टेलीविजन ने मुझे फिल्मों से कई बेहतर भूमिकाएं दी हैं – साक्षी तंवर

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Sakshi Tanwar

हालही में साक्षी तंवर का 48 वां जन्मदिन बिता है, जिन्होंने बहुत समय पहले एक समय में देवी की तरह छोटे पर्दे पर राज किया था। हम मायापुरी की ओर से, उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हैं।

एक समय में, जब तक छोटे पर्दे पर उनकी लोकप्रियता का सवाल हैं अपनी सहकर्मी स्मृति ईरानी की तरह, साक्षी तंवर भी एक बहुत स्ट्रोंग एक्ट्रेस रही हैं।

हालांकि वह बड़े पर्दे के मामले में ज्यादा भाग्यशाली साबित नहीं हो सकी हैं, लेकिन उनकी फिल्म दंगल बॉक्स ऑफिस पर सुपर डुपर हिट साबित हुई हैं। उनकी एक फिल्म “सलून” को अभी तक रिलीज नहीं किया गया है।

ज्योति वेंकटेश

अब तक साक्षी ने बॉलीवुड की चार फिल्मों में काम किया है

Aamir Khan and Sakshi Tanwar

साक्षी ने शंकर महादेवन के साथ “कट्यार कलजत घसाली” नामक एक मराठी फिल्म में भी काम किया है, जिसमें सुबोध भावे निर्देशक के रूप में और सचिन ने सह-अभिनेता के रूप में भी काम किया हैं।

हालाँकि, जो अभिनेत्री स्वीकार करती है कि वह अपने करियर का श्रेय टेलीविज़न पर देती है, वह फिल्मों में अभिनेत्री के रूप में टीवी पर पसंद की जाने वाली अभिनेत्री के रूप में भी कम नहीं है और वह कहती है कि वह छोटे पर्दे पर आज तक जो कुछ भी हासिल कर पाई है, उससे बहुत खुश है।

हाल ही में एक प्रोडक्ट लॉन्च में, मैं उनसे बात करने में कामयाब रहा मैंने साक्षी से पूछा कि क्या वह “बडे अच्छे लगते है” में अपनी भूमिका के साथ स्थिर महसूस करती है, क्योंकि यह शुरुआत से ही काफी अच्छा चल रहा था।

उन्होंने तुरंत जवाब दिया, “मुझे ‘बडे अच्छे लगते है’ में अपनी भूमिका को लेकर तनाव क्यों महसूस करना चाहिए? इसके विपरीत, मैं खुश और रोमांचित हूं कि ऐसे समय में जब धारावाहिकों को अच्छी प्रतिक्रिया और टीआरपी के लिए तीन या चार महीनों के भीतर ऑफ एयर कर दिया गया, तो यह शो लंबे समय तक प्रसारित हुआ था।

इस धारावाहिक को शुरू में केवल 150 एपिसोड के लिए शुरू किया गया था, लेकिन इसके लिए जनता की भारी मांग के कारण, यह 500 एपिसोड को पार कर गया था।

स्थिर महसूस करने के बारे में तो आप भूल जाए, मैं वास्तव में भूमिका के साथ-साथ इस शो के लिए मुझे जो प्रतिक्रिया मिल रही थी और मिलती है उससे मैं बहुत खुश महसूस करती हूँ।”

साक्षी धारावाहिक में अपने सह-अभिनेता राम कपूर के साथ अपने तालमेल से आगे बढ़ती हैं और खुलकर स्वीकार करती हैं कि राम कपूर के साथ उनका तालमेल वास्तव में इन 500 एपिसोडों में विकसित हुआ है,शो शुरू होने के लगभग तीन साल के अंतराल में।

Sakshi Tanwar and Ram kapoor

“मैं वर्षों से राम के साथ स्क्रीन पर बहुत स्वस्थ और अच्छा संबंध साझा करती रही हूं क्योंकि हमने एक-दूसरे को जानना शुरू कर दिया था।

हमने ऑनस्क्रीन शेयर किए गए कम्फर्ट ज़ोन में इसका अच्छी तरह से अनुवाद किया है। हमारे बीच में एक दूसरे के लिए बहुत सम्मान है।

हम दोनों अपने अपनी जगह में सहज और सुरक्षित महसूस करते हैं। उन्हें स्क्रीन स्पेस मिलने या सीरियल में मुझे अधिक फुटेज मिलने के मामले में हम दोनों में कोई असुरक्षा पैदा नहीं हुई।”

अब तक, साक्षी ने बॉलीवुड की चार फिल्मों में काम किया है- एकता कपूर की ‘सी कंपनी ’, ‘कॉफी हाउस’, आमिर खान की ‘दंगल’ और चंद्रप्रकाश द्विवेदी की ‘मोहल्ला अस्सी’ लेकिन वह अभी तक फिल्मो में खुद को साबित करने में सक्षम नहीं हुई है।

