एंड टीवी ने 2020 के लिए नए साल के आकर्षक लाइन-अप के साथ 2019 का समापन किया

0 21

भारतीय टेलीविजन इंडस्ट्री के लिये 2019 चुनौतियों और अवसरों से भरपूर रहा है। यह साल दर्शकों के लिये कई सारे चैनलों द्वारा मनोरंजक और नये तरह के कंटेंट के साथ शुरू हुआ। इस क्षेत्र में अलग-अलग जोनर की कहानियों का राज कायम रहा है, -एंड टीवी ने उन कहानियों और किरदारों को दिखाना चुना, जोकि सही मायने में भारत के मूल स्वरूप को पेश कर सकें। चूंकि, हम अवसरों से भरपूर एक और साल की शुरुआत करने वाले हैं तो आइये एक नज़र डालते हैं इस जाने वाले साल पर।

भारतीय संस्कृति का फ्यूज़न

अपनी ताजगीभरी पहचान को बरकरार रखते हुए, -एंड टीवी ने ऐसी कहानियां पेश कीं, जोकि बड़ी ही दृढ़ता से देश की विविध संस्कृति और लोगों के खास अंदाज को दर्शाती हैं। हमारी भारतीय संस्कृति में गहराई से रचे-बसे किरदारों और कहानियों के साथ, इस साल मिली-जुली कहानियां देखने को मिलीं, जिसमें उन शहरों की झलक देखने को मिलीं, जिन पृष्ठभूमियों पर यह बनी थीं।

एक अनूठी प्रेम कहानी (‘मैं भी अर्धांगिनी’)

राजस्थान की पृष्ठभूमि को दर्शाती, ‘मैं भी अर्धांगिनी’अनूठी और दुर्लभ होते हुए भी एक अनोखी प्रेम कहानी है, जिसमें शादी की पवित्रता, अपने पति के लिये एक पत्नी का अमिट प्यार और वो सारी मुश्किलें, जिन्होंने उन दोनों को अलग होने पर मजबूर किया, उसकी कहानी है। यह शो सुपरनैचुरल ट्विस्ट के साथ एक ऐसी प्रेम कहानी लेकर आया, जिसमें आगे चलकर माधव (अविनाश सचदेव) और उसकी सबसे अच्छी दोस्त से उसकी दूसरी पत्नी बनी वैदेही (अदिति रावत) की जिंदगी डूब जाती है। एक पति और उसकी अर्धांगिनी के बीच के अमूल्य रिश्ते की कहानी कहता यह शो, ‘मैं भी अर्धांगिनी’, में एक सच्ची ‘अर्धांगिनी’के रूप में वैदेही जो निःस्वार्थ और बिना शर्त प्यार बरसाती, उसकी सच्ची झलक पेश करता है। वहीं दूसरी तरफ, माधव की पहली पत्नी, चित्रा (अंजलि प्रिया) के अमर प्रेम की झलक पेश की गयी है। मरने के बाद भी वह जिस तरह से उन दोनों को किसी भी तरह की शैतानी ताकत से बचाने की कोशिश करती है, यह शो उसकी कहानी पेश करता है।

घरेलू कॉमेडी (हप्पू की उलटन पलटन)

तेल चुपड़े बालों से बेहद करीने से सजी बालों के लट से लेकर, पान खाये दांतों पर सजी मुस्कान जोकि उसके बेतरतीब मूंछों को और भी ज्यादा गहराई से दिखाती है- इस मजेदार तोंदिल दरोगा हप्पू सिंह (योगेश त्रिपाठी) ने दर्शकों को पूरे साल इस तरह हंसाया, जैसा कि कोई नहीं कर पाया। क्या मॉडर्न कॉलोनी का यह शेर, अपने घर पर भीगी बिल्ली है? पेश है इस ऑफिसर का असली कनपुरिया अंदाज, वहीं एंड टीवी ने कॉमेडी का नया अध्याय प्रस्तुत किया है, ‘हप्पू की उलटन पलटन’ के साथ। उसकी उल्टी-पुलटी और ‘घरेलू’ मजेदार घटनाओं को दर्शाता यह शो, हप्पू की हरकतों, उसकी ‘दबंग दुल्हन’राजेश (कामना पाठक), एक जिद्दी मां कटोरी अम्मा (हिमानी शिवपुरी) और उसके नौ शैतान बच्चों की कहानी कहता है।

