हम स्वस्थ व बेहतर मनोरंजन परोसने की दिशा में काम कर रहे हैं – चेतन डी के

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नेटफ्लिक्स’, ‘अमजोने’, ‘जी5’ जैसे दिग्गज ओटीटी प्लेटफार्म के बीच एक नया ओटीटी प्लेटफार्म ‘पिंग पोंग’ तेजी से उभर रहा है। इसके कंटेंट हेड चेतन डी के हैं। प्र्रस्तुत है उनसे हुई बातचीत के अंष

अपनी अब तक की यात्रा पर रोषनी डालेंगे?

मैं पुणे,महाराष्ट् में एक किसान परिवार का बेटा हॅूं।  मैने बीकाम तक की पढ़ाई की है। मेरी अपनी कोई कला की पृष्ठभूमि नही है।  मगर स्कूल के दिनों से ड्रामा करने लगा था। मुझे फिल्में देखने का बड़ा षौक रहा है।  2004 में मेरे दोस्त की वजह से मेरे अंदर फिल्मों से जुड़ने की चाह पैदा हुई। मेरे दोस्त सागर मोहिते फिल्मों में आर्ट डायरेक्षन में काम करते थे। उनसे मेरी मुलाकातें होती और सिनेमा को लेकर उनसे चर्चांएं हुआ करती थीं। एक दो बार पुणे के पास एक फिल्म की षूटिंग के दौरान सेट पर भी सागर जी के साथ जाने का अवसर मिला। 2006 में फिल्मों में अभिनेता बनने के लिए ही घर छोड़कर मंुबई आया था। मुंबई में अभिनेता बनने के लिए संघर्ष करना षुरू कर दिया।

अभिनय करने का अवसर नही मिल रहा था, जेब खाली थी,इसलिए मैने फिल्म प्रोडक्षन में काम करना षुरू कर दिया। इसी बीच पुणे में बन रही मराठी भाषा की फिल्म में छोटा सा किरदार निभाने का अवसर मिला। पर इतना पैसा नही मिल रहा था, कि मुंबई में गुजर बसर हो सके। इसलिए मंैने दोस्तों की मदद से प्रोडक्षन की हर बारीक से बारीक बात सीखी। फिर 2012 में मैने लाइन प्रोड्यूसर की हैसियत से फिल्म ‘दबंग 2’ की। इसकी षूटिंग सतारा में हुई थी। इसके बाद मैने लाइन प्रोड्यूसर के रूप में ‘यषराज फिल्मस’ की फिल्म ‘गुंडे’ भी की। 15 विज्ञापन फिल्में की। फिर ‘दंगारपुर’ नामक बड़ी विज्ञापन एजेंसी सी के लिए 35 विज्ञापन फिल्मों के निर्माण की जिम्मेदारी संभाली। इस बीच कुछ अभिनय का मौका भी मिलता रहा। मुझे प्रोडक्षन की पूरी जानकारी है। मुझे डिजिटल, ओटीटी प्लेटफार्म और ओटीटी प्लेटफार्म की एप्लीकेषन तैयार करने का भी ज्ञान है।

फिर मैने एक मराठी भाषा की फिल्म ‘‘तत्ताड़’’ का निर्माण, निर्देषन किया और इसमें अभिनय भी किया। फिर मैने राकेष भोसले के ओटीटी प्लेटफार्म ‘‘प्राइम फिक्ष’’ की षुरूआत की। ‘प्राइम फिक्ष’ में मैं कंटेंट हेड था। लेकिन ‘प्राइम फिक्ष’ में सिर्फ अति बोल्ड कंटेंट ही परोसा जाता है, जिसे मैं सही नही समझता था। मेरी राय में लोगों को स्वस्थ व रोचक मनोरंजक कार्यक्रम परोसने चाहिए। मेरा मानना है कि जब आप अच्छे लेखक व निर्देषक को जोड़ेंगे, तभी अच्छा कंटेंट बन सकता है। जब अच्छा कंटेंट होगा, तो बड़े बड़े कलाकार भी सहजता के साथ जुड़ेंगें। तो ‘प्राइम फिक्ष’ की सोच के साथ मेरी सोच मेल नही खा रही थी, इसलिए मैने उसे छोड़ दिया। जीवन बबन राव से मेरी चार साल से पहचान है एक दिन जीवन बबनराव जाधव सर ने बताया कि वह ओटीटी प्लेटफार्म ‘‘पिंग पोंग’’ षुरू करने जा रहे हैं, इसलिए मैं नसे मिली तो मैं उनसे मिला। तो उन्होंने’ मुझे ‘पिंग पोंग’ का कंटेंट हेड बना दिया। हम यहां बेहतरीन कंटेंट बना रहे हैं। हम यहां रहस्य रोमांच, साइंस फिक्षन, प्रेम कहानी, अपराध कहानी सहित अलग अलग तरह का कंटेंट बना रहे हैं। 16 जुलाई से ‘हिडन’ वेब सीरीज ला रहे हैं।

अब तक के अनुभव?

जब मैं ‘प्राइम फिक्ष’ में था,तो वहां पर कंटेंट की कोई परवाह नही थी। वहां पर सिर्फ सेक्स व बोल्ड कंटेंट ही परोसा जा रहा था। वहां मुझे समझ में आया कि क्या गलत हो रहा है। उसी गलती को हम ‘पिंग पोंग’ में नही दोहरा रहे हैं। ‘पिंग पोंग’ में हम विक्रम गोखले सहित कई दिग्गजों को लेकर आए हैं। हम वेब सीरीज, लघु फिल्में व टोक शो बना रहे हैं। हम कुछ खास कार्यक्रम बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।

वेब सीरीज हिडनक्या है?

