INTERVIEW: “अपने परिवार में किस बात की स्टारडम की शेखी??  श्रद्धा कपूर 

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लिपिका वर्मा 

श्रद्धा कपूर का फ़िल्मी  सफर अब तक का बहुत ही  अच्छा रहा है। लगभग 8 फ़िल्में कर चुकी है वो। हालांकि अमिताभ बच्चन के साथ उनकी पहली फिल्म “तीन पत्ती” बॉक्स ऑफिस पर अपना जलवा न बिखेर पाई हो किन्तु आशिकी-2 ने तो उनको अवल दर्जे के पायदान पर लेकर बैठा दिया है। अब रॉक ऑन 2  में भी अभिनय के साथ साथ गायिकी भी जम कर की है श्रद्धा ने। सो रॉक ऑन 2 से उन्हें ढेर सारी उम्मीदे बंधी हुई है।

श्रद्धा ने लिपिका वर्मा के साथ बातचीत में ढेर सारे सवालो के जवाब दिए –

 रॉक ऑन 2 के ऑडिशन के बारे में कुछ बतायें ?

इस किरदार को खुद ही गाने गाने थे , सो उन्हें एक ऐसी हीरोइन की तलाश थी जो अच्छा गाना गा लेती हो। मैंने रितेश सिधवानी जी को खुद ही कॉल कर ऑडीशन की मंजूरी ली थी। और जब मैं – वाई आर एफ स्टुडियो पहुंची तो फरहान ने  मुझे गाने के लिए कहा। गाना खत्म होने के बाद सबके चेहरे पर मुस्कुराहट देख कर मुझे अनुमान लग गया था- कि यह किरदार मेरी झोली  में ही गिरने वाला है। रॉक ऑन 2 का हिस्सा हूँ, इस बात की ख़ुशी है मुझे।

ऑडिशन में निर्देशक सुजात ने क्या कुछ पूछा था आपसे?

यही -कि क्या आप अकेले अचानक कभी अपना सामान लेकर अकेली किसी यात्रा पर गयी है? और अकेले रहना पड़े तो क्या कुछ किजियेगा ? हालांकि शुरू मैं मुझे इस बात का एहसास हुआ -कि वो इस तरह के सवाल क्यों पूछ रहे है? किन्तु दूसरी तरफ यह भी एहसास हो गया कि शायद रॉक ऑन 2  के किरदार से सम्बन्धित सवाल है। और मेरा पशोपेश तुरन्त दूर किया उन्होंने यही कह कर -देखिये, हमारा किरदार म्यूजिक में अत्याधिक  रूचि रखता है। और इसके लिए कुछ भी कभी भी कर सकती है। farhan-akhtar

किस तरह से आपने इस किरदार की तैयारी की

मुझे हमेशा अपने परिवार के साथ रहने की आदत है किन्तु इस किरदार के लिए मैं अपने आपको अपने कमरे में बन्द  करके पूरे पूरे दिन अकेली ही रहा करती । कभी कुछ किताब पढ़ लेती तो कभी आपने डॉग के साथ थोड़ा समय बिता लिया करती। लेकिन बस अपने ही विचारों में लीन रहने की कोशिश किया करती। और मैंने म्यूजिक में कुछ बेहतरीन ट्रैनिंग भी ली। इसलिए मेरा गाला भी खुल गया है। बस मैं यही चाहती हूँ कि आगे भी मैं म्यूजिक रोज प्रैक्टिस किया करूँ ताकि रियाज़ से गायिकी अच्छी बनी रहे।

आपके घर का माहौल किस प्रकार का है?

हमसब जब एक साथ एक ही कमरे में होते है और यदि मेरा भाई या हम में से कोई भी किसी बात को लेकर वार्तालाब करते है तो हम सब लॉउड हो जाते है। किन्तु हम सब एक दूसरे के बिना एक पल भी नहीं रह पाते है। shraddha-story

अपने परिवार के साथ स्टारडम की शेखी बघारती हो क्या कभी?

जी नहीं ,अपने परिवार के लोग जब  आपस में  एक दूसरे को प्यार करते है तो वही  एक दूसरे पर अपना गुस्सा भी दिखलाते है। और मैं घर में दूसरे साधारण परिवार की तरह ही हूँ,यदि मेरी माँ मुझ से किसी बात पर नाराज होती है तो उसी तरह से क्रोधित भी होती है जैसे पहले मुझे डांटा करती। अपने परिवार में किस बात की स्टारडम की शेखी??

आपके फ़िल्मी सफर में कभी आपके पिताजी -शक्ति कपूर ने किसी निर्माता/निर्देशक से फिल्मों में आपको काम मिले ऐसी सिफारिश की थी क्या ?

जी बिलकुल नहीं? मुझे अपने ही बलबूते पर फिल्मों में काम मिला है। जबकि मेरी कुछ फ़िल्में बॉक्स ऑफिस पर अपना जलवा न दिखला पायी हो। लेकिन मैं मेहनत करती हूँ और मुझे अपने काम पर विश्वास है। बस कभी कभी कहने का कंटेंट अच्छा ना हो तो फिल्म फ्लॉप हो जाती है। हर कोई जो कोई भी फिल्म बनाते है हमेशा बेहतर कंटेंट और अच्छा काम ही प्रस्तुत करना चाहते है। किन्तु कभी कभी दर्शकों को फिल्म पसन्द नहीं आती है। मुझे अपने फैंस पर भरोसा है वह मेरी फिल्म रॉक ऑन 2 जरूर देखने आएंगे. अपने छोटे से फ़िल्मी सफर में मुझे जितने भी फैन्स मिले है मैं बहुत खुश हूं। फैन्स की वजह से ही हम आज अपना एक मुकाम बना पाए है। shakti-shraddha

चलिए, समय ही बतलायेगा श्रद्धा का किरदार ,”रॉक ऑन 2 “में उनके फैन्स को कितना पसन्द आता है ??

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Mayapuri