‘‘जिनके गीतों में बसती है आत्मा’’ सनी बावरा – इंदर बावरा

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पंजाब की धरती की सौंधी महक में लिपटी संगीत की धुनें, जिन पर किसी भी मिट्टी में जन्मा व्यक्ति थिरक पड़े। संगीत की सीमा यही है कि उसकी कोई सीमा नहीं है। सनी और इंद्र का म्यूजिक भी कुछ ऐसा ही है जो साज़ों के जिस्म से निकलकर सीधा रूह में उतरता है। फिल्म ‘रॉकी हैंडसम’ भटिंडा से आए सनी बावरा-इंदर बावरा के लिए एक बड़ा ब्रेक है, जिनके तीन गीतों का म्यूजि़क उन्होंने ही दिया है,साथ ही फिल्म का बैकग्रांउड भी उन्होंने ही दिया है। ऐसा नहीं है कि इससे पहले इस जोड़ी ने संगीत की दुनिया में कोई उल्लेखनीय काम न किया हो। 2006 में कलर्स चैनल पर प्रसारित ‘जयश्री कृष्णा’ में भी उनका ही संगीत था, पर उन्हें टीवी की दुनिया तक सीमित नहीं रहना था इसलिए फिल्मों के लिए भी प्रयास चलते रहे। विक्रम भट्ट की ‘अंकुर अरोड़ा मर्डर केस’ में उनके संगीत से सजा गीत तेरा अक्स हिट हुआ लेकिन एक गीत के सहारे आगे बढ़ पाना मुश्किल था। ‘हेट स्टोरी-2’ और 3 में इन्होंने बैकग्राउंड स्कोर किया, पर ख्वाहिश बतौर संगीतकार बड़ी फिल्म हासिल करने की थी जिनमें पूरा म्यूजि़क उनका ही हो।
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2016 इस जोड़ी की तकदीर बदल सकता है क्योंकि रॉकी हैंडसम में संगीतकार के तौर पर प्रस्तुत होकर इन्होंने संगीत की अनमोल धुनों को श्रोताओं तक पहुंचाने का काम किया है। वे धुनें जिनमें आत्मा बसी है। राहत फतेह अली खां उत्साहित हैं क्योंकि लंबे समय के बाद किसी संगीतकार ने उन्हें हाई पिच का दर्दभरा गीत गाने का मौका दिया है जिसके बोल हैं ऐ खुदा। तितलियां और रहनुमा में श्रेया घोषाल और सुनीधि चैहान की मैजिकल वॉयस है। सनी कहते हैं कि रहनुमा गीत का रिंगटोन बन रहा है यानि करोड़ों श्रोताओं तक पहुंचने का रास्ता तैयार है। पंजाब से आए हैं तो पंजाबी फिल्मों से नाता कैसे टूट सकता है। पंजाबी फिल्म ‘अंबरसरिया’ में इनके संगीत की जादूगिरी चौंकाएंगी। इस जोड़ी पर अपने पिता मेजर सिंह बावरा और दादा का असर है। पिता पंजाब के फेमस फॉक सिंगर हैं और दादा म्यूजि़क टीचर रहे हैं। पारंपरिक संगीत ऐसे ही माहौल में तैयार होता है।
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जिन्हें ट्रेडिशनल म्यूजि़क से प्यार होता है, उनके गीतों में अलग रंग होता है और जिनमें प्योर सॉल होती है। विशाल भारद्वाज और सलीम सुलेमान का संगीत इसी कारण इन्हें लुभाता है क्योंकि वह दिल को छूता है। इंदर कहते हैं कि हमें मुंबई आए काफी साल गुजर गए, पर हम अच्छा संगीत तैयार करने में जुटे रहे। काम अच्छा होगा तो निकलकर आएगा। आज मीडिया हमारे सामने है और करोड़ों श्रोता हमारा संगीत सुन रहे हैं। ये अच्छे संगीत के लिए की गई हमारी मेहनत का ही नतीजा है।


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Mayapuri

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