OTT प्लेटफॉर्म्स और सोशल मीडिया के लिए लागू की गई है ये गाइडलाइन्स

1 min


गाइडलाइन्स

OTT प्लेटफॉर्म की फिल्म और वेब सीरीज को लेकर हुए विवाद के बाद अब लगाम कसने के लिए भारत सरकार ने नए नियम और कानून बनाए हैं। सरकार के अनुसार यदि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स भारत में बिजनेस करना चाहते हैं, तो उन्हें इन नियम और कानूनों का पालन करना होगा।

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कहा था कि “फेक न्यूज़ और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए नई गाइडलाइन्स का लागू होना जरूरी है। आज के समय में बच्चों से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक, हर वर्ग के अरबों लोग सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में कई गलत एलिमेट्स इन प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर लोगों पर बुरा प्रभाव डालते हैं।“

गाइडलाइन्स

कानूनमंत्री रविशंकर प्रसाद ने एक प्रैस कॉन्फ्रेंस में सभी नए नियमों की जानकरी शेयर की है।

सोशल मीडिया और OTT प्लेटफॉर्म के लिए जारी हुई ये गाइडलाइन्स

गाइडलाइन्स

 सरकार का कहना है कि सोशल मीडिया कंपनियों को अपना एक ग्रीवांस मेकेनिज़्म बनाना होगा और 15 दिनों के भीतर समस्याओं को एड्रेस करना होगा। इसके अलावा कंपनियों को बताते रहना होगा कि कितनी शिकायतें आ रही हैं और उन्हें किस प्रकार सुलझाया गया है। क्राइम किसने किया है, उसकी जानकारी भी ग्रुप शेयर करनी होगी। यदि क्राइम भारत के बाहर से हुआ है तो ये भी बताना होगा कि इसकी शुरुआत किसने की।

सोशल मीडिया कंपनियों को आदेश है कि किसी भी आपत्तिजनक कन्टेंट को उन्हें 24 घंटे के भीतर हटाना होगा और इसके बाद हर महीने आई कुल शिकायतों के निपटारे की जानकारी भी देनी होगी।

सोशल मीडिया पर फेक न्यूज फैलाने वालों के बारे में भी कपंनी इसकी जानकारी सरकार से शेयर करेगी। अगर डिज़िटल प्लेटफॉर्म से कोई गलती होती है, तो इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की तरह उन्हें भी गलती पर माफीनामा पब्लिश करना होगा।

ओटीटी प्लेटफॉर्म और डिज़िटल मीडिया को आदेश है कि उन्हें अपने काम की जानकारी सरकार से शेयर करनी होगी। इसमें उनके कंटेंट तैयार करने का तरीका भी ठीक करना होगा।

गाइडलाइन्स

OTT प्लेटफॉर्म को अलग-अलग ऐज ग्रुप के लिए कन्टेंट अलग करने होंगे। दर्शकों को ये सुविधा देनी होगी की वो तय कर सके की बच्चे कौन सा कंटेंट देखें।

ऑनलाइन प्लेफॉर्म पर दिखाए जाने वाले सीरीज पर वहीं नियम लागू होंगे जो टीवी पर आने वाले सीरियल के लिए हैं।

कंपनियों को सेल्फ रेगुलेशन लागू करना होगा, जिसके लिए एक बॉडी भी स्थापित होगी। इस बॉडी को सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज या कोई अन्य व्यक्ति हेड करेंगे। बता दें कि ये सभी नियम और कानून अगले तीन महीने में लागू होंगे।


Like it? Share with your friends!

Pragati Raj

अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिये