स्टार ऑफ़ द वीक गुरमीत चौधरी

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Gurmeet-Chaudhary

टीवी स्टार गुरमीत चैधरी जो अपना डेब्यू फिल्म खामोशियां से करने जा रहे हैं उनसे हुई खास बातचीत में उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने राजीव खंडेलवाल जैसे विशेष फिल्म्स के ड्रीम रोल को निभाया। वैसे भी गुरमीत एक ऐसे एक्टर हैं जिनकी लड़कियों में काफी अच्छी फैंस फोलोविंग है।
आपने टीवी के बजाय फिल्मों में अभिनय को क्यों चुना?
वजह ये है कि मैं बहुत दिनों से अच्छे रोल के लिए इंतजार कर रहा था। मैं लगातार सीरियल्स कर रहा था। छोटे फिल्म मेकर जो कि जाना पहचाना चेहरा चाहते थे और मेरे पास स्टार स्टेटस भी था जिस वजह से बहुत सारा काम मेरे पास था । मैंने पहले भी कहा है, कि मैंने सीरियल में हर तरह के किरदार को निभाया है। रामायण में पुरूषोत्म राम के किरदार को करने के बाद, गीत के किरदार को निभाया जहां दो महिलाओं के इर्द-गिर्द मेरी कहानी घुमती थी। मैं शुक्रिया अदा करता हूं मुखर्जी की बीवी का जिन्होंने पुनर विवाह के मेरे किरदार को देखने के बाद मुखर्जी से खामोशियां में मेरे नाम को कास्ट करने की बात कही जब मुखर्जी फिल्म टॉपिक के बारे में सोच रहे थे।

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आपने टीवी में अभिनय करने से क्या सीखा?
टीवी ने मुझे बहुत कुछ दिया है जैसे कि फैंस फोलोविंग और उसी दौरान उसने मुझे एक ऐसा डांसर बनाया जो कभी भी कहीं भी नाचने के लिए तैयार होता है।साफ शब्दों में कहूं तो टीवी ने मुझे मौके पर चैका मारना सिखाया है। मुझे अभी भी याद है जब मैं रामायण में काम करने जा रहा था तो मेरे सारे दोस्त मुझे मना कर रहे थे काम करने लिए कि मुझे सिर्फ ऐसे ही किरदार आगे फिर मिलेंगे पर मैंने ऐसे किरदार के साथ जाना ठीक समझा क्योंकि मैं जानता था कि मेरा य दांव जरूर काम करेगा। किस्मत से मैंने सिर्फ तीन सीरियल में काम किया। तीनों एक और आधे साल के अंतराल में आये और तीनों हिट रही।
खामोशियां में आप किस किरदार में हैं?
फिल्म में मेरा बेहद अलग किरदार है जिसे पहले फिल्म में करने में कोई भी अभिनेता अटकेगा। अगर अच्छे से बतांऊ तो मैं बहुत उलझन में था इस किरदार को लेकर की मैं इसे अच्छी तरह कर पीउंगा या नहीं पर मेरे निर्देशक करण दर्रा और निर्माता मुकेश भट्ट ने मुझपर कोई अंकुश नहीं लगाया और मुझे मेरी एक्टिंग को बेस्ट करने की आजादी  दी। मेरे लिए इस किरदार को करना बहुत बड़ा चैलेंज था पर मैंने भी तय कर लिया था कि मैं हर तरह के चैलेंज का सामना करूंगा।

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क्या खामोशियां सारी हॉरर फिल्म से ज्यादा डरावनी है?
ये न ही एक हॉरर फिल्म है और न ही किसी भूत पर आधारित फिल्म की कहानी । ये एक सुपर नैच्यूरल फिल्म है जिसमें राज है और किसी महल की बात हो रही है।
किस तरह से फिल्मों की एक्टिंग सीरियल के एक्टिंग से अलग है?
डांस रियालिटी शो के अलावा मैंने सिर्फ तीन सीरियल में काम किया है रामायण, गीत, और पुनर विवाह। हम फिल्मों में अपने कैरेक्टर पर जितना काम करते हैं उतना सीरियल्स में नहीं कर पाते हैं। फिल्म खामोशियां में मैंने अपने किरदार पर बहुत काम किया है जिसमें मेरा लुक टीवी से बिल्कुल अलग है। मुखर्जी और करण मुझे काफी वक्त देते थे घर पर भी अपने किरदार पर काम करने के लिए। मेरे दोस्त मुझे जानते हैं कि मैं अपने किरदार के लिए बहुत ज्यादा सनकी अभिनेता हूं और टीवी में भी मैं अपने किरदार में बिल्कुल समा जाता हूं। फिल्म को लेकर मैंने कुछ वीडियों भी बनाये समय के साथ जब मैं उठता हूं सुबह और एक्सरसाइज करता हूं ताकि मैं जान सकूं की मेरी बॉडी लेंगवेज किरदार के अनुसार फिट बैठती है या नहीं। मैंने इस वीडियों को करण और मुखर्जी को भी दिखाया वो देखकर बहुत ज्यादा एक्साइटेड हो गए कि मैं अपने किरदार पर सच बहुत मेहतनत कर रहा हूं।
कैसे निर्देशक हैं करण दर्रा और आपकी को-एक्ट्रेस सपना पब्बी?
खामोशियां एक बहुत ज्यादा एनर्जेटिक फिल्म बनने वाली है जैसा कि करण जो कि एक बहुत यंग निर्देशक हैं वो बहुत ज्यादा टैलेंटेड और एनर्जेटिक भी हैं।सपना ने भी बहुत कम एड फिल्मों में काम किया है और वो काफी मेहनती भी हैं। सपना का प्लस प्वाइंट ये है, कि वो टैलेंटेड पर्सन है और साथ ही मेहनती भी हैं और एक बात और है जिस पर आप विश्वास नहीं करोगे कि ये उनकी पहली फिल्म है।

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अगली प्रोजेक्ट्स के बारे में कुछ बताइये?
अभी विशेष फिल्म के साथ तीन फिल्मों की डील हुई है और इसके अलावा किसी दूसरे जगह से अच्छे किरदार के लिए आॅफर नहीं आये हैं मेरे पास।


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Mayapuri

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