इस फ्रेंडशिप डे, अमेज़न की प्रस्‍तुति, एमएक्स स्पेशल इंटरैक्टिव फिल्म ‘बालकनी बडीज़’ में देखिये लॉकडाउन में हुई दोस्ती की एक अनोखी कहानी

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क्या आपने कभी यह महसूस किया है कि जिन लोगों से हम अचानक मिलते हैं,एक दिन वे ही हमारे जीवन का सबसे अहम हिस्सा बन जाते हैं? लॉकडाउन ने भले ही लोगों से मिलने-जुलने पर ब्रेक सा लगा दिया है लेकिन इस मुश्किल वक्त में भी, हम पहले से कहीं अधिक जुड़े रहने में कामयाब रहे हैं। एमएक्स प्लेयर दर्शकों के लिए एक ऐसी अनोखी दोस्ती की कहानी ला रहा है जो लॉकडाउन के दौरान परवान चढ़ी थी।

अमेज़न प्रस्तुत करता है ‘बालकनी फ्रेंड्स’, यह एक एमएक्स स्पेशल इंटरैक्टिव फिल्म है। यह फिल्‍म लॉकडाउन में दो अजनबियों के बीच अनजानी दोस्ती के बारे में है, जिनमें केवल एक समानता है- बालकनी। इनकी बालकनी एक-दूसरे के आमने -सामने है। यह फिल्म उनकी लॉकडाउन की अनदेखी दोस्ती की कहानी बयां करती है।

दर्शकों को कहानी का अंत तय करने में सक्षम बनाने वाला, एमएक्स प्लेयर एकमात्र ऐसा घरेलू ओटीटी प्लेटफॉर्म है जो आपको कहानी कहने के इस नये तरीके से परिचित कराता है। सुनंदा (आयशा अहमद अभिनीत) लॉकडाउन में अपने ज्ञान से ऊब चुकी है और योग ही व्यस्त रहने का उसका एकमात्र  सहारा है।  जब तक कि एक दिन वह बालकनी में एक अजनबी को अपने ही आसन की नकल करते हुए नहीं देख लेती। जैसे ही वह बाहर निकलने वाली होती है, वह अजनबी उससे पूछता है कि क्या वह उसे योग सिखा सकती है। इस तरह सुनंदा और प्रतीक (अमोल पाराशर अभिनीत) ऊर्फ ​​​​बालकनी बडीज़ की कहानी शुरू होती है।

एक दिलचस्प कहानी के साथ, फिल्म का इंटरैक्टिविटी फीचर दर्शकों को किरदारों की ओर से चुनाव करने का मौका देता है। प्रतीक के योग लुक से लेकर सुनंदा के गिफ्ट तक, फिल्म दर्शकों को कुछ मिनटों के अंतराल पर चुनने के लिये दो विकल्प देती है, जो कहानी को दर्शकों द्वारा चुनी गई दिशा में मोड़ देगी।

इस बारे में आयशा अहमद कहती हैं, “मैं सुनंदा से काफी मिलती-जुलती हूं। मुझे दोस्त बनाना बहुत पसंद है, इसलिये लॉकडाउन के दौरान मैं अपनी घर की छत से लोगों को देख अचानक से हाथ हिला देती थी। अमोल और मैं एक-दूसरे को कुछ समय से जानते हैं, इसलिये इस फिल्म में काम करना आसान और मजेदार रहा। यह एक खुबसूरत कहानी है जिसमें हम देखेंगे कि अनोखे तरीकों से दोस्तों को कैसे ढूंढ सकते हैं। मुझे उम्मीद है कि दर्शक को इसमें कुछ नयेपन का एहसास होगा। यह सच्‍चे मायनों में फ्रेंडशिप डे का उत्‍सव है। इसकी इंटरैक्टिविटी दर्शकों के लिये इसे और अधिक मजेदार बनाती है।

अमोल पराशर ने कहा, “आमतौर पर लोग सोचते हैं कि लॉकडाउन में नये दोस्त बनाना मुश्किल है और यह सच भी है लेकिन मुझे लगता है कि अगर कोई सही जगह पर अपनी किस्मत आजमाये या अपने पड़ोसी से बात करने का अतिरिक्त प्रयास करे तो बहुत कुछ मुमकिन है। यह फिल्म उसी तर्ज पर एक हल्की-फुल्की कहानी है और मैं इसका हिस्सा बनकर बहुत खुश हूं।”

आज के जमाने की स्‍टोरीटेलिंग में इंटरैक्टिविटी फीचर एक नयी चीज है, जोकि दर्शकों को लीड किरदारों के एक्‍शन का तरीका बदलने का मौका देती है। यह एक नये तरह का कॉन्‍सेप्‍ट है, जो ज्‍यादा से ज्‍यादा दर्शकों को फिल्‍म देखने के लिये लुभाता है।

क्या आप सुनंदा और प्रतीक की दोस्ती देखने के लिये तैयार हैं? हमें पता है कि आप पूरी तरह तैयार हैं! तो अब एमएक्स प्लेयर एप्‍प डाउनलोड करें और 1 अगस्त से इंटरैक्टिव फिल्म को मुफ्त में स्ट्रीम करें।

यहाँ देखें इसका ट्रेलर-

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Mayapuri