अफवाहो के घेरे में शर्मिला टैगोर

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sharmila-tagore

 

मायापुरी अंक 12.1974

यूं अभिनय के लिए शर्मिला टैगोर का नाम मीना कुमारी। नरगिस वहीदा रहमान और नूतन आदि अभिनेत्रियों के साथ लिया जा रहा है लेकिन अफवाहों के मामले में शर्मिला इन सबसे आगे रही है। इसकी एकमात्र वजह यही कही जा सकती है कि शर्मिला न्यूज में रहना बहुत पसन्द करती है। न्यूज में रहने के लिये ही शायद वह अफवाहों में घिरी रहती हैं।

शुरू-शुरू में जब शर्मिला टैगोर फिल्म-उद्योग में आई थी तो एन ईवनिंग इन पेरिस’ में कुछ दृश्यों के लिये उन्हें काफी निशाना बनना पड़ा हालांकि उन्होनें वह कुछ भी नही किया था जो अब तक हमारी अभिनेत्रियां करती आई थी। और फिर जो अफवाहों का सिलसिला शुरू हुआ तो वह बम्बई से चलकर पटौदी पर जाकर ही खत्म हुआ। आज किसी से रोमांस तो कल किसी से। यानि कि शर्मिला ने जिस अभिनेता के साथ काम किया दुनियां की नजरों में उनकी तीरे नजर का निशाना जरूर बनी। अब इसे चाहे शर्मिला की किस्मत कह लीजिये या उसकी अभिनय कला की परिपक्वता की इतनी स्टन्टबाजी के बावजूद वह फिल्म-उद्योग में अपनी जगह बनायें हुए है जबकि इस फिल्म की अफवाहों का सहारा लेने वाली अभिनेत्रियां जिस तेजी के साथ उठती है उसी तेजी से बैठते उन्हें देर भी नही लगती।

शर्मिला की आज भी वही हालत है जो आज से कुछ वर्ष पहले थी। आज भी उसके बारे में अफवाहों का बाजार गर्म है कोई कहता है कि उसका पटौदी से झगड़ा चल रहा है और कोई कहता है कि निर्माता-निर्देशक और लेखक गुलजार से रोंमास कहने वालों के मुंह कहां तक रोके जायें। लोग तो कहते है कि शर्मिला टैगोर तलाक के कागजात तैयार करके नवाब पटौदी के पास लन्दन पंहुची थी। उधर नवाब की मां ने जब अपनी बहु के यह लच्छन देखे तो बेचारी के दिल को एक जोर का धक्का लगा और दोनों मियां बीवी यानि नवाब और शर्मिला उस धक्के को रोकने के लिये लन्दन से सीधा बम्बई मां के पास पहुंचे. अब ऊपरी तौर पर दोनों एक हो गये है और मां के ठीक होते ही दोनों फिर अलग हो जायेंगे (शायद मां के दिल को दोबारा धक्का लगाने के लिये.)

शर्मिला टैगोर के विषय में इस प्रकार की अफवाह कोई आर्श्चजनक नही है। क्योंकि भारतीय अभिनेत्रियों के विषय में इस प्रकार की घटनायें सुनने में आती रहती हैं। लेकिन इस सारे किस्से का रोचक पहलू यह है कि स्वय शर्मिला ने इस बात का खन्डन करते हुए कहा है “मैं आज तक सोच नही पाई कि लोग मेरे बारे में ऐसी खबरें की क्यों उड़ते है। आखिर उन्हें क्या मजा आता है ? जीवन तो चलने का नाम है। इसमें कही भी ठहराव नही। लेकिन जब इस बहते पानी के आगे कोई मेढ़ लगा दे तो मजबूरन वह झटका बरदाश्त करना पड़ता है चाहे उसके लिये मुंह का ज़ायका ही खराब क्यों न करना पड़े। मैं पटौदी से इतना प्यार करती हूं कि शायद उतना भगवान से भी नही करती मुझे पर्दे पर देखकर लोग सोचने लगते है कि मेरी ‘प्राइवेट लाइफ है ही नही और मैं अपने पति और बच्चे का जरा भी ख्याल नही रखती। लेकिन आपको यह जानना चाहिये कि शूटिंग समाप्त होने के बाद मेरा हर पल मेरे पति का होता है। वह मुझे इतना प्यार करते है कि मैं यह भी नही सोचती कि शूटिंग से थककर घर लौटी हूं।

