श्वेता त्रिपाठी एक होटल के बायो बबल में कैद

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कोविड -19 के सेकंड लहर लॉक डाउन के बाद, फिल्म और मनोरंजन उद्योग अब धीरे धीरे खुलने लगा है। एक पॉज के बाद श्वेता त्रिपाठी शर्मा काम पर वापस जाने के लिए रेडी हैं। वह अपने दूसरे सीज़न के हिट थ्रिलर सीरीज़ ‘द गॉन गेम’ के कलाकारों के साथ फिर से जुड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसके प्रथम सीज़न से विपरीत, अब सभी अभिनेता और टीम एपिसोड की शूटिंग व्यक्तिगत रूप से करेंगे। सबसे दिलचस्प बात यह है कि श्वेता, बाकी कलाकारों और क्रू के साथ, सीरीज़ के दूसरे सीज़न की शूटिंग के लिए पूरे एक महीने तक मुंबई के एक होटल में ‘बायो बबल’ में रहेंगी।

इस बायो बबल  शब्द से अपरिचित लोगों के लिए बता दूं कि ये बायो बबल यानी बायो बुलबुला एक अदृश्य ढाल है जिसका उपयोग ज्यादातर  कोविड -19 महामारी के दौरान खेल आयोजनों की मेजबानी के लिए किया जाता है। इस बबल को होटलों या स्टेडियमों के कुछ हिस्सों में बनाया जा सकता है, जहां केवल कुछ ख़ास लोगों को ही प्रवेश करने की अनुमति है, जिनकी मेडिकल रिपोर्ट वायरस के लिए नेगेटिव होती है। बायो बबल बाहरी दुनिया के साथ अपने अंदर के लोगों का किसी भी शारीरिक संपर्क को रोकता हैं और कोरोना वायरस के संचरण के जोखिम को कम करता हैं, साथ ही उनके लिए एक सुरक्षित वातावरण भी प्रदान करता हैं। तो इन कारणों से, ‘द गॉन गेम 2’ की पूरी कास्ट और क्रू के लिए, एक बड़ा बायो बबल स्थापित किया गया है और जब तक शूटिंग पूरी नहीं हो जाती, तब तक उन्हें होटल से बाहर जाने पर रोक लगा दी जाएगी।

श्वेता हमें बताती हैं, “यह निश्चित रूप से एक अनोखा और आश्चर्यजनक अनुभव होने वाला है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे अपने जीवन के किसी पड़ाव में एक बायो बबल में रहना पड़ेगा। लेकिन कोविड -19 के दौरान , सुरक्षा अत्यंत चिंता और महत्व का विषय है, और अब बायो बबल के कारण मैं अपने दूसरे सीज़न के लिए, व्यक्तिगत रूप से ‘द गॉन गेम’ टीम के साथ फिर से जुड़ने के लिए बहुत उत्साहित हूं, मुझे भी बहुत खुशी है कि यहां  सुरक्षा के सभी उपायों को ध्यान में रखा गया है।”

उन्होंने आगे कहा, “यह वास्तव में मेरी भूमिका को रिएलिटी के साथ निभाने में मेरी मदद कर रहा है क्योंकि ‘द गॉन गेम’ कोविड के बारे में है जिसमें दिखाया जा रहा है कि कैसे  एक परिवार कोविड के कारण पूरी तरह से बदल गया है। बायो बबल में इस तरह रहना बेहद डरावना है। जब मैं यहां आयी तो मुझे ना मानव दिखे, ना कोई वाहन, केवल खाली ऊंची इमारतें दिखे, इसलिए मैंने इसे अपने किरदार और भावनाओं के लिए उपयोग करने की योजना बनाई। ‘द गॉन गेम’ के बारे में भी दिलचस्प बात यह है कि यह बहुत सटीक है।”

उन्होंने कहा, “इसके अलावा मेरे अन्य शो भी हैं जिनका प्लॉट कोविड से प्रभावित नहीं है, जैसे ‘यह काली काली आंखें हों’, ‘मिर्जापुर’ जिनकी कहानी  कोविड से प्रभावित नहीं है, लेकिन जिस दुनिया में ‘द गॉन गेम सेट’ है, वह वास्तविकता के करीब है। जो भी इन्फॉर्मेशन कोविड को लेकर ऑनलाइन या खबरों द्वारा, जो भी कोविड के बारे में लेटेस्ट अपडेट्स, जैसे कौन सा वेव आ रहा है, क्या करना चाहिए वगैर हमें मिल रही है, इस सबकी जानकारी हमारी इस फ़िल्म के स्टोरी लाइन के लिए जरूरी है।”


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Mayapuri

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