शादी की हलचल (‘शादी के सियापे’)

शादी से जुड़ी गड़बड़ियों को लेकर देश के जुनून को देखते हुए, एंड टीवी लेकर आया है वीकेंड ड्रैमेडी, ‘शादी के सियापे’। भारत में अलग-अलग शादियों से जुड़ी विभिन्न संस्कृति, परंपराओं और सियापों को दर्शाने वाले इस शो में शादी की सभी भावनाओं और उत्साह को दिखाया गया है। इस शो को अलौकिक ट्विस्ट देते हुए वेडिंग प्लानर के उस अनूठे और मजेदार सफर को दर्शाया गया कि किस तरह यह अपने अनूठे इंसानी-एलियंस के तोहफे को शादी की दुनिया में लेकर जाते हैं। ‘शादी के सियापे’ के साथ हैं बेहतरीन कलाकारों की पूरी फौज, जिसमें टेलीविजन के जाने-माने कलाकार, अलका बडोला कौशल, शीन दास, भव्या गांधी, राहुल सिंह, मिष्कत वर्मा और अंकिता बहुगुणा शाामिल हैं।

एक कहानी वर्जित प्रेम की (‘जात ना पूछो प्रेम की’)

गाजीपुर, उत्तरप्रदेश की ग्रामीण पृष्ठभूमि को दर्शाता, ‘जात ना पूछो प्रेम की’ एक वर्जित प्रेम की कहानी है। इसमें एक दलित लड़के बादल (किंशुक वैद्य) और एक उच्च ब्राम्हण जाति की लड़की, सुमन (प्रणाली राठौर) की कहानी दिखाई गई है जोकि अपने समाज और परिवार में प्रचलित अत्याचारी जाति व्यवस्था के खिलाफ लड़ते हैं। उम्मीदों को आगे ले जाता और इन दो प्रेमियों के संघर्ष को दर्शाता, यह रोमांटिक ड्रामा, जाति प्रथा की कड़वी सच्चाई बयां करने की अच्छी कोशिश है, जोकि आज के समय में भी प्रेमियों और लोगों को दबा रही है।

एक आम लड़की की खास कहानी (‘गुड़िया हमारी सभी पे भारी’)

मध्यप्रदेश के ठेठ रंग का पेश करता हुआ, ‘गुड़िया हमारी सभी पे भारी’ एक हल्की-फुलकी, ताजगी भरी और देसी कहानी है जोकि दर्शकों को गुड़िया की दिलचस्प कहानी के सफर पर ले जाता है। इसमें कहानी इस क्षेेत्र के ठेठ अंदाज, भाषा, तौर-तरीकों और किरदारों को बुना गया है। इस शो में एक नया चेहरा प्रस्तुत किया गया है, सारिका बहरोलिया, जोकि ग्वालियर की रहने वाली हैं। उन्होंने गुड़िया की भूमिका निभायी है और उनके साथ हैं टेलीविजन के जाने-माने एक्टर, सरताज गिल, जोकि मुद्दू की भूमिका निभा रहे हैं।

जाने-माने लेखक, रवि महाशब्दे और समता सागर के सहयोग से लिखा गया, ‘गुड़िया हमारी सभी पे भारी’ जीवन के सार की कहानी है। गुड़िया एक ऐसी लड़की है जोकि अपनी मौजूदा सच्चाई या सामाजिक नियमों से बंधी नहीं है। गुड़िया के ‘ऑल इज़ वेल’ वाली दुनिया से रूबरू कराता यह शो हल्का-फुलका और मजेदार समां बांधता है, साथ ही जीवन के प्रति उसके अनूठे नजिरये को दर्शाता है।

