नई पीढ़ी की फिल्मी नृत्यकियां

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मायापुरी अंक 12.1974

नाटक हो या फिल्म नृत्य अपना अलग ही स्थान रखता है चाहे वो लोकनृत्य हो या रॉक एन रोल लेकिन आजकल जिस फिल्म में “कैबरा” ना हो वो फिल्म ऐसे लगती है जैसे बिना नमक की भाजी इसलिये फिल्म जगत में समय समय पर एक से एक बढ़कर नृत्यकियां आती रही है।

एक जमाना था कि पहले कुक्कू का नृत्य ही फिल्म में अच्छा समझा जाता था। उसके कुछ वर्ष बाद फिल्म उद्योग में ‘हेलन ने प्रवेश किया तो एक तहलका सा मच गया। हालांकि हेलन डिप्लोमा प्राप्त पहली डांसर थी जिसने ट्यूस्ट के लिये पूरा महारथ हासिल कर रखा था। लेकिन वक्त की तेज आंधी हर किसी को पीछे कर चली जाती है। धीरे धीरे हेलन की भी उम्र ढलने लगी उसके साथ साथ उसका फिल्मों में आना भी कम हो गया। वैसे हेलन ने स्टंट फिल्मों में हीरोइनों की भूमिका भी निभाई। और खलनायिका, सहनायिका के रूप में तो आपने उसे कई फिल्मों में देखा होगा हेलने ने जहां कैबरे आदि किये है उसके साथ ही उसने लखनऊ शैली के नृत्य भी फिल्मों में प्रस्तुत किये है। हेलन केवल नृत्यों द्वारा ही फिल्मों में जानी पहचानी जाती है कुछ अभिनेत्रियां जिनमें वहीदा रहमान, आशा पारिख, बैजयन्तीमाला, पद्मनी रागनी नैना साहू व दक्षिण भारत की प्रसिद्ध अभिनेत्री हेमा मालिनी इनका फिल्मों में अपना चोटी का स्थान है।

ये अभिनय में तो प्रसिद्ध है। लेकिन स्टेज पर नृत्य के लिये इन्हें नृतकी ही कहा जाता है। बैजयन्ती माला तो इंगलैण्ड जैसे अन्य देशों में भारत का गौरव समझी जाती है। वहीदा रहमान, आशा पारिख, हेमा आदि भी इसी तरह प्रसिद्ध अभिनेत्रियां है जिन्हें रंगमंच कभी नही भुला पायेगा।

आजकल जहां कही फिल्म चलती है या निर्माता फिल्म बनाता है तो डिस्ट्रीब्यूटर अपनी फिल्म में बिन्दु जय श्री टी और पद्माखन्ना जैसी डांसरों के नृत्य अवश्य चाहता है। ताकि टिकट की खिड़की दर्शकों की भीड़ अधिक से अधिक संख्या में बटोर सके। फिल्म ‘रेशमा और शेरा’ की शूटिंग के दौरान डिस्ट्रीब्यूटर की मांग ये थी कि इसमें पद्माखन्ना का नृत्य फिल्माया जाये ये वही पद्माखन्ना थी जिसने ‘जॉनी मेरा नाम’ के निर्माता का चैलेंज स्वीकार करते हुए अपना अनोखा नृत्य फिल्म ‘जॉनी मेरा नाम’ में किया था। तभी से लोग पद्मा खन्ना को अधिक जानने लगे थे। फिल्म ‘अनहोनी’ जैसी कई फिल्मों में तो पद्मा के नृत्य जबरदस्ती ठूंसे भी गये।

फिल्म ‘पाकीजा’ की शूटिंग के दौरान मीना जी बीमार चल रही थी। वैसे भी उनसे अधिक मेहनत का कार्य लेना कमाल साहब के सामने एक समस्या थी. लेकिन नृत्य में मीना के साथ उसी पद्मा ने ही निभाया। पद्मा वैसे आजकल कई फिल्मों में हीरोइन के रूप में भी आ रही है। निर्माता के. के. रेड्डी की फिल्म ‘सच्चे झूठे रास्ते के शनि हमने देखे है उसमें पद्मा का अभिनय बड़ा ही है बेजोड़ है। नृत्यों की कतार में खड़ी अभिनेत्री मुमताज जिसने फिल्मों में नृत्य करके या सहनायिका की भूमिका द्धारा काफी सफलता बटोरी वो आज कल की सफल अभिनेत्रियों में से एक गिनी जाती है। इस प्रकार फिल्म जगत में लक्ष्मी छाया फरियाल मधुवती प्रेमा नारायण कई डांसर है। लेकिन जहां तक कपड़े उतारने का सवाल उठता है वहां फरियाल को पहले रखा जाता है। वैसे फरियाल फिल्मों में आने से पहले एयर होस्टेस्ट थी। फरियाल को हमने किशोर साहू की ‘पुष्पांजलि में देखा तो हमें यकीन नही हुआ कि ये कपड़े उतार का नृत्य करने वाली फरियाल ही है। उसमें उसने कुशल गृहणि की भूमिका बड़ी ईमानादारी से निभाई थी। इसी तरह आने वाली बहुत सी नृत्यकियां और भी है। देखते है कौन कितना सफल होता है ये आने वाला वक्त ही बतायेगा।

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Mayapuri