सोशल मीडियाः कौन सा कलाकार क्या लिखना पसंद करता है?

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सोशल मीडिया पर बॉलीवुड काफी सक्रिय है। मगर कुछ कलाकार सोशल मीडिया पर कविताएं या अन्य चीजें लिखते रहते हैं। आइए, जानते हैं कि सोशल मीडिया पर कौन क्या लिखना पसंद करता है…

मुझे प्रायवेसी बहुत ज्यादा पसंद है।”-शाइनी दोशी 

शाइनी दोशी कहती हैं-‘‘मैं बहुत ज्यादा सोच समझ कर अपनी चीजे पोस्ट करती हूं।पहले तो मैं बिल्कुल भी पोस्ट नहीं करती थी। मैने लॉकडाउन में सोशल मीडिया पर बहुत ज्यादा पोस्ट करना शुरू कर दिया।क्योंकि मुझे भी लगा कि  लोगों को भी पता चलना चाहिए कि शाइनी दोशी कौन है? किरदार के पीछे या स्क्रीन के पीछे वह कैसी हैं? कैमरे के पीछे वह कैसी है?तो मैंने कई सारी चीजें पोस्ट करना शुरू किया।लेकिन मैं अपनी निजी जिंदगी की सोशल मीडिया पर ज्यादा शेयर करना पसंद नहीं करती हूं। क्योंकि जब निजिता की बात आती है,तब मैं बहुत ज्यादा प्रायवेसी चाहती हूं।मुझे प्रायवेसी बहुत ज्यादा पसंद है।सोशल मीडिया में भी मैं इंस्टाग्राम पर ज्यादा हूं।मुझे इंस्टाग्राम पर पोस्ट करना बहुत अच्छा लगता है।मैं अपने सीरियल व संगीत की चर्चा इंस्टाग्राम पर करती हॅूं।जिससे मुझे भी पता चले कि मैं क्या कर रही हूं।पर वह भी बहुत ज्यादा चुनिंदा है।जब तक मेरे नए सीरियल का विज्ञापन नही आता है,तब तक मैं चुप रहती हूँ। अन्यथा नजर लगने में समय नहीं लगता।क्योंकि यहां पर कुछ लोग ऐसे भी होते हैं,जो आपकी खुशी से खुश नहीं होते हैं।दुनिया को सब कुछ पूरा बता देना ठीक नही होता।’’

मैं अपने बोक्सिंग के वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट करती रहती हॅूं।”–श्रेया चैधरी

सोशल मीडिया की बदौलत वेब सीरीज “बंदिश बैंडिट” में अभिनय करने का अवसर पाने वाली अभिनेत्री श्रेया चैधरी कहती हैं-‘‘सोशल मीडिया की मेरी यात्रा बहुत  अलग है।क्योंकि मैं अभी खुद ही स्टूडेंट हूं। सोशल मीडिया का हमारे प्रोफेशन में क्या महत्व है, मुझे नहीं पता।जबकि मुझे मेरा पहला ऑडिशन व विज्ञापन फिल्म सोशल मीडिया के जरिए ही मिला था।पिछले साल तक मैं सोशल मीडिया पर ज्यादा नहीं थी।लेकिन आज मुझे इस बात का एहसास होता है कि सोशल मीडिया बहुत ज्यादा जरूरी है। क्योंकि ‘बंदिश बैंडिट’ के वक्त सोशल मीडिया से ही मुझे पता चला कि लोग मेरे काम को कितना देख व पसंद कर रहे हैं। क्योंकि वह मेरे बारे में ज्यादा से ज्यादा जानना चाहते हैं, इसलिए मेरी भी जिम्मेदारी बनती है कि मैं अपने दर्शकों व प्रषंसकों को अपने बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी दूं। लेकिन मैं सोशल मीडिया पर अपना असली चेहरा दिखाती हॅूं। मैं यह नही कहती कि सब कुछ एकदम परफेक्ट है।मैं काफी हद तक बहुत ज्यादा प्राइवेट भी हूं। तो अपनी निजिता भी बरकरार रखती हूँ। मैं अपनी पर्सनालिटी के बारे में ज्यादा से ज्यादा बताना चाहती हूं। मैं अपने बोक्सिंग के वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट करती रहती हॅूं।मैं बोक्सिंग के फायदे भी बताती हॅूं। जिस दिन मुझे ऐसा लगता है कि मुझे यह चीज नहीं डालनी चाहिए,तो उसे नहीं डालती।’’

