INTERVIEW: ‘रंगून’ 1940 की दूसरे वर्ल्ड  वार से प्रेरित कहानी है -विशाल भारद्वाज

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विशाल भारद्वाज की फिल्म में अक्सर ग्रे शेड्स दिखाई देते है। उनकी छोटी कहानियों वाली फिल्में जैसे ब्लू अम्ब्रेला और सात खून माफ़ रस्किन बोंड की रूपांतर होती है और मकबूल, ओमकारा, हैदर जैसी फ़िल्में विलियम शेक्सपियर की त्रासदियों में से एक है। इसी तरह की एक और कहानी लेकर आ रहे है विशाल आइये उनसे जानते उनकी आने वाली फिल्म ‘रंगून’ की कुछ दिलचस्प बातें।

आप अपनी हर फिल्म में एक अलग फार्मूला यूज़ करते है शायद इसलिए आपकी हर फिल्म हिट होती है

आई थिंक आपका स्टेटमेंट गलत है मेरी ज्यादातर फिल्मे हिट नहीं होती है। कुछ कुछ ही हिट होती है। अपनी फिल्मों से मैं कभी कभी लोगों को समझा नहीं पाता हूँ। मेरा फार्मूला शायद कभी कभी फेल हो जाता है लेकिन हाँ शायद इस बार ये फार्मूला फ़ैल न हो क्योंकि इस फिल्म कि कहानी थोड़ी हटके है। इसलिए शायद मैं रंगून से में दर्शकों को कुछ नया दे सकूँ।shahid kangana_rangoon

इस फिल्म का ट्रेलर बाकी ट्रेलर से थोडा यूनिक है इसके बारे में क्या कहेंगे?  

बाकी फिल्मे 1999 या 2000 कि कहानियों से प्रेरित होती है लेकिन रंगून 1940 की दूसरे वर्ल्ड वार से प्रेरित कहानी है, जिसमे जंग और प्यार दोनों है इस फिल्म में वर्ल्ड वार तो दिखेगी ही साथ ही में एक सच्चे प्यार की कहानी भी दिखेगी। इस फिल्म में भी लव ट्रायंगल है लेकिन कहीं न कहीं जाकर ये सच्चे प्यार में बदल जाता है। और दो लोगों को अपने प्यार की मंजिल मिल पाती है या नहीं ये तो आपको फिल्म देखने पर ही पता चलेगा। रही बात इस फिल्म के ट्रेलर की तो इस फिल्म की कहानी ही इसे बाकि फिल्मों से यूनिक बनती है।

शाहिद से क्या कोई खास कनेक्शन है आपका?

हाँ कह सकते है क्योंकि मैं जब भी किसी फिल्म के बारे में सोचता हूँ तो मेरे दिमाग में सबसे पहले शाहिद का नाम ही आता है ऐसा नहीं है। कि मैं किसी और एक्टर को अपनी फिल्म में लेना नहीं चाहता एक्चुली शाहिद को मैं स्क्रिप्ट के हिसाब से ही चुनता हूँ अगर उस रोल में शाहिद फिट बैठ रहे है तो शाहिद हमेशा मेरी पहली पसंद होते है। शाहिद जब भी फ्री होते हैं वो हमेशा मेरे पास आते है और अपने लायक स्क्रिप्ट की डिमांड खुद से ही करते हैं, इसलिए शाहिद के साथ एक दोस्त जैसा कनेक्शन है।shahid and vishal

 सैफ को हमेशा आप नेगेटिव रोल में लेते हैं क्या आपको सैफ में एक विलेन दिखता है?

ऐसा नहीं है कि सैफ में मुझे विलेन दिखता है इसलिए मैं उन्हें विलेन की भूमिका देता हूँ दरअसल रंगून में उनका रोल एक रॉयल किरदार है जिसमे सैफ बिलकुल फिट बैठते है। ओमकारा के वक़्त भी मैंने सैफ को उस किरदार में इसलिए रखा था क्योंकि सैफ में मुझे उस किरदार की झलक दिख रही थी। फ्रेंकली स्पीकिंग मुझे सैफ की पहले की कोई फिल्म पसंद नहीं थी। पर जब मैंने उनकी ‘दिल चाहता है’ फिल्म देखी तब मुझे सैफ में एक अलग किरदार दिखा तब मैंने उन्हें अपनी फिल्म ‘ओमकारा’ के लिए चुना और अब ‘रंगून’ के लिए। ऐसे ही शाहिद के साथ है उस वक़्त भी उस किरदार को देख कर मैंने शाहिद को ‘कमीने’ के लिए सेलेक्ट किया था और अब ‘रंगून’ के लिए।


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Mayapuri

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