छूटती नहीं है मुंह से यह काफिर लगी हुई! – तनुजा

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052-35 Tanuja

मायापुरी अंक 52,1975

मैं अभी फिल्मों में काम नहीं करूंगी। गृहस्थी बसाने के बाद फिल्मों में काम करना बड़ा मुश्किल है। मैं अपने वैवाहित जीवन से सुखी हूं। यह वह शब्द है जो लगभग पन्द्रह दिन पहले सन एन सेण्ड होटल की एक पार्टी में तनुजा ने हमसे कहे थे। हमने उससे पूछा था कि वह फिल्मों में पुन: क्यों काम नहीं करती। जबकि वह अभी भी बड़ी आकर्षक लगती है। इसके जवाब में तनुजा ने वक्त वाक्य कहते हुए कहा था आप कैसी बातें करते है। मेरे ससुराल वाले आस-पास बैठे हैं सुनेंगे तो क्या कहेंगे?

और आज हमें पता चला है कि तनुजा प्रेम किशन के साथ पुन: हीरोइन बनकर फिल्मों में कदम रख रही हैं। सच! फिल्म वालों की किसी बात का ठिकाना कोई नहीं है। वह करते कुछ हैं और कहते कुछ हैं। लेकिन वे भी क्या करें? यह काम ही ऐसा है छुटती नहीं है मुंह से यह काफिर लगी हुई।


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Mayapuri

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