Tata Ambani के रहते इस देश में ऑक्सीजन की दिक्कत नहीं हो सकती

1 min


Tata और Ambani के रहते इस देश में Oxygen की किल्लत हो ही नहीं सकती

जहाँ एक तरफ पूरा देश कोरोना संक्रमण से जूझ रहा है, यहाँ वहाँ मदद की गुहार लगा रहा है वहीं कुछ लोग हैं जो सिर्फ और सिर्फ दूसरों को कोसने का काम कर रहे हैं। उनके लिए सारी मुसीबतों और ग़रीबी की जड़ बड़े बड़े इंडस्ट्रियलिस्ट, जैसे मुकेश अम्बानी, गौतम अडानी या टाटा ग्रुप हैं। लेकिन आपको हम ये भी बता दें कि Oxygen जैसी क्रिटिकल समस्या के समाधान के लिए यही लोग इस वक़्त देश की सबसे ज़्यादा मदद कर रहे हैं।

टाटा स्टील ने हाल ही में ट्वीट कर के जानकारी दी है कि देश में मेडिकेटिड Oxygen की किल्लत से बचने के लिए उनकी कम्पनी रोज़ 300 टन Oxygen ज़रूरतमंद स्टेट में पहुँचाने का काम कर रही है।

वहीं देश की सबसे बड़ी कम्पनी, मुकेश अम्बानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज एक दिन में 700 टन Oxygen सप्लाई कर रहे हैं। इससे भी अच्छी बात ये है कि मुकेश अम्बानी इस सप्लाई का कोई पैसा नहीं लेंगे, वह फ्री ऑफ कास्ट इसे ज़रूरतमंद लोगों तक, उनकी स्टेट गवर्नमेंट और हॉस्पिटल्स के द्वारा पहुँचायेंगे। कुछ समय पहले तक उनके जामनगर गुजरात प्लांट से 100 टन ऑक्सीजन जेनेरेट की जाती थी। अब वही आंकड़ा 700 टन हो गया है।

सीधी भाषा में ये समझिए कि मात्र इन दो कंपनीज़ की मेहरबानी से एक लाख से ज़्यादा मरीज़ों के लिए Oxygen सप्लाई रोज़ मिल रही है। इसके साथ ही, टाटा कम्पनी विदेश से 24 ऐसे वाहन भी आयात करने की तैयारी में हैं जिनसे ऑक्सीजन यहाँ से वहाँ भेजी जा सके।

तकरीबन हर स्टेट में ऑक्सीजन पहुँचाने को कटिबद्ध टाटा ग्रुप ने अपने होटल्स को भी फिलहाल कोरोना पेशेंट के बेड के लिए इस्तेमाल करना शुरु कर दिया है।

तो अगर आपको या आपके किसी जानकार को कोरोना हो गया है और Oxygen के लिए हॉस्पिटल मना करता है तो तुरंत उसकी शिकायत किसी उच्च अधिकारी से कीजिए। यकीन मानिए देश में ऑक्सीजन की कमी नहीं, बस मैनेजमेंट की दिक्कत है। हालांकि अब जनप्रतिनिधियों के अलावा आम लोग भी एक दूसरे के सपोर्ट में उतर आए हैं।

आप सबसे अनुरोध है कि ज़रुरत पड़ने पर ही घर से निकलें, मास्क पहने रहें, हाथ धोते रहें। कोरोना संक्रमण से सुरक्षित रहें और दूसरों की मदद के लिए आगे आयें।

सिद्धार्थ अरोड़ा ‘सहर’