हिन्दी के सामान्य मनोरंजन चैनल पर आम्बेडकर की कहानी (‘एक महानायक- डॉ. बी.आर आम्बेडकर’)

अपने शानदार इतिहास के दौरान, इसका नेतृत्व कई सारे महान नेताओं ने किया, जिन्होंने भविष्य के लिये मिसाल पेश की और सबके लिये प्रेरणा का स्रोत बने। भारतीय इतिहास में ऐसे ही एक नेता हुए, जिन्होंने क्रांति का अलख जगाया और वंचितों की आवाज बने, ‘एक महानायक- डॉ. बी.आर आम्बेडकर’। भारतीय संविधान की नींव रखने वाले पिता और ऐसे पुरुष जिन्होंने लाखों भारतीयों के दिलों में अपनी जगह बनायी। -ज्ट प्रस्तुत करता है हिन्दी के सामान्य मनोरंजन चैनल पर ऐसे ही एक विलक्षण व्यक्तित्व और उसके जोश को और किस तरह वे संगठित भारत के अगुआ बने, उसकी अनकही कहानी कहता, यह दमदार सामाजिक-ड्रामा, ‘एक महानायक- डॉ. बी.आर आम्बेडकर’। इस शो में प्रसाद जवाद्रे डॉ. बी.आर आम्बेडकर की लीड भूमिका निभा रहे हैं, आयुध भानूशाली बने हैं नन्हे आम्बेडकर, उनके साथ जगन्नाथ निवानगुने, जोकि आम्बेडकर के पिता की भूमिका निभा रहे हैं, वहीं नेहा जोशी उनकी मां की भूमिका में हैं।

दर्शकों को जोड़ते आम किरदार

कामना पाठकः

एंड टीवी का कॉमेडी कैपर, ‘हप्पू की उलटन पलटन’परदे पर लेकर आया है दरोगा हप्पू सिंह की दबंग पत्नी और 9 शरारती बच्चों की मां, राजेश की मजेदार भूमिका निभाने के लिये एक नया खूबसूरत चेहरा। इंदौर से आयीं, कामना पाठक, अपने सटीक बुंदेलखंडी अंदाज में इस भूमिका के लिये बिलकुल फिट हैं। थियेटर में काम करने वालीं और बचपन से ही एक एक्ट्रेस बनने का सपना देखने वाली, कामना ने काफी सारे नाटकों में काम किया है, जिनका निर्देशन जाने-माने निर्देशकों ने किया। वह टेलीविजन परदे पर चमकने को पूरी तरह तैयार थीं। इस खूबसूरत अभिनेत्री का चेहरा काफी ज्यादा बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा से मिलने के कारण उन्होंने दर्शकों को हैरान कर दिया।

सारिका बहरोलियाःमिट्टी की सोंधी सुगंध के लिये, प्रस्तुत है एक ताजातरीन और देसी कहानी, ‘गुड़िया हमारी  सभी पे भारी’। यह हल्की-फुलकी कॉमेडी है, जोकि इस शो की सरल और मिलनसार नायिका, गुड़िया के साथ और भी जीवंत हो गया है। मध्यप्रदेश की पृष्ठभूमि पर बने इस शो के लिये एक ऐसा चेहरा तलाशने के लिये मेकर्स ने सारी कोशिशें कीं, जिसमें कि पारंपरिक झलक हो, उस क्षेत्र का वह सोंधापन और जीने का तरीका हो। सैकड़ों लोगों का ऑडिशन करने के बाद, इस चैनल ने सारिका बहलोरिया को चुना। ग्वालियर की रहने वाली सारिका को इस शो में गुड़िया की भूमिका के लिये चुना गया।

किनका चलता रहेगा दिलों पर राज़?

