INTERVIEW: ‘‘मैने कभी नहीं सोचा कि मुझे यशराज या धर्मा जैसे बिग बैनर से डेब्यू करना है’’ – सोनारिका भदोरिया

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बिना किसी बाहरी या फिल्मी बैकग्राउंड के मुंबई की सोनारिका भदोरिया ने अपना कॅरियर छोटे पर्दे पर धारावाहिक ‘तुम देना साथ मेरा ’ से शुरू किया था। इसके बाद उसके दूसरे सीरियल का नाम था ‘ देवो के देव महादेव’ । फिर उसने तीन तेलगू फिल्में की, और अब उसकी हिन्दी फिल्म ‘सांसे’ रिलीज होने जा रही है। फिल्म को लेकर क्या कहना है सोनारिका का।

अपने परिचय में क्या कहना है ?

मैं मुबंई में ही जन्मी,पढ़ी लिखी और बड़ी हुई हूं। मेरी मां हाउस वाइफ है और पिता आर्किटेक्चर। मेरा फिल्मों से कोई लेना देना नहीं था। मेरी मोसी डिजाइनर थी एक बार उन्हें बड़े डिजाइनर के साथ काम करने का अवसर मिला। उस समय लाइफ ओके ना होकर स्टार वन हुआ करता था। उस पर प्रसारित एक शो में मेरी मोसी एसीस्ट कर रही थी। उन्हीं की बदौलत मेरा सीरियलों में आना हुआ।sonarika-bhadoria

 कैसे ?

एक बार मैं अपनी मोसी के साथ एक पार्टी में गई वहां एक डायरेक्टर भी आये हुये थे। उन्होंने मुझे देखते ही कहा अरे, इसे अभी तक कहां छुपा रखा था, इसके साथ काम करना है। किसी दिन इसे ऑडिशन के लिये बुलाओ। उस दौरान मैं दसवी क्लास में पढ़ रही थी। पापा को ये बात पता चली तो उन्हांने सख़्ती से मना करते हुये कहा कि अपनी पढ़ाई पर ध्यान दो। वैसे, मुझे भी एक्टिंग वगैरह  का शौक नहीं था लेकिन मम्मी का झुकाव ग्लैमरस इन्डस्ट्री की तरफ जरूर था वो सिंगर बनना चाहती थी लेकिन उनके पिता ने उन्हें कभी इस तरफ झांकने तक नहीं दिया था। मैं जब बाहरवी कर रही थी तो मेरे पास फिर एक बार शो ‘ तुम देना साथ मेरा’ का ऑफर आया तो इस बार पापा ने हां कहते हुये कहा कि बार बार आती हुई लक्ष्मी को ठुकराना भी ठीक नहीं परन्तु उन्होंने मुझे अपनी पढ़ाई कंपलीट करने के लिये थी वॉर्न किया, इसलिये बाकी की पढ़ाई मैने कोर्सपोंडेंट से पूरी की।

शो से पहले क्या कोई एक्टिंग का कोर्स वोर्स किया?

बिलकुल नहीं। मैने जो भी सीखा वो कैमरे के सामने ही सीखा। न ही किसी ने मुझे ऑडिशन वगैरह देने के लिये कहा। उन दिनों लुक टेस्ट होते थे और मेरे सामने सत्तर के करीब लड़के थे लिहाजा मुझे उन सभी के साथ अलग अगल लुक के साथ रोमांटिक सीन्स देने पड़े।saasein

फिल्मों में शुरूआत के लिये ‘सांसे’ जैसी हॉरर फिल्म ही क्यों?

लाइफ में कई दफा ऐसा हो जाता है कि हम किसी को ना कहते कहते हां कह देते हैं। यहां भी मुझे फिल्म के डायरेक्टर राजीव सर का कॉल आया, और उन्होंने एक नरेशन की बात की। बाद में आकर उन्होंने मुझे जो कहानी नरेट की वो मुझे काफी अच्छी लगी। बेशक उस वक्त मुझे नहीं पता था कि ये कोई हॉरर फिल्म है बस मुझे स्टोरी अच्छी लगी और मैं काम करने के लिये तैयार हो गई। वैसे भी मैने कभी नहीं सोचा था कि मुझे फिल्मों में यशराज या धर्मा जैसे बैनर से डेब्यु करना है। दरअसल मैं एक एक्टर हूं और मेरा काम है अलग अलग भूमिकाएं निभाना। था फिर इस फिल्म से ही शुरूआत क्यों नहीं।

फिल्म में आपका रोल क्या है ?

मेरी भूमिका एक क्लब सिंगर की है जो अनाथ हैं लेकिन उसके अनाथ होने के पीछे भी एक वजह है। मेरी एक छोटी बहन है जिसे मैं बेतहाशा प्यार करती हूं। मेरे पास्ट में ऐसा कुछ है जो अब उसे तकलीफ पहुंचा रहा है। बाद में कैसे एक लड़का मेरे जीवन में आता है और वो जल्द ही मेरी सारी तकलीफें अपना लेता है  और किस प्रकार मुझे तकलीफ देने वाले से लड़ता है।sonarika

आपके अगेंस्ट दो लड़के हैं क्या ये ट्राइगंल लव स्टोरी है?

नहीं, ऐसा नहीं है। यहां रजनीश दुग्गल मेरे प्रेमी बने हैं तथा हितेन तेजवानी मुझे सताने वाली आत्मा से बचाने के लिये हमारी मदद करते हैं।

 म्यूजिक के बारे में क्या कहना है ?

फिल्म में विवेक कार द्धारा कंपोज दो गाने पहले ही चार्ट पर नंबर वन पर पहुंच चुके हैं। जिन्हें अरिजीत सिंह और अरमान मलिक ने गाया है।


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Mayapuri

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