यूसी ने शुरू किया #Shedeservestoknow नाम से ऑनलाइन महिला सशक्तिकरण अभियान, बॉलीवुड अदाकारा कंगना रानौट को बनाया सहयोगी

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मदर टेरेसा की स्मृति में संयुक्त राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय परोपकार दिवस पर अलीबाबा समूह द्वारा स्थापित निजी धर्मार्थ कोष अलीबाबा फाउंडेशन ने अलीबाबा डिजिटल मीडिया एंड एंटरटेनमेंट ग्रुप के भीतर कारोबार यूसीवेब के साथ मिलकर ग्प्छ फिलैनथ्रॉपी कॉन्फ्रेंस 2018 के ग्लोबल फोरम की मेज़बानी की। यह अपनी तरह का पहला सम्मेलन है जिसे चीन के बाहर आयोजित किया गया।

वर्ष 2016 में प्रारंभ यह द्विवार्षिक सम्मेलन, कारोबार एवं समुदायों के समावेशी, सर्वव्यापी और टिकाऊ वृद्धि को प्रोत्साहित करने को लेकर अलीबा समूह की प्रतिबद्धता का एक महत्वपूर्ण प्रतिरूप है। यह ग्लोबल फोरम दिल्ली में ‘Love and Infinity’ थीम के तहत आयोजित किया गया जिसमें शिक्षा, बाल संरक्षण और महिला सशक्तिकरण पर व्यापक जनजागरूकता एवं कार्रवाई की वकालत की गई। वैश्विक प्रभावों एवं स्थानीय परख के साथ अलीबाबा समूह भारत को अपने परोपकार की रूपरेखा का एक बड़ा हिस्सा मानता है, जबकि यूसी का भारत में परोपकारी मिशन जहां तक संभव हो सके, डिजिटल खाई को पाटना है।

भारतीय अभिनेत्री और कर्नल शमशेर सिंह फाउंडेशन की संस्थापक गुल पनाग की मेज़बानी में हुआ ग्पद फिलैनथ्रॉपी कॉन्फ्रेंस का ग्लोबल फोरम प्रख्यात समाजसेवियों और जन कल्याण के पैरोकारों का एक बड़ा समागम बन गया है। लोकप्रिय हिंदी फिल्म सुपरस्टार कंगना रानौट महिला समानता की मुखर पैरोकार बनकर अपने निजी अनुभव साझा करने के लिए इस गोलमेज में शामिल हुईं। इनके अलावा, वैश्विक कल्याण एवं कारोबार क्षेत्रों से बेहतरीन वक्ताओं में एबिक्स इंक के सीईओ एवं अध्यक्ष और रॉबिन रैना फाउंडेशन के संस्थापक रॉबिन रैना और अधिवक्ता, समाजसेवी एवं रण समर फाउंडेशन की संस्थापक आभा सिंह आदि शामिल रहे। महिला समानता एवं शिक्षा की मौजूदा स्थिति और इंटरनेट प्लस फिलैनथ्रॉपी मॉडल के साथ अनूठे समाधानों पर चर्चा की गई। हमारी जिंदगी के हर पहलू में इंटरनेट ने ऐतिहासिक बदलाव लाया है, इस रुख को देखते हुए यह चर्चा काफी सार्थक रही। अलीबाबा के परोपकार के दर्शन के मुताबिक, प्रौद्योगिकी परोपकार में प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी के लिए बाधाओं को कम करने में मदद कर सकता है और इससे जन कल्याण के लिए बड़ा बदलाव लाने में छोटी शक्ति बड़ा रूप धारण कर सकती है।

इस अवसर पर अलीबाबा डिजिटल मीडिया एंड एंटरटेनमेंट ग्रुप की कंपनी यूसी के अध्यक्ष शुनयान झू ने कहा, दुनिया की पहली इंटरनेट कंपनी के तौर पर हम फिलैनथ्रॉपी को हमारी मुख्य रणनीति में एकीकृत करते हैं। अलीबाबा फिलैनथ्रॉपी सीमा से परे है। यही वजह है कि हम पहली बार फिलैनथ्रॉपी कॉन्फ्रेंस को चीन से बाहर यहां भारत लेकर आए। यह अलीबाबा के लिए भारत के महत्व को दर्शाता है। यह भी पहली बार है कि हमारे इंटरनेट प्लस फिलैनथ्रॉपी मॉडल ने वैश्विक

