‘काॅमेडी करना आसान नहीं’ – सोनम कपूर

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भाग मिल्खा भाग, रांझणा और खूबसूरत जैसी फिल्मों की सफलता के बाद सोनम ने खुद कहा था कि अब वह काॅमेडी फिल्म  करना चाहती है । उसकी ये ख्वाईश पूरी करने के लिये अरबाज खान आगे आये और उन्होंने उसे अपनी काॅमेडी फिल्म ‘डाॅली की डोली’ का आॅफर दिया जिसे सोनम ने झट लपक लिया । फिल्म का लेकर सोनम के उद्गार कुछ यूं रहे ।
फिल्म की आपको क्या चीज अच्छी लगी?
सबसे पहले तो मुझे कहानी ने आकर्षित किया । और जब मेरे पास बाउंड स्क्रिप्ट आई तो मुझे फिल्म के संवाद बहुत ही अच्छे लगे । आप यकीन कीजिये मुझे सेट पर पहले से ही अपने सारे डायलाॅग याद थे । और उन्हें एक अलग अंदाज में बोलते हुए काफी मजा आया ।

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फिल्म की  कास्टिंग की आप हर जगह तारीफ कर रही है ?
कभी कभी ऐसा हो जाता है कि आपको खुद नहीं पता होता कि आपने अपनी फिल्म के लिये जो कास्टिंग की है वो इतनी परफेक्ट है जैसे फिल्म के हर कलाकार के लिये विशेष तौर पर भूमिकायें लिखी हों । इस फिल्म के साथ ऐसा ही हुआ है । वाकई  इस फिल्म की कास्टिंग एक दम परफेक्ट है।
 इस बार आपके सामने एक नहीं बल्कि तीन हीरो हैं ?
जी हां, और तीनों ही मेरे पीछे पड़े हैं । लेकिन अंत में किसके घर डाॅली की डोली जाती है ये फिल्म देखकर ही पता चलेगा ।

कल अगर पर्सनली आपको अपने लिये दूल्हा ढूंढना पड़ा तो ?
फिलहाल मेरी लाइफ में ऐसे किसी षख्स की गूंजाईश नहीं है । इस बारे में सोचती तक नहीं । इसलिये अभी मेरे लिये ये सवाल नाजायज है ।

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इस फिल्म के सामने एक बड़ी फिल्म ‘बेबी’ रिलीज हो रही है ?
तो क्या हुआ । एक सप्ताह में चार चार फिल्में एक साथ रिलीज होती है । वैसे भी मुझे नहीं लगता कि ‘बेबी’ से  हमारी फिल्म को या हमारी फिल्म से ‘बेबी’ को कोई खतरा है क्योंकि दोनों फिल्में अलग विषय को लेकर हैं । दूसरे क्या ये जरूरी है दर्शक एक ही फिल्म देखता है । अगर उसे एक से ज्यादा फिल्में पंसद आती है तो वह दूसरी फिल्म भी तो देखता है ।
 खान परिवार के बारे में मशहूर है कि उनके प्रोडक्शन की फिल्म में  परिवार के तकरीबन सारे सदस्यों का मशवरा होता है  ?
मेरे सामने तो ऐसा कुछ नहीं हुआ । क्योंकि मुझे घर का कोई भी सदस्य एक बार भी सेट पर नहीं दिखाई दिया ।
 भाग मिल्खा भाग, बेवकूफियां, रांझना या फिर खूबसूरत  आदि फिल्मों के बाद इस फिल्म के बारे में क्या सोचती हैं ?
यही कि हर फिल्म का अपना कलर होता है अपनी पहचान होती है फिल्म अच्छी हो या बुरी यह फिल्म देखने के बाद ही पता चलता है ।  जहां तक इस फिल्म की बात है तो यह एक काॅमेडी फिल्म है। जिसे करते हुये मुझे अलग तरह का अनुभव हुआ और ये एहसास भी हुआ कि काॅमेडी करना आसान नहीं ।


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