अपनी कविताएं पोस्ट करता हॅू।”-प्रिायांशु पेनयुली

अभिनेता प्रियांषु पेनयुली कहते है- “मैं मस्ती मजाक और विनम्रता की बाते करता हूँ। मैं लोगों का यही समझाने का प्रयास करता हूँ कि लोग खुश रहे।बीच में कविता भी पढ़ी थी.मैं कविताएं भी लिखता रहता हॅूं। मेरी कोशिश रहती है कि लोग तनाव मुक्त हों।”

“मैं सोशल मीडिया को समझ नही पायी।”-समीक्षा भटनागर

अभिनेत्री समीक्षा भटनागर कहती हैं-‘‘मैं अपने शिल्प पर ध्यान केंद्रित करने में यकीन करती हॅू।दूसरी बात अभी तक मैं पूरी तरह से सोशल मीडिया को समझ भी नही पायी हूँ। लेकिन इससे पूरी तरह से अनभिज्ञ नहीं हॅूं।’’

मैं जैसी हूं,वैसी ही सोशल मीडिया पर नजर आती हूं।”-अदा शर्मा

अभिनेत्री अदा षर्मा कहती हैं- “मैं तो बहुत ज्यादा सक्रिय रहती हूँ।मेरी राय में सोशल मीडिया बहुत अच्छी चीज है।इस माध्यम के चलते हम अपने प्रषंसको को दिखा सकते हैं कि हम निजी जिंदगी में कैसे हैं। क्योंकि फिल्म में तो उस फिल्म का किरदार होते हैं। फिल्म में हम खुद क्या हैं,यह नहीं दिखा पाते।इसलिए भी मेरे हिसाब से यह बहुत अच्छा माध्यम है। मैं जैसी हूं,वैसी ही सोशल मीडिया पर नजर आती हूं।मुझे लगता है कि जो मेरे प्रषंसक हैं,या जो मेरी फिल्म देखना पसंद करते हैं,वह फिल्म देखने सिनेमाघर में आएंगे।आखिर हर दिन मेरी फिल्म प्रदर्षित नहीं होती है।ऐसे में अगर मैं सोशल मीडिया पर हर दिन क्या कर रहे हैं,उसके बारे में नही लिखेंगे,तो क्या लिखेंगे?हम हर दिन फिल्म प्रमोषन को लेकर बात नहीं कर सकते। इसलिए मैं तो निजी जिंदगी की हर छोटी बड़ी बात सोशल मीडिया पर पोस्ट करती रहती हूं। यह करते समय मैं यह नहीं सोचती कि सोशल मीडिया पर मेरी पोस्ट को लाइक करने वाला मेरी फिल्म देखने सिनेमाघर जरुर आएगा। मेरा मानना है कि सोशल मीडिया भी मनोरंजन का साधन है। अपनी बात कह सके का माध्यम है।”

“मुझे तो शायरी और जोक्स लिखने में मजा आता है।”-आथिया शेट्टी

आथिया षेट्टी कहती हैं-‘‘सोशल मीडिया पर मैं तो बहुत पॉजीटिव रहती हूं। मुझे तो शायरी और जोक्स लिखने में मजा आता है। मैं मोटीवेशनल कोट्स में बहुत ज्यादा रूचि रखती हूं और वही मैं ज्यादातर पोस्ट करती हूं। फिर जानवरों के प्रति दया भाव रखने का संदेष देती रहती हॅूं। सामाजिक मुद्दों पर बात करती हूँ।मेरी राय में पॉजीटिव ही रहना चाहिए। यह बहुत आसान होता है। मेरा मानना है कि किसी की बुराई क्यों की जाए। कुछ लोग सोशल मीडिया को बहुत हल्के में लेकर कुछ भी कमेंट करते रहते हैं। यह गलत है। मैं तो ऐसे फालतू कमेंट पढ़ती ही नही।अपनी ही दुनिया में रहती हूं।”