पथ पर अपने पांव रखे हैं।

5 सितंबर से फिलैनथ्रॉपी सप्ताह को आधिकारिक रूप से शुरू करने के लिए यूएन वुमेन इंडिया एमसीओ की कार्यक्रम विश्लेषक (गवर्नेंस) अरुणिमा सेन, बेयरफुट कॉलेज इंटरनेशनल के सीईओ मीगन फॉलन, चाइल्ड राइट्स एंड यू की क्षेत्रीय निदेशक सोहा मोइत्रा, पेटीएम के उपाध्यक्ष एवं पेटीएम बिल्ड फॉर इंडिया इनिशिएटिव के प्रमुख सौरभ जैन और अलीबाबा क्लाउड इंडिया के प्रबंध निदेशक एलेक्स ली भी शुनयान के साथ शामिल हुए। इस सप्ताह के दौरान अलीबाबा ग्रुप की विभिन्न कारोबारी इकाइयां वैश्विक स्तर पर जन भागीदारी के लिए कई परोपकार कार्यक्रमों का आयोजन करेंगी।

अलीबाबा डिजिटल मीडिया एंड एंटरटेनमेंट ग्रुप के भीतर कारोबार यूसी की जड़ भारत में 7 वर्षों से है और यह अपने कारोबारी प्रभाव एवं ब्रांड प्रतिष्ठा के बल पर वैश्विक विस्तार एवं भारतीय गहराई के साथ अलीबाबा के परोपकारी प्रयासों को आगे बढ़ा रही है। वर्ष 2013 की शुरुआत में यूसी ब्राउज़र भारत में तीसरा सबसे बड़ा थर्ड पार्टी मोबाइल ब्राउज़र बन गया जिसके इस देश में 13 करोड़ से अधिक मासिक सक्रिय यूज़र्स हैं। इसके अलावा, यूसी न्यूज़ फीड प्लेटफॉर्म अब भारत में अपनी तरह का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म है जो 10 करोड़ से अधिक भारतीय यूज़र्स की कंटेंट उपभोग की मांग पूरी कर रहा है। नए मिशन Bigger We-Media, Bigger You के साथ यूसी एक जिम्मेदार कंटेंट पारितंत्र तैयार करने के लिए भारतीय कंटेंट रचनाकारों के साथ काम करेगी। शुनयान झू ने कहा, हम असमानता की खाई पाटने और ज्ञान व सूचना के साथ गरीबी उन्मूलन के लिए इंटरनेट टेक्नोलॉजी का उपयोग करेंगे।

Ms Meagan Fallone, Ms Swati Maliwal, Ms Abha Singh, Lawyer , Ms. Kangana Ranaut, Mr. Shunyan Zhu, Ms. Shaina NC, Ms. Gul Panag, Arunima Sen
Ms Meagan Fallone, Ms Swati Maliwal, Ms Abha Singh, Lawyer , Ms. Kangana Ranaut, Mr. Shunyan Zhu, Ms. Shaina NC, Ms. Gul Panag, Arunima Sen

भारतीय बाज़ार में अपने यूज़र प्रभाव एवं ब्रांड प्रतिष्ठा के साथ यूसी ने तीन मुख्य दृष्टिकोणोंः बाल संरक्षण, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण पर परोपकारी परियोजनाओं की एक सीरीज़ लांच की है। यूसी ने भारतीय धर्मार्थ समूह कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन के साथ हाथ मिलाया और अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर 12 जून को #SafeChildhoodSafeIndia अभियान शुरू किया। यूसी एंटी-चाइल्ड लेबर की पहल को पहले ही दिन 60,000 यूज़र्स से समर्थन मिला।

