निर्माता को तौबा कराने वाली अभिनेत्री – सिम्मी

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052-9 simi garewal

मायापुरी अंक 52,1975

सिम्मी कि फिल्म ’डाक बंगला’ में से दिनेश ठाकुर को उसने नहीं निकाला बल्कि निर्माता ने पहले कोई दूसरा हीरो कहा था वगैरह-वगैरह यह सब झूठ है। बेचारा दिनेश ठाकुर उनका तो नुकसना हुआ, वह तो हुआ ही, लेकिन उसके बाद भी सिम्मी ने निर्माता-निर्देशक को कुछ कम तंग नही किया।

निर्देशक गिरीश रंजन ने यह सोचकर सिम्मी को लिया था कि वह अच्छी आर्टिस्ट हैं और उसके बाद ज्यादा काम भी नहीं है, इसलिए डेट्स वगैरह की कोई प्रॉब्लम नहीं होगी। लेकिन उनका अंदाज़ा गलत निकला। सिम्मी से डेट्स की तकलीफ तो नहीं हुई परंतु शूटिंग पर देर से आना मेकअप में घंटो लगाना और लंच करने के बाद मेकअप रूम में सोये रहना, जरूर चलता रहा। यह सब बातें ‘डाक बंगला’ जैसे छोटे बजट की फिल्मों में नहीं चल सकती। इसलिए उन्हें बहुत नुकसान हुआ और वह अब कानों को हाथ लगा रहे हैं कि दोबारा ऐसी आर्टिस्ट के साथ काम नहीं करेंगे।


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Mayapuri

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