मूवी रिव्यू: ‘शनि और मंगल का प्रकोप दर्शाती फिल्म’ ‘तेरा मेरा टेडा मेडा’

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रेटिंग*

आपके जीवन में सनी और मंगल तथा बाकी सात ग्रहों का क्या महत्व हैं। अगर आपको इसके बारे में जानकारी चाहिये तो आप कथा पटकथा, संगीतकार, अभिनेता और निर्देशक चितरंजन त्रिपाठी की कथित कॉमेडी फिल्म ‘तेरा मेरा टेडा मेडा’ देख सकते हैं। फिल्म में स्वंय शनि और मंगल ग्रह आकर एहसास दिलवाते हैं कि अगर उनकी किसी पर नजरे इनायत हो जाये तो उसका क्या हाल हो सकता है।

कहानी

राहुल बग्गा और गितिका त्यागी (जिसने निर्देशक सुभाष कपूर पर रेप केस किया था) दोनों पेन्टर हैं। लेकिन गितिका के साथ एक ट्रेजिडी ये हुई थी कि एक बार उसे उल्लू ने काट लिया था उसके बाद से वो दिन में पूरी तरह नहीं देख पाती लेकिन उसे उल्लू की तरह रात को दिखाई देता हैं उसका यही नुस्क उसके लिये फायदेमंद साबित हो रहा है दरअसल उसकी रात को बनाई गई पेन्टिंग्स अच्छी प्राईस में बिकती है जबकि उसके साथ लिव इन रिलेशनशिप पार्टनर राहुल बग्गा सिर्फ नंगी औरतों की ही पेन्टिंग बनाने में माहिर है। इसलिये तकरीबन सारा खर्चा गितिका को ही संभालना पड़ता है। दोनों अक्सर किसी भी बात पर लड़ने लग जाते हैं और उनमें से कोई भी कुछ अरसे के लिये दूर हो जाता है। दरअसल उन पर इन दिनों शनि यानि राजेश शर्मा और मंगल यानि चितरंजन त्रिपाठी की नजरें इनायत हो रही है। अब जिस पर इन दोनों ग्रहों की मेहरबानी हो वो भला ठीक ठाक कैसे रह सकता है। इसलिये एक दिन दोनों इतनी खतरनाक लड़ाई होती हैं कि गितिका राहुल को छोड़ मलेशिया चली जाती है इस बीच राहुल कई लड़कियों से संबन्ध स्थापित करता है, लेकिन गितिका उसके दिल से नहीं निकल पाती। यही हाल गितिका का भी है इसलिये वो मलेशिया से वापस आ जाती है। इस बीच शनि और मंगल को भी उन पर तरस आ जाता है  लिहाजा वे उन पर से अपनी दृष्टि हटा लेते हैं। उनके हटते ही राहुल को एक बहुत बड़ा कान्ट्रेक्ट हासिल हो जाता है और वे एक बार फिर दोनों एक हो जाते है।

निर्देशन

फिल्म का जॉनर कॉमेडी है इसलिये स्थिति कुछ भी हो हर पात्र कॉमेडी करता नजर आता है। यहां तक शनि और मंगल भी। निर्देशक ने जो कल्पना की है वो काफी बचकानी है इसलिये कॉमेडी करते कलाकारों पर नहीं बल्कि निर्देशक की सोच पर हंसी आती है ।

अभिनय

राहुल बग्गा इससे पहले मिस टनकपुर में दिखाई दिया था। इस फिल्म में उसने एक असफल पेन्टर की भूमिका निभाई है इसी तरह गितिका भी ऐसी पेन्टर है जो रात को काम करती है। दोनों ने अपनी भूमिका में मेहनत की हैं। इसके अलावा राजेश शर्मा, चितरजंन त्रिपाठी तथा रीमा वौरा के अलावा नीरज सूद ने एक गे भूमिका को काफी बढि़या तरीके से निभाया है। लेकिन जब स्क्रिप्ट कमजोर हो तो आर्टिस्ट क्या कर सकते हैं ।

क्यों देखें

अगर ग्रहों पर आपका विश्वास है तो आप एक बार फिल्म देख सकते हैं ।

 


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Mayapuri

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