क्यों? मै उनसे पूछ्ता हूँ। साक्षी कहती है, “मैं अभी जो कर रही हूं, उससे बहुत सहज महसूस करती हूं। और मुझे विश्वास है कि जो मैं अभी कर रही हूं उससे खुश होने के बजाय एक बड़े माध्यम में संघर्ष कर रही हूं।

सच कहूं, तो मुझे लगता है कि मैंने अपने लिए जो स्थान टेलीविजन में बनाया है, वह कुछ ऐसा है जिसकी मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी।

भगवान मुझ पर बहुत मेहरबान रहे हैं। मैं बहुत छोटे सपनों के साथ एक छोटे शहर से आई थी और भगवान ने आज मुझे बिना मांगे ही बहुत कुछ दिया है। इसलिए अगर मैं इसका मूल्य नहीं रखती हूं और उनसे मांगती रहूंगी, तो मैं उनकी इच्छा का अनादर करूंगी।”

Sakshi Tanwar

चाहे बॉलीवुड हो या टीवी, साक्षी का कहना है कि वह केवल अच्छी और चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं की तलाश में रहती हैं। वह कहती है, “मेरी राय है कि जो मायने रखता है वह भूमिका की ताकत है न कि लंबाई।

सही भूमिका प्राप्त करना आपके हाथ में नहीं है। इसके अलावा, आप यह अनुमान नहीं लगा सकते हैं कि किसी फिल्म को उचित रिलीज मिलेगी या नहीं या यह बॉक्स ऑफिस पर बड़े पैमाने पर हिट होगी या नहीं।

जब मुझे ‘मोहल्ला अस्सी’ नामक सनी देओल के साथ एक फिल्म में काम करने का प्रस्ताव मिला, तो मैं उत्साहित थी, लेकिन यह पहले दिन की कामयाब होने में सक्षम नहीं थी, हालांकि यह बहुत अच्छी भूमिका थी और मुझे उस फिल्म में काम करने में बहुत मजा आया। यह एक सुंदर विषय था।

यह 1980 के दशक में बनारस में काशीनाथ सिंह के हिंदी उपन्यास ‘काशी का अस्सी’ पर आधारित है और स्वतंत्रता के बाद के युग में स्थापित है और बनारस के एक ऐतिहासिक मुहल्ले में रहने वाले शिक्षक के बारे में है।

मिस्टर देओल ने एक संस्कृत टीचर की भूमिका निभाई और मैंने उनकी पत्नी की भूमिका निभाई थी। मुझे न केवल लेंथ के मामले में बल्कि स्ट्रेंग्थ के मामले में भी इस फिल्म पर बहुत गर्व था।”

Sakshi Tanwar

मैं उनसे यह पूछकर उन्हें उकसाने की कोशिश करता हूं कि क्या वह अन्य अभिनेत्रियों की तरह लालची और महत्वाकांक्षी नहीं है जहां तक बॉलीवुड का संबंध है।

उन्होंने जवाब दिया, “मैं महत्वाकांक्षी और लालची हूं लेकिन अच्छी भूमिकाओं के लिए, सिर्फ पैसे के लिए नहीं। चुनौतीपूर्ण भूमिकाएं हैं, लेकिन मैं इसके लिए लालची हूं, चाहे वह फिल्म हो या टीवी। मुझे नहीं लगता कि यह हर टेलीविजन अभिनेता के लिए बॉलीवुड में खुद को लुभाने का आदर्श है।

जिसकी मुझे जरूरत थी मुझे वह सब देने के लिए मैं हमेशा टेलीविजन की आभारी रहूंगा। मुझे बॉलीवुड की तरह दूसरे माध्यम में खुद को स्थापित करने के लिए अपनी जड़ों से क्यों कट जाना चाहिए? आज मुझे टीवी में जिस तरह की भूमिकाएं मिलती हैं, वह फिल्मों में मुझे मिलने वाली भूमिकाओ से कई बेहतर है।”

साक्षी ने कहा कि वह बिग बॉस जैसे किसी भी रियलिटी शो का हिस्सा बनने के लिए बिल्कुल भी सहमत नहीं हैं, क्योंकि जैसा कि वह स्वीकार करती हैं, यह रियलिटी शो उनके लिए सही नहीं हैं।

वह कहती है, “मेरी राय है कि मैं प्लास्टिक नहीं हो सकती और कैमरे के सामने 24 घंटे अपने वास्तविक आत्म को नहीं दबा सकती हूं वह भी बिग बॉस जैसे रियलिटी शो में; जहा हर कोई अलग तरह का हैं।”

पर्टिंग शॉट के रूप में, जब मैं साक्षी से पूछता हूं कि क्या स्मृति की तरह, वह भी बड़े पैमाने पर राजनीति करने के लिए किसी भी सीक्रेट एम्बिशन की पूर्ति कर रही हैं और राज्यसभा में सीट पाने के लिए अपनी लोकप्रियता का इस्तेमाल करती हैं, तो वह इसके जवाब में कहती हैं, “मैं अब तक जो कुछ भी कह सकती हूं, वह यह है कि हम इस पट तब बात करेंगे जब टाइम आएगा।”

अनु- छवि शर्मा


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