नये चेहरों से भले ही दर्शकों को प्यार हो गया हो लेकिन पुराने कलाकार अभी भी दर्शकों के चहेते बने हुए हैं।

पुराने फिल्मी दौर का कनेक्शन

देश का चहेता कॉमेडी शो, ‘भाबीजी घर पर हैं’, जिसने पिछले साल 1,000 एपिसोड पूरे करने की उपलब्धि हासिल की, इस साल भी दर्शकों का मनोरंजन कर रहा है। बॉलीवुड के चर्चित किरदारों से प्रेरित इस शो में दो क्लासिक बॉलीवुड फिल्मों के दृश्यों को रीक्रिएट किया गया। ‘पड़ोसन’ का धमाकेदार ट्रैक, ‘एक चतुर नार’ को हल्के कनपुरिया टच के साथ पेश किया गया, जिसमें अंगूरी भाबी (शुभांगी अत्रे) और विभूति मिश्रा (आसिफ शेख) ने महमूद की उन खासियतों को फिर से ताजा किया। ‘शोले’ की चुलबुली, मस्तमौला बसंती को छोटे परदे पर जीवंत किया, सौम्या टंडन ने, इसके साथ ही इस मशहूर फिल्म के कुछ अन्य दृश्यों को भी रीक्रिएट किया गया।

विश्वास की लीप

-एंड टीवी का मायथोलॉजिकल शो, ‘परमावतार श्रीकृष्ण’,जिसमें नटखट माखनचोर की कहानी दर्शायी गयी है। इसमें ‘महाभारत’ की कहानी दर्शाने के लिये 20 साल का लीप लिया गया। टेलीविजन पर पहली बार कृष्ण के नजरिये से ‘महाभारत’की कहानी दर्शायी गयी है। इस लीप से नये किरदारों के साथ कुछ जाने-माने नाम शामिल हुए, वहीं सुदीप साहीर और आर्ची प्रतीक ने अपना मायथोलॉजिकल डेब्यू किया, साथ ही जया भट्टाचार्य, जितेन लालवानी और राज प्रेमी जैसे मंझे हुए कलाकारों ने अपने चर्चित मायथोलॉजिकल किरदारों में एक बार फिर वापसी की। इस शो में हुनर हाले, अंकित बाथला, बरखा बिष्ट, सूरज थापर जैसे जाने-माने कलाकार भी हैं।

-एंड टीवी ‘मैं भी अर्धांगिनी’में सुपरनैचुरल फेज़ दिखाने के लिये एक लीप लिया गया, जिसमें इस शो में दो नये किरदारों को शामिल किया। माधव (अविनाश सचदेव) और वैदेही (अदिति रावत) की प्रेम कहानी का दुखद अंत करने के लिये, इस शो में टेलीविजन की नई नागिन, मोहिनी को लाया गया। इस किरदार को निभाया, टेलीविजन अभिनेत्री हीना परमार ने। उन्होंने इस शो के जरिये सुपरनैचुरल की दुनिया में अपना पहला कदम रखा। उनके अपोजिट अधिराज की लीड भूमिका निभाने के लिये टेलीविजन एक्टर अंकित राज को शामिल किया गया। इस शो में रोहित बख्शी को भी लिया गया, जिन्हें इस शो में एक अन्य नेगेटिव किरदार निभाते हुए देखा गया। दिग्गज अभिनेत्री दीपशिखा नागपाल एक राजसी, स्मार्ट लेकिन चालाक सास नीलांबरी की भूमिका में नज़र आयीं। ताकतवर और महत्वाकांक्षी महामाया बनने के बाद, उन्होंने एक बिलकुल ही नया, बोल्ड और दिलचस्प अवतार ले लिया।

