मूवी रिव्यू: बेटी का महत्व दर्शाती शॉर्ट फिल्म ‘सब ठीक है’

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हालांकि डाकूमेंट्रीज या शॉर्ट फिल्में पहले से बनती आ रही हैं लेकिन इन दिनों वेब सीरीज तथा शॉर्ट फिल्मों का चलन पहले कहीं ज्यादा बढ़ रहा है। हाल ही में  राजा राम मुखर्जी द्धारा निर्देशित शॉर्ट फिल्म ‘सब ठीक है देखने का अवसर मिला।  इस फिल्म से एक वक्त की नायिका मधु ने लीड रोल एक्ट किया है।

फिल्म बताती है हम आज भी बेटी से कहीं बेटे को अहमियत देते हैं लेकिन ये कितनी बार साबित हो चुका है कि बेटी बेटों से कहीं ज्यादा बेहतर साबित होती है। कहानी के अनुसार मधु का अपने पिता से काफी लगाव रहा है। उसका एक भाई भी है उसने उसे भी ट्यूशन कर पढ़ाया है। एक दिन मधु की शादी न्यूयॉर्क में वकार शेख से हो जाती है लेकिन वकार उसे घर की नोकरानी से ज्यादा नहीं समझता और उसी के सामने दूसरी औरतों के साथ गुलछर्रे उड़ाता है। एक दिन मधु अपने पति की बदकरियों से तंग आकर घर छोड़ देती है और अपनी सहेली की हेल्प से एक कोर्स कर बैंकर हो जाती है। एक दिन जब वह अचानक इंडिया अपने घर आती है तो उसे पता चलता है कि उसके पिता चल बसे और उसके भाई ने षादी कर बैंक में घर गिरवी रख पूरा पैसा हड़प अपनी मां को बेघर कर दिया। मधु न सिर्फ अपना घर बैंक से वापस लेती है बल्कि अब ताजिन्दगी मां को अपने साथ रखने का निश्चय. करती है।

28 मिनिट की इस फिल्म में निर्देशक ने यही बताने की कोशिश की है कि एक तरफ हम बेटे को वरीयता देते हैं लेकिन हमेषा बेटी ही मां बाप के काम आती है  इसलिये हमे बेटे और बेटी में भेदभाव नहीं रखना चाहिये।

फिल्म में मधु के अलावा उसके पति के रोल में वकार शेख है और मां बाप की भूमिका में प्रवीना देशपांडे और सरेह फर हैं।

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Mayapuri