बॉलीवुड में उर्दू का इस्तेमाल कम हुआ है – तिगमांशु धुलिया

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जाने माने फिल्मकार तिगमांशु धुलिया का कहना है कि बॉलीवुड में उर्दू का इस्तेमाल कम हुआ है और वो इसकी वजह दक्षिण भारतीय फिल्मों की रिमेकिंग को बताते हैं जिसकी शुरुआत 80 के दशक से हुई।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो तिगमांशु ने उर्दू का जश्न मनाने वाले उत्सव ‘जश्न ए रेखता 2016’ के मौके पर कहा, ‘‘बॉलीवुड में उर्दू का इस्तेमाल घटा है और इसकी शुरूआत 1980 में हुई तब हिन्दी सिनेमा ने असल में गिरावट का सामना किया था।’’ तिग्मांशु ‘अतीत और वर्तमान की फिल्मों में उर्दू’ विषय पर एक सत्र को संबोधित कर रहे थे, जिस दौरान उन्होंने कहा कि हिन्दी फिल्मों में 1980 के दशक के बाद काफी बदलाव आया है और निर्देशकों ने एनआरआई दर्शकों के लिए फिल्में बनाना शुरू कर दीं।

बता दें कि धुलिया शागिर्द, साहिब बीवी और गैंगस्टर और पान सिंह तोमर जैसी फिल्मों का निर्देशन कर चुके हैं।


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