पिछले साल लॉन्च हुआ, ‘मेरी हानिकारक बीवी’ की ढेर सारे ड्रामे और मनोरंजन की डोज से भरपूर कहानी लोगों के दिलों में बसने में कामयाब रही। यह कहानी लोकप्रियता के चार्ट के पायदान पर चढ़कर, दर्शकों की चहेती बन गयी। यह शो कई सारे लीप से होकर गुजरा, पहले तो इसमें 5 साल का लीप आया, जिसमें ईरा और अखिलेश की बेटी, मिशरी (वैष्णवी प्रजापति) को लाया गया, जिससे अखिलेश और ईरा के रिश्ते में एक छोटा-सा ट्विस्ट आया। इसके 3 महीने के लीप में दिखाया गया कि अखिलेश अपनी पत्नी की मौत पर आंसू बहा रहा है। मनोरंजन का स्तर और भी बढ़ाने के लिये, अखिलेश के जीवन में एक बहुत ही बडा इमोशनल ट्रोमा दिखाया गया, जब उसकी मरी पत्नी (ईरा) जैसी दिखने वाली महिला उसके जीवन में वापस लौटती है। घटनाक्रम में एक और बड़े बदलाव के साथ हमने देखा कि डॉ. ईरा (जिया शंकर) को यह अहसास होता है कि वह एक नहीं, बल्कि दो बच्चों की मां है! यह सच सामने आता है कि वह एक लड़के की भी मां है, जिसके बारे में बताया गया था कि वह मरा हुआ पैदा हुआ, लेकिन उसे चंदा (राजेश्वरी दत्ता) ने चुरा लिया था। यह वही महिला थी, जिसने मिशरी के जन्म में ईरा की मदद की थी। इस शो में एक नया चेहरा और रियलिटी डांस शो के डांसर गौरांश शर्मा को ईरा का बेटा छुट्टन यादव बनाकर शामिल किया। इस शो ने सफलतापूर्वक 500 एपिसोड पूरे किये।

स्वागत 2020 का!

‘संतोषी मां- सुनाये व्रत कथाएं’

2015 में लॉन्च हुए, ‘संतोषी मां’ की अपार सफलता के बाद, -एंड टीवी अपने सामाजिक-धार्मिक शो ‘संतोषी मां- सुनाये व्रत कथाएं’ के नाम से एक नये तरह की कहानी पेश करने को तैयार है। इसमें भक्त और भगवान के बीच एक पवित्र रिश्ते को दर्शाया जा रहा है। परम भक्ति से क्या फल मिलता है, उस संदेश को कहानी के स्वरूप में प्रस्तुत करता यह शो, जानी-मानी बॉलीवुड अभिनेत्री ग्रेसी सिंह की संतोषी मां के रूप में वापसी की वजह से खास है और इसमें तन्वी डोगरा एक परम भक्त स्वाति की भूमिका निभा रही हैं। इसमें दिखाया गया है कि किस तरह वह संतोषी मां के मार्गदर्शन में सारी बाधाएं पार करती है। इस शो को रश्मि शर्मा टेलीफिल्म्स ने प्रोड्यूस किया है।

‘कहत हनुमान जयश्रीराम’

इस शो में भक्ति के सच्चे रूप की दिलचस्प कहानी, सबसे महान भारतीय देवताओं में से एक भगवान हनुमान को एक नये दृष्टिकोण के साथ लाने को तैयार है। इसमें भगवान हनुमान के कई सारे ऐसे पहुलओं को दर्शाया गया है, जिन्हें पहले दिखाया नहीं गया है। इसमें उनके जीवन का उद्देश्य भी शामिल है। भगवान शिव और उनके परम भक्त दुष्ट रावण की अनकही कहानी की झलक दिखाते हुए, यह शो दर्शकों को एक मजेदार पौराणिक सफर पर लेकर जायेगा कि किस तरह बाल हनुमान आखिरकार भगवान राम के सबसे बड़े भक्त बनकर उभरे। साथ ही यह भी दर्शाया गया है कि किस तरह रावण के आतंक के राज का खात्मा करने में उन्होंने सफलता हासिल की। इस शो में एकाग्र द्विवेदी हनुमान की लीड भूमिका निभाते नज़र आयेंगे, उनके साथ निर्भय वाधवा, राज सिंह, वसीम मुश्ताक, दीपक दत्ता, अरहज़ खान, धीरज मिगलानी, स्नेहा वाघ, जितेन लालवानी और प्रीति गडवानी जैसे कलाकार होंगे।

और पढ़े: क्या सच में पेड रिव्यू देते हैं क्रिटिक्स ?

Advertisement

Advertisement

Leave a Reply