दोस्त दोस्त ही रहा सुभाष जी, आप शोमैन से ज्यादा एक अच्छे दोस्त है मेरे लिए

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एक कहावत है कि दोस्ती में नो सॉरी नो थैंकयू होता है। लेकिन कुछ दोस्त हैं और वे क्या हैं और वे मेरे लिए क्या करते हैं जो आपको दोस्ती की किताब में हर नियम को तोड़ने के लिए प्रेरित करते हैं और मेरे लिए वह एक ऐसा आदमी है, जिसे पूरी दुनिया एक शोमैन के रूप में जानती है, लेकिन उन्हें मैं एक ऐसे शख्स के रूप में जानता हूं, जो हर रिश्ते और खासकर दोस्ती का मतलब अच्छे से जानते है। उन्हें सुभाष घई के नाम से जाना जाता है, लेकिन मेरे लिए वह पिछले 42 वर्षों से मेरे सबसे अच्छे मित्रों में से एक रहे हैं और हमेशा रहेंगे। – अली पीटर जॉन

Subhash Ghaiमैं पहली बार उन्हें एक स्ट्रगलर के रूप में देखा था जो एफटीआईआई से पास आउट थे और काम और पहचान की तलाश में थे। मैं उन्हें अलग-अलग जगहों पर देखता था, जहाँ मैं भी किसी काम से जाया करता था, जहाँ आगे बढ़ने की कोई उम्मीद नहीं होती थी। फिर समय के साथ वह जीवन में आगे बढ़ते रहे और मैंने भी ऐसा ही किया। हम किसी तरह के आम चौराहे पर पहुँच गए जब वह एक प्रसिद्ध निर्देशक थे और मैं “स्क्रीन” के लिए काम करने वाला एक नौसिखिया पत्रकार था। हमने कभी भी हमेशा के लिए दोस्त बनने की शपथ नहीं ली थी, लेकिन हम अभी भी सबसे अच्छे दोस्त बने हुए हैं।

सुभाष जी ने मुझे उनकी गाथा का हिस्सा बनने का सौभाग्य दिया है और साथ ही मैं उनके परिवार का भी हिस्सा हूँ। मैं मशहूर हस्तियों के अलग-अलग घरों में रहा हूं, लेकिन सुभाष जी के घर या दफ्तरों में मुझे जितना सहज महसूस हुआ उतना कही नहीं हुआ। वह हमेशा से सबसे अच्छे दोस्त रहे हैं और एक बार भी उन्होंने मुझ पर कभी अपना दबदबा या अपनी शोमैनशिप नहीं दिखाई। वह हमेशा से उत्साह और जोश से भरे हुए वह युवक रहे है जिसने कभी सीखना बंद नहीं किया और न ही कभी रुके हैं। उन्होंने कभी भी आत्मसमर्पण करने में विश्वास नहीं किया, बल्कि अपने रास्ते में आने वाले हर बाधा से लड़ते रहे जिसने उन्हें और उनकी महत्वाकांक्षाओं और उनके सपनों को किसी भी तरह की रोकने की कोशिश की।

वह भारत में फिल्म उद्योग की अग्रणी हस्तियों में से एक रहे हैं, साथ ही वह जीवन के हर क्षेत्र में, जीवन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में से एक सम्मानित नाम भी हैं।

