स्वरा भास्कर ने अपने स्टॉकर को कहा ‘हैलो’

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सेलिब्रिटीज को उन्हें मिलने वाली लाइमलाइट के बदले अपना व्यक्तिगत जीवन पूरी तरह से कुर्बान करना पड़ता है। एक तरफ जहां सेलिब्रिटी का पाला पीछा करने वाले स्टॉकर से पड़ता है तो यह हमेशा खबर बनती है, वहीं आम जीवन जी रहे लोगों को भी इसका सामना करना पड़ता है, फिर चाहे वह स्त्री हो या पुरुष, यह स्टॉकिंग कई बार ऑनलाइन होती है तो कई बार आमने–सामने शारीरिक रूप से भी होती है। भारत का अग्रणी स्‍ट्रीमिंग प्‍लेटफॉर्म एमएक्स प्‍लेयर अपने दर्शकों के लिए स्‍टॉकिंग पर अपने पहले साइकोलॉजिकल थ्रिलर,  एमएक्‍स ओरिजिनल सीरीज़ – ‘हेलो मिनी’ को लेकर आया है।

यह सीरीज़ आपको अनुभव कराती है कि जब आपके जीवन में एक आवाज रहित,  अनाम और बिना चेहरे का अजनबी घुसपैठ करता है तब क्‍या होता है।

स्‍टॉकिंग जैसे विषय पर लाई गई सीरीज को अपना समर्थन देते हुए, स्‍वरा भास्‍कर, अभिनेत्री एवं ट्रॉल डिस्‍ट्रॉयर, दक्षिणपंथी बैटर और उदार हिस्टेरिक ने अपने साथ घटी पीछा करने की घटनाओं के बारे में बताया और उन्‍होंने यह भी बताया कि वह इससे कैसे निपटती हैं।

स्वरा ने इस बारे में अपना अनुभव याद करते हुए बताया, “मुझे लगता है कि पीछा किए जाने या घूरे जाने का अनुभव उन सबसे डरावनी चीजों में से एक है जो किसी भी व्यक्ति के जीवन में हो सकता है। मेरे मामले में कॉलेज में एक शख्स था और मुझे यह देखकर बहुत आश्चर्य होता था कि कैसे उसने मुझे इतना परेशान किया, डराया और असहज किया। वह बस मेरा पीछा किया करता था और थोड़ी दूरी से मुझे घूरता रहता था। हर जगह जहां मैं गई, हर बार मैंने देखा कि वहाँ वह था। वह मेरी आँखों से आँखें मिलाकर मुझे एक टक देखता रहता था। असल में, मेरे पास डरने की कोई वजह नहीं थी क्योंकि हमारा विश्वविद्यालय महिलाओं के लिए काफी सुरक्षित था और मेरे माता-पिता कैंपस में रहते थे – इसलिए मुझे पता था कि मैं सुरक्षित हूं। लेकिन स्टॉकिंग के साथ यह बात जुड़ी हुई है कि यह आपके सबसे सुरक्षित स्थानों को भयावह और डरावना बना सकता है। एक दिन स्टाकर सुबह 6 बजे मेरे घर पर आया और मेरे माता-पिता से मिला और उसने मेरे लिए कहा कि वह मुझसे प्यार करता था। मेरे माता-पिता भी उसकी इस हरकत से खासे परेशान हो गए थे और चौंक गए थे,  लेकिन उन्होंने उसे विनम्रतापूर्वक भेज दिया। अंत में, मैंने अपने डर पर काबू पाने और उस पीछा करने वाले का सामना करने का फैसला किया। मैं वास्तव में उसके पास गई और उससे कहा कि मुझे उससे बात करने की आवश्यकता है। मैंने उससे कहा कि वह जो कुछ भी कर रहा है, उससे मैं बुरी तरह परेशान हो रही हूँ और इसलिए उसे इसे रोकने की जरूरत है! और उस दिन उसके प्रति मेरा डर पूरी तरह गायब हो गया। तब से जब भी मैंने उसे देखा, मैंने उसे हेलो कहने का मन बना लिया।”

स्वरा ने आगे बताया, “इसके बाद मैं जल्द ही बॉम्बे शिफ्ट हो गई और उम्मीद है कि लड़का अपने जुनून पर काबू पा चुका होगा। लेकिन इसने मुझे एहसास दिलाया कि पीछा किया जाना एक महत्वपूर्ण मुद्दा है और हमारे सिनेमा और साहित्य में महिला या पीछा करने वाले व्यक्ति के दृष्टिकोण से चीजें कभी भी सामने नहीं रखी गई हैं। हमारी फिल्मों में पीछा करना हमेशा रोमांटिक होता है और असल में इसे ऐसे दिखाना बहुत गैर जिम्मेदाराना है। मुझे बहुत खुशी है कि ‘हेलो मिनी’ में कहानी महिला के नजरिए से कही जा रही है। यह महत्वपूर्ण है कि हमारे पास ऐसी सामग्री हो जो हमारे बीच सार्थक और ईमानदार वार्तालाप उत्पन्न कर सकें, ताकि मौजूद जहर बुझे भावों और विचारों को चुनौती दी जा सके और उन्हें बदला जा सके। मैं ‘हेलो मिनी’ सीरीज को देखने का बेसब्री से इंतजार कर रही हूं जोकि नोवोनील चक्रवर्ती की ‘स्ट्रेंजर ट्राइलॉजी’ का रूपांतरण है और इसके निर्देशक हैं फारुक कबीर और इसे लिखा है एमएक्स प्लेयर पर आनंद शिवकुमारन ने।”

एक मजाक, एक प्रेमी का ट्विस्‍टेड जुनून, एक गुप्‍त प्रशंसक या इससे कहीं और ज्‍यादा? यह शानदार कहानी रिवाना की उस खोज पर केंद्रित है, जिसमें वह एक अजनबी को खोजने और रहस्य की तह तक पहुंचने के लिए प्रयास करती है। गोल्डी बहल के रोज ऑडियो विजुअल प्राइवेट लिमिटेड द्वारा अप्लॉज एंटरटेनमेंट के लिए निर्मित, यह शो एक जबर्दस्‍त एंटरटेनर होने का वादा करता है जोकि दर्शकों को बांधकर रखेगा।

“हेला मिनी” सीरीज एमएक्स प्लेयर पर मुफ्त में स्ट्रीम हो रहा है!

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