यह फिल्मी दुनिया है जहां हर पल नई-नई अफवाहों का जन्म होता है. मेरे बारे में रोमांस की खबरों को लेकर फिल्मी पत्रिकायें पीछे पड़ी रहती है. लेकिन वे बेबुनियाद खबरे पढ़ने वाले यह नही सोचते कि मैं बहूं हूं जहां मेरा अपना दायरा है। और यह अफवाहें मेरे सीधे-सादे जीवन में एक उलझन पैदा कर देती है।

“अब भला देखिये राजेश से मेरा क्या संम्बन्ध था जो उसे लेकर लोगों ने मेरे विषय में बेसिर-पैर उड़ानी शुरू कर दी जब मेरा नाम राजेश खन्ना के साथ जोड़ा गया था तो मैं सोचती थी कि मैंने फिल्मी अफवाहों के जन्म का पूरी तरह अध्ययन कर लिया है. जिस कलाकार के साथ दो चार फिल्मों में काम किया उसी के साथ नाम जुड़ा लेकिन धर्मेन्द्र तक पहुंचते-पंहुचते मेरी यह धारणा एकदम गलत साबित हुई. हमारी पहली फिल्म ‘मेरे हमदम मेरे दोस्त’ रिलीज ही हुई थी और धर्मेन्द्र के साथ मेरे रोमांस का हल्ला इतना मचा कि उसके आगे फिल्म की पब्लिसिटी भी फीकी नजर आई. अब तो मैं इतनी ढीट हो गई हू. कि इस किस्म की अफवाहों का मेरे ऊपर कोई असर नही होता. न ही मेरे पति इस विषय मे कुछ सोचते है क्योंकि उन्हें पता है कि यह सब अफवाहें है. वह तो मुझसे मजाक मे कहा करते है कि अगर तुम गुलजार से विवाह कर रही हो तो मैं भी राखी से टांका जोड़ने की कोशिश करूं।

“अखबारों की अफवाहों के विषय में मेरा मत है कि उन्हें गर्मागर्म खबरें चाहियें ताकि उनकी ‘सेल’ हो सके और हमे इतनी फुर्सत नही होती कि जवाब देते फिरे। इसीलिये हमारे बारे में रोज नई-नई अफवाहें जन्म लेती हैं और चौबीस घन्टे अफवाहों से घिरे रहते है। और इन अफवाहों का क्या है आज खबर है कि मैं नवाब को तलाक दे रही हूं कल को खबर आ सकती है कि देव आनन्द नीतू सिंह की मां को ले उड़ा या जीनत अमान प्रेमनाथ पर फेरे डालने लगी। अब अगर देव आनन्द ने या जीनत अमान ने सफाई में अगर कुछ कहा तो आ गई मुसीबत और फंस गये अफवाहों के घेरे में फिर आप लाख चाहें लेकिन ये लोग देव आनन्द और नीतू सिंह की मां या जीनत अमान और प्रेमनाथ की शादी करा के रहेंगे दुनियां की कोई ताकत उन्हें इस किस्म की अफवाहें फैलाने से नही रोक सकती।

“इसीलिये मैंने इन अफवाहों पर ध्यान देना बन्द कर दिया है। हम दोनो पति पत्नी के बीच ‘अन्डर स्टैन्डिग है और यह Mutual Understanding ही हम दोनों के जीवन को कटु होने से बचाती है। वैसे अफवाहों का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इससे अभिनेत्री सदा न्यूज में रहती है और उसकी मार्किट वैल्यू डाउन नही होती।


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Mayapuri

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