मूवी रिव्यू: औसत दर्जे की प्रेम कहानी ‘तुम बिन 2’

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रेटिंग**

करीब सोलह सतरह वर्ष पहले टी सीरीज ने अनुभव सिन्हा के निर्देशन में ‘तुम बिन’ जैसी हिट फिल्म का निर्माण किया था। अब एक बार फिर अनुभव सिन्हा ,टी सीरीज के लिये ‘तुम बिन 2’ के साथ दर्शकों के सम्मुख हैं। बकौल अनुभव इसका पहली फिल्म से कोइ्र्र लेना देना नहीं सिवाय टाइटल के ।

तुम बिन से तुम बिन 2 की कहानी लोकेशन तथा आर्टिस्ट सभी कुछ अलग है। उस फिल्म में चार मुख्य किरदार थे जबकि मौजूदा फिल्म के तीन मुख्य किरदार है। फिर भी दोनों की कहानियों में थोड़ी बहुत समानता दिखाई देती है। विदेश में सैटल नेहा शर्मा की मंगनी वहीं रहते कंवलजीत के बेटे असीम गुलाटी से हो चुकी है। अचानक असीम का स्केटिंग करते हुये एक्सिडेंट हो जाता है। कुछ दिन बाद उसे मरा हुआ मान लिया जाता है। उसी दौरान कंवलजीत नेहा को एक युवक आदित्य सील से अपने दोस्त के बेटे के तौर पर मिलवाते हैं। कुछ ही अरसे में आदित्य, कवंलजीत, नेहा और उसके परिवार का दिल जीत लेता है। यंहा तक नेहा आदित्य को चाहने लगती है नेहा की बहनों को भी ये जोड़ी अच्छी लगने लगती है। एक दिन असीम जिन्दा हो सामने आ जाता है। इसके बाद तीनो की एक दूसरे को लेकर कशमकश। अंत में असीम के एक्सिडेंट का खुलासा तथा फिर जाना पहचाना क्लाईमेक्स।

कहने को तो अनुभव सिन्हा दोनों फिल्मों के कथानक को अलग बता रहे हैं बावजूद इसके दोनों में काफी हद तक समानताये हैं। फिल्म का पहला भाग बेहद धीमा और बिखरा हुआ है लेकिन मध्यांतर के बाद किरदार अपनी पकड़ बनाने की कोशिशों में लग जाते हैं जिसमें वे एक हद तक सफल हैं। अगर दोनों फिल्मों की बात की जाये तो पहली फिल्म के सामने मौजूदा फिल्म कहीं नहीं टिक पाती क्योंकि पहली फिल्म की कहानी ,किरदार, इमोशन और संगीत सभी कुछ प्रभावशाली था। यंहा भी पहले की तरह लगभग नये कलाकार हैं सिवाय नेहा शर्मा के जो इससे पहले कई फिल्में कर चुकी है। आदित्य सील खूबसूरत और मासूम है जिसने नेहा के दूसरे प्रेमी की भूमिका निभाई है, जंहा वो एक हद तक सफल है। उसी तरह असीम गुलाटी भी नेहा के पहले प्रेमी के तौर पर मेहनत करता दिखाई देता है। कवंलजीत सिंह बढ़िया काम कर गये फिल्म का संगीत औसत दर्जे का रहा।

सब कुछ मिलाकर तुम बिन 2 एक औसत दर्जे की त्रिकोणीय प्रेम कहानी साबित होती है।


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Mayapuri

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