अवधेश मिश्रा के साथ हमारी स्वस्थ प्रतिद्वंदिता रही है- संजय पांडेय

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भोजपुरी सिनेमा जगत के मषहूर खलनायक संजय पांडेय इन दिनों अभिनेता से निर्माता ,निर्देषक व लेखक बने अवधेष मिश्रा संग फिल्म ‘‘अजनबी’’ की षूटिंग करते हुए अति प्रसन्न नजर आ रहे हैं। संजय पांडेय का दावा है कि फिल्म ‘अजनबी’ का विषय अपने आप में रोमांच पैदा करने वाला है।

इमोशनल हॉरर फिल्म ‘अजनबी‘ का निर्माण निप्रम क्रिएशन के बैनर तले किया जा रहा है। फिल्म के निर्माता प्रनीत वर्मा और लेखक व निर्देशक अवधेश मिश्रा, गीतकार और संगीतकार साजन मिश्र हैं। फिल्म में अवधेश मिश्रा के साथ विक्रांत सिंह राजपूत, संजय पांडे,देव सिंह, अनिता रावत, रोहित सिंह मटरू, संतोष पहलवान, जय सिंह, हीरा यादव, बबलू खान,सुधा वर्मा, पूजा भंडारी, अवंतिका यादव, प्रथु व के के गोस्वामी मुख्य भूमिका में हैं।

प्रस्तुत है संजय पांडे से हुई बातचीत के अंष…..

अवधेष मिश्रा के निर्देषन में आप फिल्म अजनबीमें अभिनय कर रहे हैं। इस फिल्म को लेकर आप क्या कहेंगें?

देखिए, भोजपुरी में अब तक इस तरह के विषय को कम छुआ गया है। यह एक हॉरर, थ्रिलर, सस्पेंस फिल्म है,जो कि कम बनती है। इस विषय की तरफ हम देखते भी नहीं थे, जिस विषय को निर्देशक ने उठाया है। यह विषय अपने आप में रोमांच पैदा करता है। यह कोई टिपिकल कहानी नहीं है। मैंने ढेर सारी फिल्में की है।लेकिन मैं दावे के साथ कह रहा हॅूं कि इस तरह की विषय वाली फिल्म पहली बार कर रहा हूं।

फिल्म अजनबीमें आपका किरदार किस तरह का है?

मैं अब तक आम तौर पर हर फिल्म में खूंखार विलेन का किरदार निभाता आया हॅूं। लेकिन फिल्म ‘अजनबी’ में न्यूज चैनल के हेड का किरदार निभा रहा हूं। मैं अपनी पूरी टीम यानी कि कैमरा मैन वगैरह के साथ एक हॉटेड हाउस की खबर लेने के लिए आते हें कि इस हाउस का सच क्या है? सच का पता लगाने के चक्कर में हम खुद ब खुद घटनाओं के साथ घिरते चले जाते हैं। फिर फिल्म अपने अंत तक पहुॅचती है। मुझे एकदम अलग तरह का किरदार निभाने का मौका देने के लिए मैं फिल्म के लेखक व निर्देशक अवधेश मिश्रा का आभारी हॅू।

फिल्म के निर्देषक अवधेष मिश्रा के साथ आपकी कभी प्रतिद्वंदिता रही है?

जी हाँ! हमारे लिए स्वस्थ प्रतिद्वंदिता रही है। मेरे लिए सर्वाधिक उत्साहित करने वाली बात अवधेश मिश्रा का निर्देशन है। मैंने व अवधेष मिश्रा ने बतौर अभिनेता तकरीबन डेढ़ सौ फिल्में एक साथ की हैं। हमारे बीच आपस में स्वस्थ प्रतिद्वंद्वता रही है। ऑफ स्क्रीन हम लड़ते झगड़ते थे। हमारे किस्से इंडस्ट्री में फेमस है। लोग हमारे झगड़े की खबरों को खूब इंज्वॉय करते थे।काफी समय बाद लोगों की समझ मे आया कि हमारे बीच यह झगड़ा नही बल्कि प्यार है। अवधेश मिश्रा ने पहली फिल्म में भी मुझे याद किया था, लेकिन मैं दूसरी फिल्म में व्यस्तता के चलते वह फिल्म नही कर पाया था। लेकिन जब उनके निउे्रषन की तीसरी फिल्म ‘अजनबी’ में मौका मिला,तो मैं कर रहा हॅू।

अवधेष मिश्रा बतौर निर्देशन कैसे लगे?

अति अनुभवी। उनके साथ काम करते हुए हमें अहसास ही नही हुआ कि अवधेश मिश्रा अपनी तीसरी फिल्म का निर्देषन कर रहे हैं। बल्कि हमें लगा कि वह पच्चीस से अधिक फिल्में निर्देषित कर चुके हैं। अवधेष मिश्रा ने जितने तरह खुद को भोजपुरी फिल्म उद्योग में एक बेहतरीन अभिनेता के रूप में स्थापित किया है,उसी तरह वह खुद को बेहतरीन निर्देषक के रूप में स्थापित करने में कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ रहे है। मुझे पूरी उम्मीद है कि जितनी षोहरत उन्होंने अभिनेता के रूप में इंडस्ट्री में हासिल की है, निर्देशक के रूप में भी उतना ही नाम कमाएंगे। सबसे बड़ी बात कि तीनों फिल्मों के विषय अलग अलग हैं। यह एक अच्छे निर्देशक की निशानी है।वह अपने विषय को रिपीट नहीं कर रहे हैं। एक थ्रिलर हॉरर, एक फैमली फिल्म और एक बाप बेटे की कहानी। तो मैं बहुत खुश हूं अवधेश मिश्रा के निर्देशन में काम करके।

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Mayapuri