“मैं त्योहारों के नाम पर जानवरों की कुर्बानी का विरोध करता हूँ।” तनवीर जैदी

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अभिनेता तनवीर जैदी अपने बेबाक बयानों के लिये जाने जाते हैं। पिछले  दिनों उनसे  मेरी चर्चा  बकरीद पर्व को लेकर चल पड़ी। मुझे पता था कि वह हर बकरीद पर अपनी कोई न कोई बुरी आदत का त्याग करते हैं। मैं इसी टॉपिक को आगे बढ़ाने के लिए कहता हूं कि क्या वह यह सिलसिला आगे भी जारी रखने वाले हैं? –  शरद राय

‘‘मेरी बकरीद बकरे की बलि के बिना होती है,  इस बकरीद पर मैं अपनी एक बुरी आदत की कुर्बानी दूंगा ।’’ वह विषय की गंभीरता को सोचते हुए कहते हैं।

कैसी बुरी आदत ?

– ‘‘पिछली बकरीद पर मैंने महसूस किया था कि मुझमें कहीं न कहीं ईर्ष्या की गंदी आदत है। हालांकि यह जलने की गंदी आदत हम एक्टर्स में आपसी प्रतिस्पर्धा (कॉम्पिटिशन) के कारण ही होती है, कई अभिनेताओं को उनकी प्रतिभा और मेहनत से कहीं अधिक सफलता मिलती देखकर और साथ ही उनके अचानक घमंडी हो जाने पर मैं अंदर से सकपका जाता था, किन्तु मैंने एक दिन शांति से सोचा कि वे यूँ ही सफल नहीं हुए होंगे, कोई न कोई विशेषता उनमें अवश्य होगी जो मुझे किन्हीं कारण वश नजर नहीं आ रही और विश्वास कीजिये  पिछली बकरीद पर मैंने अपनी उस गन्दी आदत की कुरबानी दे दी, तबसे मुझे किसी के लिए ईर्ष्या, जलन, हसद , जेलेसी की भावना नहीं उत्पन्न हुई, इस बकरीद पर भी कोई गन्दी आदत की कुर्बानी दूंगा।’’

मैंने मुस्करा कर पूछा, ‘‘इस बार कौनसी गन्दी आदत को कुर्बान करेंगे ?’’
तनवीर कुछ देर के लिये शांत होकर सोचने लगे, फिर अचानक ही बोल पड़े, ‘‘इंसान हूँ कई गन्दी आदतें हैं, कोई न कोई सी आदत से अवश्य छुटकारा पा लूंगा, अरे हाँ, मुझमें शक करने की एक और गन्दी आदत है, इस बार उसकी कुर्बानी दूंगा।’’ तनवीर जैदी ने मुस्करा कर जवाब दिया। मैंने आगे बात बढ़ाई।

आपको बकरे की कुर्बानी पर क्यों आपत्ति है?

– मैंने कारण जानना चाहा , इस पर तनवीर जैदी गम्भीर होकर बोले, ‘‘देखिये मैं अन्य भाई, बहनों, मित्रों पर अपने विचार नहीं थोप रहा , धार्मिक परम्पराओं में लोगों की गहरी आस्था होती है , मैं किसी की आस्था को ठेस पहुंचाए बिना कहना चाहूंगा कि जो ईश्वर सम्पूर्ण संसार का रचयिता है वह एक बेजुबान जानवर की बलि से क्यों प्रसन्न होगा ?’’ तनवीर आगे बोलते हैं, ‘‘यह पूर्णतः मेरे व्यक्तिगत विचार हैं, यदि किसी को बुरा लगे तो मैं पहले ही माफी मांग ले रहा हूँ।’’ तनवीर जैदी आगे बोलते हैं, ‘‘यह किसी एक धर्म की परंपरा की बात नहीं, लगभग सभी धर्मों में आस्था रखने वाले बहुत लोग बलि, कुर्बानी में आस्था रखते हैं,  जैसा कि आपको ज्ञात होगा कि मैं ‘बिग मैजिक’ के रियेलिटी शो ‘मेले का बिग स्टार’ का जज और मेंटर रहता हूँ, सीजन वन से सीजन 7 तक का जजमेंट करने के दौरान मैं इस प्रकार के कई ‘ट्राईबल रिचुअल्ज’ का साक्षी रहा हूँ।

अपनी एक रीजनल फिल्म – जिसका मैं हीरो था, के लिए जब मैं तरकुलहा देवी मंदिर, गोरखपुर में शूटिंग कर रहा था, तब मुझे मन्दिर के पुजारियों द्वारा उस स्थल की एक परम्परा की जानकारी मिली , वहां भगवान और देवी को प्रसन्न करने हेतु 100 वर्षो से भैंसों की बली दी जाती रही है और प्रसाद में उसी मास का वितरण किया जाता रहा है , पिछले कुछ वर्षों से भैंसों के बजाए बकरों की बली दी जाने लगी है।’’
मैंने विषय बदलकर पूछा, ‘‘नई फिल्म या टीवी सीरीज कब तक रिलीज होगी ?’’ तनवीर ने जानकारी दी, ‘‘दिसम्बर तक मेरे होम् प्रोड्क्शन की  ‘21,कमाठीपुरा, मुम्बई’ रिलीज होगी और उसके बाद बहुत दिनों से विवादित ‘गुडमार्निंग इंडिया’ दर्शकों तक पहुंचेगी ।’’

 


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Mayapuri

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