गायक सत्यम आनंदजी और लेखिका सोनिया अक्स का खूबसूरत एलबम ‘अक्स’ शूट हुआ बोनी कपूर के फ्यूचर स्टूडियो में

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बॉलीवुड नगरी मुम्बई में बोनी कपूर का फ्यूचर स्टूडियो बड़ी और क्लासिक शूटिंग के लिए जाना जाता है। गत दिनों यहां एक वीडियो एलबम की शूटिंग की कवरेज के लिए निमंत्रण आया तो थोड़ी हैरानी सी हुई। सेट पर गजल गायन का फिल्मांकन चल रहा था। मशहूर गायक-कंपोजर सत्यम आनंदजी अपनी पूरी  टीम के साथ कैमरे के सामने थे। सत्यम आनंद वही गायक हैं जो कुछ समय पहले एक प्रेयर एलबम ’भगवन मेरे भगवन’ को लेकर सुर्खियों में थे। प्रार्थना गीत से सीधे गजल एलबम “अक्स“ पर आजाना…? मेरे इस कोतुहल पर वह शूट के बाद चर्चा करते हैं।


“इस एलबम “अक्स“ को  करने के पीछे अक्सजी यानी-सोनिया अक्स सोनम जी की परिकल्पना है।“ मुस्कराते हैं सत्यम। यह एक ग़ज़ल एलबम है, समझ लीजिए 8 गीतों का खूबसूरत गुलदस्ता है। आठ के आठों गीत नायाब हैं जिनको लिखा है सोनिया अक्स ने। यहां वे सभी पिक्चराइज किए जा रहे हैं।“


“अक्स’’ के सभी गीत पहले ही रिकॉर्ड किए जा चुके हैं जिनको गायक सुदेश भोसले के रिकॉर्डिंग स्टूडियो ग्रेविटी में पूरा किया गया है। सोनिया अक्स की लिखी हुई गजलों को सत्यम आनंदजी ने स्वर दिए हैं। डनेम उग म्यूजिक कम्पनी के लिए रिकॉर्ड किए गए एलबम “अक्स“ की संगीत रचना भी सत्यम आनंदजी ने ही किया है। “यह गजल एलबम  पारम्परिक गजल शैली से थोड़ा सा हटकर है।“ बताते हैं सत्यम। ’’हमने इसमें थोड़ी सी आधुनिकता का पुट रखा है। राइटर की आवाज में कतआ भी है। इस एलबम को  रेकॉर्ड करने में हमारे वादक साथियों ने खूब मेहनत किया है। कीबोर्ड पर संतोष राय, ऑक्टो पैड- नवीन ओबेरॉय, तबला- अवध सिंह, गिटार- अरसद अहमद ने अपना बेस्ट देने की कोशिश किया है। इस पूरे आयोजन की देखरेख (एक्जक्यूटिव प्रोड्यूसर) दीप्ति मुनी ने किया है। सिंगर तभी अच्छा आउटपुट दे पाता है जब पूरी टीम साथ दे पाती है।“


“अक्स“ की गीतकार सोनिया अक्स पेशे से अंग्रेजी की प्रवक्ता हैं। वह परा-स्नातक (अर्थ शास्त्र, हिंदी, अंग्रेजी, बीएड) हैं। एक जानी मानी लेखिका हैं , उदघोषिका हैं। आकाशवाणी रोहतक से प्रोग्राम देती रही हैं और तमाम पुरस्कारों से नवाजी जा चुकी हैं। गजल, गीत, मुक्तक, दोहा, उपन्यास  नज़्म लिखती रही हैं। गायक सत्यम आनंदजी से वह सोशल मीडिया के मार्फ्त जुड़ी थी। “मेरी कुछ गजलें सत्यम जी को पसंद आयी थी जिनको वह अपने प्रोग्राम में गा चुके हैं, वही गजलें हैं एलबम में।’’


80 लोगों की टीम के साथ वीडियो निर्देशक भावेश पांडे जो गजलें फिल्मबंद करा रहे थे उसकी एक ग़ज़ल थी-
“उसने कहा था कल फिर मुझसे, आंखों में बरसात लिए। साथ मेरे क्या चल सकते हो, चाहत की शौगात लिए।“ इसी एलबम की एक ग़ज़ल है- “हसरत भरी निगाहों को आराम तक नहीं, वो यूं बदल गया कि अब सलाम तक नहीं।’’
लेखिका सोनिया अक्स को उनके सामाजिक कार्यों के लिए बहुत से सम्मान प्राप्त हुए हैं। बेस्ट टीचर और गर्ल-गाइड के साथ बेस्ट नारी सम्मान से भी वह पुरस्कृत हुई हैं। “सत्यम आनंदजी के एलबम ’भगवन मेरे भगवन’ (जिसमें अनूप जलोटा, मधुश्री, सोमा घोष, सुदेश भोसले और स्वयं सत्यम की आवाज में) कोरोना काल मे एक प्रेयर गीत था, उससे मैं प्रभावित हुई थी।’’ बताती हैं सोनिया। “तभी इस एलबम का काम शुरू हुआ। मेरी इस एलबम की एक ग़ज़ल है- “कत्ल करके भी वो कहते हैं हुआ कुछ भी नहीं, ऐसे मासूम गुनाहों की सजा कुछ भी नहीं।“


अनूप जलोटा की गायन शैली को विविधता के साथ पेश करने वाले सत्यम आनंदजी दुनिया भर मे प्रोग्राम दे चुके हैं। उनका  गणपति का एलबम भी बहुत चर्चित रहा है। भजन, गजल और बॉलीवुड सॉन्ग को जीवंतता के साथ स्टेज पर पेश करने वाले सत्यम आनंदजी अब सोनिया अक्स की गजलों का संग्रह ’’अक्स’’ के रूप में लेकर आने के लिए तैयार हैं।

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Mayapuri