला।जबकि इस फिल्म का प्रीमियर कांस फिल्म फेस्टिवल के एक विशेष खंड में हुआ।

“अनुग्रह एंटरटेनमेंट” के बैनर तले बनी फिल्म “प्रेमातुर” बॉलीवुड के बादशाह उर्फ अभिनेता शाहरुख खान को समर्पित है। प्रेमातूर एक थ्रिलर हॉरर रोमांस है, जिसमें प्रशांत वाल्दे, हेता शाह, कल्याणी कुमारी, श्रीराज सिंह, अमित सिन्हा, शांतनु घोष, वीर सिंह और विद्या कुमारी की अहम भूमिकाएं हैं। फिल्म के निर्देषक सुमित सागर, निर्माता प्रशांत वाल्दे,सह निर्माता शांतनु घोष, कहानी, पटकथा व संवाद लेखक प्रशांत वाल्दे, गीतकार व संगीतकार नितिन रायकवार, पाष्र्वसंगीतकार अरसलान शेख, कैमरामैन पप्पू सिंह राजपूत,एडीटर गुरजेंट सिंह और नृत्य निर्देषक विवेक शर्मा हैं।

डरावनी  फिल्म “प्रेमातुर” में सोनिया के पास कोई अलौकिक शक्ति है। राहुल और सोनिया पूजा और अर्जुन से दोस्ती करने की कोशिश करते हैं, लेकिन अर्जुन उन पर बहुत बुरे और भूतिया तरीके से चिल्लाते हैं। गुब्बारा विक्रेता के साथ संरक्षण के दौरान, उन्हें एक भूत के बारे में पता चलता है, जो महिलाओं की चोटी काटकर उन्हें मार देता है। अगले दिन सोनिया अपने कमरे में अकेली थी,उसने किसी की पायल की आवाज अपनी ओर आते हुए और उसका दरवाजा पीटते सुना। वह कांपती आवाज में राहुल को मदद के लिए पुकारती है। लेकिन राहुल उसे बचाने के लिए आता, उससे पहले ही वह  सड़क पर नंगे पांव चलने लगती है। यहां तक कि वह खुद को भी मारने की कोशिश करती है। बाद में वह बताती है कि घटना के बारे में नहीं जानती।वह तो भयभीत और थकी हुई थी।

दूसरे दिन सोनिया आईने के पास बेसमेंट में मिलती हैं। पहले तो राहुल को उसकी बात पर विश्वास नहीं हुआ, लेकिन बाद में वह अलौकिक शक्ति से छुटकारा पाने के लिए उसे बाबा के पास ले गया। बाबा आते हैं और एक शीशा ढूंढते हैं और राहुल को इसे तोड़ने के लिए कहते हैं। उन्होंने शीशा तोड़कर किसी भूत या आत्मा को उड़ते देखा। वह सोनिया की तलाश करते रहे और हवेली में एक गुफा के बारे में पता चला जहां सोनिया थी। अर्जुन देवी को अपना बलिदान देने की कोशिश कर रहा था। बाबा आते हैं और अर्जुन से उसके कामों का उद्देश्य पूछते हैं और फिर अर्जुन और पूजा की दुखद प्रेम कहानी शुरू होती है। अंत में एक उच्च वोल्टेज नाटक के बाद बुराई पर अच्छाई की जीत होती है।

अभी तक महाराष्ट्र सहित कुछ राज्यों में सिनेमाघर खुले नही है,फिर भी अपनी फिल्म “प्रेमातुर” को प्रदर्षित करने पर प्रशांत वाल्दे ने कहा- “माना कि कुछ राज्यों में सिनेमाघर नही खुले हैं।मगर देष के अधिकांश हिस्सों में सिनेमाघर खुल गए है। बाकी राज्यो में भी जल्द षुरू हो जाएंगे। पर हम अपने दर्षकों को अब और इंतजार नही कराना चाहते। विष्व स्तर पर हमारी फिल्म को जिस तरह से दर्षकों ने पसंद किया है, उससे हम उत्साहित हैं। हम अपनी फिल्म ‘प्रेमातुर’ को सिनेमाघरो में रिलीज कर दर्शकों के मन से भय को दूर कर उन्हें मनोरंजन देना चाहते हैं। हमें उम्मीद है कि हाॅरर, सस्पेंस और रोमांस का कॉम्बीनेशन दर्शकों को पसंद आएगा। क्योंकि लंबे समय के बाद फिल्म थिएटर में रिलीज होगी। हमें विश्वास है कि दर्शक निश्चित रूप से हमारी फिल्म पर प्यार बरसाएंगे।”

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Mayapuri