भारत सरकार की शिक्षा नीति की तर्ज़ पर अलीबाबा ग्रुप ने मिशन मिलियन बुक्सश् लांच किया। वर्ष 2016 में शुरू इस परियोजना का लक्ष्य पूरे भारत में वंचित तबके के स्कूली और कॉलेज के बच्चों को 10 लाख पुस्तकें दान करना है जिससे उन्हें शिक्षा हासिल करने में मदद मिल सके और इस देश के बच्चे और युवा सशक्त बनें। दान के विभिन्न मार्गों से एकत्रित पुस्तकें बिना किसी खर्च के इन शैक्षणिक संस्थानों को वितरित की जाती हैं। बहुत कम समय में ही 8 लाख से अधिक पुस्तकें संग्रह की जा चुकी हैं और करीब 7 लाख पुस्तकें दान की जा चुकी हैं जिससे भारत में 2,000 से अधिक संस्थानों में करीब 25 लाख विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं। बाल शिक्षा में सुधार लाने का एक अन्य प्रयास यूसी शिक्षा अभियान है। यूसी शिक्षा एक ऑनलाइन से ऑफलाइन पुस्तक दान कार्यक्रम है जिसने दो महीने के भीतर 15 लाख यूज़र्स की भागीदारी आकर्षित की है और इससे 50,000 विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं। यूसी ने इस परियोजना का दायरा बढ़ाने की योजना बनाई है जिससे जरूरतमंद अधिक बच्चों की व्यापक तरीके से मदद की जा सके।

यूसी शिक्षा के सकारात्मक परिणाम के आलोक में यूसी परोपकार के लिए अपने प्लेटफॉर्म के प्रभाव का पूर्ण उपयोग सुनिश्चित करती है। भारत में 10 धर्मार्थ संगठनों और परोपकार के पैरोकारों के साथ गठबंधन कर यूसी ब्राउज़र स्थानीय परोपकारी कंटेंट के लिए एक चैरिटी चैनल यूसी होप शुरू करने वाला है। इस चैनल का उद्देश्य भारत में सामाजिक मुद्दों पर यूज़र्स की जागरूकता बढ़ाना और परोपकारी कंटेंट को लेकर समाचारों के जरिये लोगों में सहानुभूति का भाव पैदा करना है।

स्थानीय धर्मार्थ संगठनों को सशक्त करने के अलावा यूसी का प्रयास भारत में महिलाओं को सशक्त बनाने का है। दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाले देश के तौर पर भारत में महिलाओं की शक्तियों का दोहन करने की जबरदस्त संभावना है। इस विश्वास के साथ कि इंटरनेट एक समान मंच है, यूसी ब्राउज़र ने भारत में पहली बार यूसी वुमेन्स चैनल स्थापित किया जो जीवनशैली, फैशन और करियर के बारे में जानकारी उपलब्ध कराता है। यह महिलाओं को स्वयं के विकास और संभावनाओं का एहसास कराने पर ध्यान केंद्रित करता है। महिला उन्मुखी इस चैनल ने अप्रैल में अपनी लांचिंग के समय से 75 लाख यूज़र्स पर प्रभाव जमाया है। इसके अलावा, यूसी ने प्रख्यात बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रानौट और यूसी मिस क्रिकेट की विजेताओं की अगुवाई में #Shedeservestoknow अभियान शुरू किया है। ये #Shedervestoknow के जरिये यह ज्ञान साझा करती हैं कि कैसे महिलाओं को स्वयं को सशक्त बनाना चाहिए। कंगना रानौट जोकि #Shedeservestoknow सशक्तिकरण परियोजना से भी जुड़ी हैं, ने कहा, मैं एक ऐसी निडर महिला होने के लिए खुद पर गर्व करती हूं जिसका यह विश्वास है कि महिला सशक्तिकरण एक आंदोलन है और इसे दुनियाभर में ले जाना है। महिलाओं को प्रोत्साहित करने वाले अलीबाबा और यूसी जैसे ब्रांड द्वारा हमें एक ऐसा मंच उपलब्ध कराने जहां डिजिटल साक्षरता एवं सशक्तिकरण पर मुख्य रूप से ध्यान दिया जाता है, ऐसे मौके पर यहां आना मेरे लिए आनंददायक है।

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