सुभाष जी अच्छे समय और बुरे समय में मेरे मित्र रहे हैं। उन्होंने मुझे अपने सभी पब्लिक और पर्सनल फंक्शन और कार्यक्रमों में आमंत्रित करने के लिए एक प्रकार का नियम बनाया हुआ है। मैं उनके सभी जन्मदिन समारोह, उनकी शादी की सालगिरह, उनके बैनर मुक्ता आर्ट्स के तहत बनाई गई उनकी सभी फिल्मों की लॉन्चिंग का हिस्सा रहा हूं और मुझे उनके ड्रीम स्कूल, ‘व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल’ की आधारशिला रखने और सर्वश्रेष्ठ फिल्म स्कूल के उनके सपने को पूरा होने का साक्षी बनने का अनूठा सम्मान मिला हैं। और मैं दुनिया में दस सर्वश्रेष्ठ फिल्म स्कूलों में से एक ‘डब्ल्यूडब्ल्यूआई’ को देखने का भी गवाह रहा हूं। मैंने उन्हें अपने सपनों, मुक्ता आर्ट्स और डब्ल्यूडब्ल्यूआई दोनों को अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए व्याकुल और लगातार रूप से काम करते देखा है। वह अंततः सबसे सफल फिल्म निर्माताओं में से एक साबित हुए हैं, साथ ही एक आदर्श मास्टर माइंड के रूप में भी साबित हुए है।

उनके पास एक टीम है जो उनके जुनून को एक तरह के ओबसेशन के साथ साझा करती है जो उन्हें प्रोत्साहित करता रहता है और उन्हें उन उच्च लक्ष्यों पर निशाना लगाने के लिए प्रेरित करते हैं जिसे वो एक वक़्त हासिल कर चुके थे। उनके पास हजारों छात्र हैं जो उन्हें उस “गुरु” के रूप में देखते हैं जिसे उन्होंने ढूंढा है और पाया है। लेकिन उनकी सबसे बड़ी ताकत रेहाना (मुक्ता) के साथ उनका पारिवारिक जीवन है, जो उनकी सुंदर और साधारण पत्नी हैं।

उनके साले राजू फारूकी और परवेज फारूकी हैं, जो उस समय से लेफ्टिनेंट थे और वह उस उड़ान को सफलता के अज्ञात आकाश में ले गए थे।

और वह मेघना जैसी बेटी पाने के लिए भगवान के विशेष रूप से धन्य और आभारी रहे होंगे जो कि अपने पिता कि तरह ही बहुत प्यार के साथ डब्लूडब्लूआई को चलाती है। वह राहुल पुरी जैसे इंसान को एक दामाद के रूप में पाकर भी बहुत भाग्यशाली हैं, जिनके पास एक क्वाइट लेकिन सभी इच्छाशक्ति वाली चीजें हैं जिनका आसानी से वर्णन करना काफी मुश्किल है।

सुभाष जी 70 प्लस है लॉकडाउन के दौरान भी अद्भुत काम कर रहे थे, जो इस बात का सबूत है कि एक आदमी जिसने कभी खुद के लिए कोई भविष्य नहीं देखा था वह क्या कुछ नहीं कर सकता था और कर रहा था।

मुझे इस बात का यकीन है कि मेरे इस दोस्त को एक बार “उमंग” नामक फिल्म में नायक की भूमिका निभाने के लिए 650 रुपये का भुगतान किया गया था, वह निश्चित रूप से यही नहीं रुके थे। उन्हें बस जरूरत थी और है तो लोगों की शुभकामनाओं और प्रार्थनाओं की और मैं उनके जन्मदिन (24 जनवरी) के अवसर पर उनके और उनके सभी महत्वाकांक्षी कारनामों के लिए उन्हें अपनी सर्वश्रेष्ठ प्रार्थनाएं देना पसंद करूंगा और आने वाले सभी वर्षों में मेरे इस “दोस्त” के लिए मेरी सबसे अच्छी प्रार्थना उनका एक्टिव और हेल्थी रहना है, ताकि वह न केवल अपने और अपने सपनों के लिए, बल्कि दुनिया की भलाई के लिए बड़े और अधिक सार्थक काम करे, हालाँकि वह अभी भी उनके प्रति बहुत आशा, प्रेम और विश्वास रखते है।

अब आगे ही जाना होगा, मेरे दोस्त, क्योंकि पीछे मुड़ना न आपकी नीयत में है, न आपकी फ़ितरत में है।

subhash ghai

अनु- छवि शर्मा

 


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Mayapuri

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