मेरी लाइफ में आज भी कोई लड़की नहीं- अर्जुन कपूर

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नई जनरेशन के स्टार्स में अर्जुन कपूर भी बाॅलीवुड में लगभग स्थापित हो चुके हैं। अपनी फिल्मों से अर्जुन ने साबित कर दिया है कि वो एक अच्छे अदाकार हैं। इस वर्ष उनकी तीन फिल्में रिलीज हुई और तीनों ही हिट साबित हुई। उनके पिता बोनी कपूर के साथ उनके अकंल संजय कपूर ने अपनी होम प्रोडक्शन में फिल्म ‘तेवर’ का निर्माण किया है। अर्जुन कपूर से इस फिल्म के अलावा कुछ सवालों को लेकर एक बातचीत।

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एक सफल अभिनेता के तौर पर कैसा लग रहा है?
– मैं बहुत बहुत खुश हूं स्वर्ग में मेरी मां भी जरूर मेरी सफलता को सेलीब्रेट कर रही होगीं। मैं उन्हें बहुत मिस कर रहा हूं। मुझे एक्टर बनाने में दो ही लोगों का हाथ रहा है, मेरी मां और सलमान खान भाई जान। बहुत कम लोगों को पता है कि बचपन में मैं बहुत मोटा हुआ करता था इसलिए एक्टर बनने का तो मैंने सपने में भी नहीं सोचा था। एक दिन सलमान भाई ने कहा कि वजन कम करो, तुम्हें हीरो बनना है। बाद में यही बात जब मां ने भी कही तो मैंने वेट कम करने का निश्चय किया। मुझे ये पता था मां की बहुत ख्वाईश थी मुझे हीरो के रूप में देखने की । लेकिन वह पहले ही चलीं गई।

‘तेवर’ आपके होम प्रोडक्शन की फिल्म है?
– अलग की तो बात ही छोड़िए, मुझे तो लगता है पापा ने फिल्म में मेरी भूमिका मुझे देखकर ही लिखवाई है। मुझे मेरी भूमिका पढ़ने के बाद पता लगा कि निजी तौर पर वह मुझसे कितनी मिलती जुलती है।

किस तरह की भूमिका है ?
– यह एक ऐसे सीधे सादे लड़के पिंटू की कहानी है। जो सलमान खान का जबरदस्त फैन है। उसकी जिन्दगी में भी कोई लव स्टोरी नहीं है। वो आगरा में रहता है। मनोज वाजपेयी मथुरा के हैं जो एक भ्रष्ट नेता टाइप के बंदे हैं। वे जबर्दस्ती सोनाक्षी सिन्हा को पाना चाहते हैं लेकिन इतिफाक से उन दोनों के बीच मैं आ जाता हूं। उसके बाद क्या होगा ये फिलहाल आपको खुद ही गैस करना होगा।

आपके जीवन में प्यार के क्या मायने हैं?
– मेरी लाइफ में अभी तक कोई लड़की नहीं है। मेरा रिजर्व नैचर इस बात के लिए जिम्मेदार हो सकता है। मां के जाने से पहले मैं काफी हंसमुख हुआ करता था। उनके जाने के बाद मेरा स्वभाव ऐसा हो गया है। स्कूल में मैं काफी मोटा और शाई हुआ करता था इसलिए लड़कियां मुझसे दूर ही रहती थी, मैं उनके लिए सिर्फ हंसी मजाक का पात्र था। एक वजह यह भी रही कि मैं बाहर वालों से आज भी कम ही घुल मिल पाता हूं।

आप तो अपने डैड से भी दूर दूर रहते हैं ?
– ऐसी कोई बात नहीं है। मैं उनसे नाराज या खफा होकर ऐसा नहीं करता। मेरी मां चाहती थी कि खुद आत्मनिर्भर बनू, ऐसा हो भी गया। रही बात डैड की तो हम अगर चाहें तो वह मेरा और मेरी बहन अंशुला को जिन्दगी भर बैठा कर खिला सकते हैं लेकिन मैं खुद कमा रहा हूं तो उनसे मांगने की जरूरत ही नहीं पड़ती।

क्या कंपटीशन का भाव पैदा होता है ?
– हमारी जनरेशन कंपटीशन जैसी चीजों में विश्वास नहीं रखती। रणबीर कपूर, रणवीर सिंह, वरूण धवन या सिद्धार्थ मल्होत्रा, हम सब दोस्त हैं। जहां तक सोचने की बात है तो मैं ये सोचता हूं, मुझे भी एक लुटेरा या बैंड बाजा बारात मिल जाये या फिर बर्फी मिल जाए।

होम प्रोडक्शन की फिल्म करने में इतनी देर क्यों लगा दी?
– होम प्रोडक्शन की फिल्म करने में लगभग दो साल लग गये। वो इसलिए क्योंकि मैं पहले इतना अचीव कर लेना चाहता था कि बाद में मुझे सब कुछ सहज लगे। और अब तो किस्मत की मेहरबानी है कि मार्केट में थोड़ा बहुत सेलेबल हो चुका हूं।

फिल्म के म्यूजिक की काफी तारीफ हो रही है?
– जी हां। इस फिल्म का म्यूजिक भी अपना अलग ही तेवर दिखा रहा है।

फिल्म की शूटिंग कहां कहां हुई ?
– आगरा, मथुरा के अलावा करीब नौ सिटीज में फिल्म को शूट किया गया।

आगे कितने आॅफर्स हैं ?
– तेवर के अलावा एक और फिल्म ‘रिवाॅल्यूशन 2020’ है। वैसे कई फिल्में हैं जो फिलहाल बातचीत तक सीमित है इसलिए उनके बारे में फिर बात करेंगे।

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Mayapuri