कुछ नृत्य जिम में वर्क आउट की तस्वीरें पोस्ट करती हूँ।”-रकुल प्रीत सिंह

रकूल प्रीत सिंह कहती हैं-‘‘मैं सोशल मीडिया पर बहुत कम सक्रिय हॅूं। अगर आप मेरा इंस्टाग्राम देखेंगे,तो मैं बहुत कम उसमें पोस्ट करती हूँ। कुछ नृत्य व जिम में वर्क आउट की तस्वीरें पोस्ट करती हूँ।जब छुट्टियां मनाने जाती हूं, तो उसकी तस्वीरे डालती हूँ। फिल्म को प्रमोट करती हूँ। मुझे लगता है कि मैं क्या हूं, यह बात मेरे सोशल मीडिया के फैंस का पता होना चाहिए। लोगों को कई बार लगता है कि कलाकार की जिंदगी तो बहुत ज्यादा ग्लैमरस है।उनको लगता है कि हम लोग उन पर ध्यान नहीं देते हैं।इसलिए मुझे लगता है कि उनको असलियत दिखाना बहुत जरूरी है।क्योंकि हमारे भी बुरे दिन हो सकते हैं।मेरा भी चेहरा एक दिन खराब दिख सकता है।मेरे भी एक दिन दांत खराब हो सकते हैं।क्योंकि हम लोग भी एक आम इंसान ही हैं।कई लोगों को लगता है कि यह गोरे है।अरे हम इनकी तरह नहीं है।पर ऐसा नहीं है। सभी के अच्छे व बुरे दिन होते हैं। मुझे लगता है कि सोशल मीडिया बहुत ही अच्छा जरिया है लोगों के साथ जुड़ने का। जब आप लोगों को इनफ्लुएंस कर लेते हैं,तो आप उनसे सामाजिक मुद्दों पर भी बात कर सकते हैं।प्रदूषण को लेकर बात कर सकते हैं।

पॉजिटिव बातें लिखता हॅूं।”-सिद्धार्थ मल्होत्रा

अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा कहते हैं- “मैं सोशल मीडिया का उपयोग  अच्छे कामों के लिए करता हॅूं।सोशल मीडिया का मैं अपने फ्रेंड्स के साथ कनेक्ट करने के लिए इस्तेमाल करना चाहता हूं।कितने प्यारे फ्रेंड्स से इतने सालों से टच में हूं। मुझे सोशल मीडिया इसलिए बहुत पसंद है कि मैं अपने लोगों से,जो मुझे पहली फिल्म से चाहते हैं,उनसे जुड़ पा रहा हॅूं।लोग मुझे अपनी दुआएं देते हैं या पॉजिटिव चीजें लिखते हैं।ऐसे लोगों से बातचीत करना मुझे बहुत अच्छा लगता है, ‘इंस्टाग्राम’ हो या ‘ट्विटर’ हो या ‘फेसबुक’। कभी- कभी अपनी राय आप डिस्कस करना चाहते हैं।मीडिया में जो छप जाए, उसके कहने के अपने मतलब को हम सोशल मीडिया के माध्यम से तुरंत पहुंचा पाते हैं।यह पॉजिटिव बातों को लोगों तक पहुंचाने का एक सषक्त माध्यम है। आपको इस बात का भी एहसास करना पड़ेगा कि सोशल मीडिया एकदम अलग दुनिया है। इंटरनेट की दुनिया है। रीयल दुनिया नहीं है।”

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Mayapuri