थर्ड आई एशियन फिल्म फेस्टिवल में डायरेक्टर आदित्य ओम की फिल्म ‘मास्साब’ की स्पेशल स्क्रीनिंग

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बच्चों और शिक्षा को लेकर बॉलीवुड में बहुत कम फिल्मे बनी हैं लेकिन डायरेक्टर आदित्य ओम ने बच्चों, टीचर्स और शिक्षा की अहमियत को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण फिल्म बनाई है जिसका नाम है ‘मास्साब’. ‘मास्साब’ का मतलब टीचर होता है. पिछले दिनों मुंबई के सिटी लाईट सिनेमा में थर्ड आई एशियन फिल्म फेस्टिवल में डायरेक्टर आदित्य ओम की कई अवार्ड जीतने वाली फिल्म ‘मास्साब’ की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई जहा फिल्म के डायरेक्टर के साथ सभी कलाकार मौजूद थे।

बुंदेलखंड में शूट हुई ‘मास्साब’ की कहानी एक ऐसे शिक्षक के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक गांव के सरकारी स्कूल को मॉडल स्कूल में बदल देता है. ये फिल्म उच्च आदर्शों वाले एक ऐसे शिक्षक को दर्शाती है, जिसके लिए एजुकेशन सिर्फ कमाई का जरिया नहीं बल्कि अंधेरा दूर करने का एक माध्यम है।

इस अवसर पर फिल्म के डायरेक्टर आदित्य ओम ने कहा कि यह फिल्म अब तक राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय 14 फिल्म फेस्टिवल्स में सेलेक्ट हो चुकी है. अब तक फिल्म को एक दर्जन अवॉर्ड्स मिल चुके हैं. मुंबई में यह हमारी तीसरी स्क्रीनिंग है इससे पहले जागरण फिल्म फेस्टिवल में भी इस फिल्म को दिखाया गया था. कोल्कता इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में भी हम थे और अब थर्ड आई एशियन फिल्म फेस्टिवल में भी इसकी स्क्रीनिंग हुई है. फिल्म की गोवा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल और राजस्थान फिल्म फेस्टिवल में स्क्रीनिंग हो चुकी है. फिल्म के रेस्पोंस से हम बेहद उत्साहित हैं जब हम बना रहे थे तो नहीं सोचा था कि इसे उतना बढ़िया रेस्पोंस मिलेगा. यह एजुकेशन के मुद्दे पर होने के बावजूद एक मनोरंजक फिल्म है।’’

फिल्म छोटे शहरों और गाँव में एजुकेशन की अहमियत को दर्शाती है और बेहतरीन मैसेज देती है. फिल्म अप्रैल या मई 2019 में रिलीज़ करने का इरादा है।

फिल्म निर्देशक का यह भी कहना है कि हम कई मिनिस्ट्रीज़ को फिल्म दिखाने के प्रोसेस में हैं क्योंकि अगर फिल्म को सरकार प्रोमोट करेगी, इसको सब्सिडी देगी, स्कूलों में दिखाने का प्रबंध करेगी तो यह फिल्म के हक़ में बेहतर होगा. ऐसा होने से नए फिल्मकारों को भी मोटिवेशनल सब्जेक्ट पर फिल्मे बनाने की प्रेरणा मिलेगी.’

यह फिल्म प्राइमरी एजुकेशन के मुद्दे पर है. ‘मास्साब’ को लेकर आदित्य ओम का कहना है कि मौजूदा हालात में अर्थपूर्ण सिनेमा बनाना आसान नहीं रह गया है. इस तरह के सब्जेक्ट्स के साथ बिना बड़ी स्टारकास्ट के प्रोड्यूसर्स को अप्रोच करना भी मुश्किल है. जिस तरह का सब्ज्केट और जिस तरह की फिल्म है निर्देशक को उम्मीद है कि इस फिल्म को नेशनल फिल्म अवार्ड भी मिल सकता है।

आपको बता दें कि तेलुगू सिनेमा के जाने-माने अभिनेता आदित्य ओम ने इस फिल्म को निर्देशित किया है. इससे पहले आदित्य हिंदी में ‘बंदूक’ जैसी फिल्म भी निर्देशित कर चुके हैं।

फिल्म में लीड रोल प्ले करने वाले अभिनेता शिवा सूर्यवंशी की यह पहली फिल्म है और इसमें उन्होंने स्कूल टीचर का अहम् किरदार निभाया है. थिएटर बेकग्राउंड के इस एक्टर ने इसमें काफी तयारी के बाद एक्टिंग की है. उन्होंने कहा ‘डायरेक्टर ने बहुत अच्छा गाइड किया. फिल्म को हर टीचर और स्टूडेंट को देखना चाहिए. हर जगह फिल्म की तारीफ हो रही है।’

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