सस्पेस, क्राइम थिलर है। आज के जीवन में सबसे महत्वपूर्ण चीजें हैं रोटी, कपड़ा, मकान और मोबाइल। आज दुनिया में ज्यादातर लोगों के पास स्मार्टफोन हैं और इसके साथ हम लोगों को ‘पिंग पोंग एंटरटेनमेंट‘ द्वारा बेहतरीन कंटेंट दे सकते हैं। जब वेब सीरीज ‘हिडन’ का कॉन्सेप्ट मेरे पास आया, तो हमने इसकी बेहतरीन कहानी, पटकथा और संवादों के कारण तुरंत इसे अंतिम रूप दे दिया। जितनी खूबसूरती से इसे लिखा गया है, उतनी ही खूबसूरती से इसे फिल्माया गया।

इसकी कहानी पर रोशनी डालेंगे?

‘हिडन’ तीन सीजन के साथ एक सात एपिसोड की वेब सीरीज है, यह पुलिस, अपराध, ड्रग्स, हत्या और रहस्यपूर्ण घटाना पर आधारित एक काल्पनिक कहानी है एक रात प्रदीप राजे (एसीपी क्राइम ब्रांच) को अपने विश्वसनीय खबरी (हल्का) से दो – ढाई बजे यानी कि आधी रात को फोन आता है कि जेल में एक आदमी की हत्या होने वाली है। राजे इस जानकारी को गंभीरता पूर्वक लेते हैं। वह तुरंत आयुक्त यशवंत नाइक को इसकी सूचना देते हुए अपने तीन अधिकारियों (संदीप, प्रभाकर और उमर) के साथ एक कॉलेज के छात्र (समय दीक्षित) को बचाने के मिशन पर निकलते है। किसी अज्ञात हत्यारे द्वारा समय दीक्षित को मारे जाने का खतरा मंडराता हैं। पुलिस अधिकारी राजे को इस मामले को व्यक्तिगत रूप से देखते हैं। क्योंकि पुलिस आयुक्त यशवंत नाइक का उन्हे वरद हस्त हासिल है। जिनके पास इसका कारण है, कहानी की प्रगति के रूप में इसका खुलासा किया जाएगा। फ्लैशबैक के साथ वर्तमान में कहानी नीति, जेन और मनन (समय के दोस्त) के अतीत पर परदा डालती है। अब चैंकाने वाली बात यह है कि समय जेल में है और उसे ‘‘हत्यारा‘‘ के रूप में आजीवन कारावास की सजा दी गयी है। उस पर अपने सबसे जिगरी दोस्त मनन शाह की हत्या का आरोप लगाया गया है। समय पर एक हत्या के प्रयास को देखने के लिए राजे उसे अपनी हिरासत में लेती है जो इस पूरी घटना को अलग स्पर्शरेखा पर ले जाता है। कहानी में सस्पेंस, क्राइम और ड्रग एंगल है, जो तब तक मोड़ लेता है जब तक कि सच्चाई की जीत नहीं हो जाती, जो चैंकाने वाले खुलासे और ग्रे शेड्स अचानक सामने आते हैं जो अब तक ‘हिडन‘ थे। समय को अपनी जान का खतरा क्यों है? क्या राजे उसे बचा पाएंगे? समय के अतीत मैं

फिल्म निर्देषक और ओटीटी प्लेटफार्म के कंटेंट हेड में आप क्या फर्क देखते हैं?

देखिए, फिल्म निर्देषक का सारा ध्यान उस खास फिल्म व उसके विषयों तक केंद्रित रहता है। वह अपनी फिल्म का कैप्टन होता है। मगर ओटीटी प्लेटफार्म के कंटेंट हेड के रूप में मैं यह सोचता हॅूं कि मेरे प्लेटफार्म के लिए किस तरह के विषय या किस तरह का कंटेंट आवष्यक है। मैं सिर्फ एक वेब सीरीज या फिल्म पर नही सोचता। मेरी जिम्मेदारी बनती है कि हमारे प्लेटफार्म के लिए एक निर्देषक जो वेब सीरीज बना रहा है, उसमें उसकी किस तरह की मदद की जाए, कि वह वेब सीरीज ज्यादा बेहतर बन जाए। हमें नजर बनाए रखनी पड़ती है कि दूसरे चैनलों पर क्या चल रहा है। किस कलाकार के सोषल मीडिया पर कितने और किस तरह के फालोर्स हैं। हम हर निर्देषक को रचनात्मक स्वतंत्रता देते हैं। मगर कलाकार के चयन में अपनी दखलंदाजी रखता हूँ। कलाकार के ओडिशं खुद लेता हॅूं। हम अब तक ‘डार्क फारेस्ट’,‘नषा डायरी’ और ‘मास्टर स्ट्रोक’ ‘पिंग पोंग’ पर दे चुके है, जिसे काफी पसंद किया गया।

तो आप कुछ नया भी देने वाले हैं?

जी हाँ! हम रहस्य रोमांच के साथ ही हास्य प्रधान वेब सीरीज बना रहे है। हम एक प्रेम कहानी वाली वेब सीरीज ‘इष्क वाला लव’लेकर आ रहे है। हमारा ध्यान युवाओं पर केंद्रित है।  इसके अलावा हमने ‘डिंबा’, ‘अंबुष’,‘मिषन 70’,‘रावण इज बैक’ के अलावा मराठी में ‘चला दंगल समझून घेउया’ बनवा चुके हैं,जो कि जल्द ‘पिंग पोंग’ पर स्ट्रीम होंगे। कुछ लघु फिल्में बनावायी हैं। इनमें से एक होरर ‘हनीमून लॉन्ज’ है, जिसमें संजय मिश्रा ने अभिनय किया है।

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Mayapuri