मंछे कामयाबी की निशानी है ‘विजय अरोड़ा’

1 min


Vijay_Arora_1250147360_0

मायापुरी अकं 5,1974
विजय अरोड़ा एक बड़ा सीधा-साधा और हंस मुख नौजवान हैं। खूबसूरत और सुडौल शरीर का मालिक भी है। फिर भी समझ में नही आता कि उसे उसकी मेहनत का फल क्यों नही मिला?
उस दिन हम राजकमल स्टूडियो में उसकी सीढ़ियों पर बैठे मनोज कुमार से बात कर रहे थे। वही विजय भी आ गया। मनोज काम से मिक्सिंग थियेटर में चला गया और हम विजय से बात करने लगे।
‘आजकल मूछें कामयाबी की जमानत समझी जा रही है। जबसे राकेश रोशन ने मूछें लगाई हैं वह हिट हो गया है। इससे पूर्व जीतेन्द्र ‘परिचय’ में मूछें लगाकर हिट हो चुका है। आपकी मूछें भी उसी दौड़ का नतीजा है?
‘नही भई’ विजय ने तुरन्त कहा। ‘यह मूछें तो कन्टिन्यूटी में फंसी हुई है। बार-बार लगाने की बजाए मैंने ‘बासु भट्टाचार्य’ की फिल्म के लिए मूछें रख ली ‘विजय अरोड़ा’ ने बताया।
‘यादों की बारात’ आपकी पहली सिल्वर जुबिली फिल्म है। इससे पूर्व आपकी कई फिल्में आई किन्तु आशा के खिलाफ उन्होंने आपके कैरियर को नही उठाया। इसका क्या कारण है ? हमने पूछा।
मैं फिल्मों में आया था तो एक्टर के रूप में अपना लोहा मनवा चुका था (विजय ने अभिनय में इंस्टीट्यूट का गोल्ड मैडल प्राप्त किया था) किन्तु दुर्भाग्य से यहां जिन फिल्मों से काम शुरू किया वे फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सफल नही हुई। इसके बावजूद ‘सब से बड़ा सुख’ और ‘फागुन’ में मेरे काम की सबने ही सराहना की थी। यही वजह है कि मुझे ‘नाटक’ (हीरोइन मौसमी चटर्जी) ‘कादम्बरी’ (शबाना आजमी) जैसी फिल्में मिली जो कि पंजाबी की महान लेखिका अमृता प्रीतम की कहानी पर बन रही है। ‘रोटी’ (अतिथि कलाकार) आदि फिल्में मिली। किन्तु हमारी इन्डस्ट्री में फिल्म चलती है तभी काम भी दौड़ता है। मुझे विश्वास है कि मेरी आने वाली फिल्मों से मेरे कैरियर को जरूर प्रोत्साहन मिलेगा। विजय ने बताया।
‘क्या आप ऐसा समझते है कि किसी कलाकार की सफलता के लिए किसी का प्यार पाना जरूरी है’ हमने पूछा।
‘प्यार सदा ही शक्ति रहा है। प्यार की शक्ति ही इन्सान को आगे बढ़ने का साहस देती है। इस समय ऐसी कोई हस्ती मेरे सम्पर्क में नही है। किन्तु चाहता जरूर हूं और जब ऐसा प्यार पा लूंगा तो स्वीकार कर लूंगा’ विजय ने कहा।
‘हमने सुना था कि प्यार आपको मौसमी से मिल रहा था। ‘नाटक’ ने आप दोनों को काफी करीब कर दिया था ? हमने कहा।
‘नाटक तो नाटक होता है। ‘नाटक’ में हम काम जरूर कर रहे है। किन्तु रोमांस वाली बात एकदम गलत है। लोगों को बिना वजह बात का बतंगड़ बनाने में मजा आता है। मैंने जैसा कि कहा कि प्यार हो जाएगा तो मैं स्वीकार कर लूंगा। विजय ने कहा।


Like it? Share with your friends!

Mayapuri

अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिये