Randeep Hooda अपनी जड़ों का सम्मान करते हुए क्षेत्रीय भाषा के मनोरंजन को बढ़ावा देने के लिए तैयार

Jan 10, 2026, 03:32 PM

रणदीप हुड्डा अपनी जड़ों का सम्मान करते हुए क्षेत्रीय भाषा के मनोरंजन को बढ़ावा देने के लिए कदम बढ़ा रहे हैं, जिससे लोकल सिनेमा और सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

रणदीप हमेशा अपनी जड़ों से जुड़े रहे हैं और उन्होंने ऐसी कहानियाँ चुनी हैं जो ज़मीनी सच्चाइयों को दिखाती हैं। वह क्षेत्रीय संस्कृति, भाषाओं और पहचान का समर्थन करते रहे हैं।

रणदीप का मानना है कि सच्चाई ही किसी कहानी की सबसे बड़ी ताकत होती है, और यह सोच उन्हें मंच के साथ जुड़ने की ओर ले गई है।

स्टेज मंच के साथ रणदीप का जुड़ाव हरियाणवी, राजस्थानी और भोजपुरी कहानियों पर केंद्रित है, जो उनकी मातृभाषा में कही गई कहानियों की प्रेरक शक्ति को दर्शाता है।

उत्तर भारत में स्टेज का दर्शक वर्ग बढ़ रहा है, जो सांस्कृतिक बदलाव को दिखाता है और रणदीप के लंबे समय से किए जा रहे समर्थन के अनुरूप है।

रणदीप हुड्डा की यह साझेदारी भाषा और पहचान को सहेजने की साझा सोच पर आधारित है, और यह उनके लिए एक बेहद निजी निर्णय है।

रणदीप ने कहा कि भाषा और संस्कृति कोई सीमा नहीं, बल्कि वह ताकत हैं जो हमें गढ़ती हैं और दुनिया को देखने का नज़रिया देती हैं।

उनकी भूमिका स्टेज मंच के साथ बतौर प्रतिनिधि है, जहाँ वे क्षेत्रीय भाषाओं और लोकल टैलेंट को बढ़ावा देंगे।

रणदीप के शामिल होने से स्टेज मंच को दो सौ मिलियन से अधिक भाषा बोलने वालों के बीच बढ़त मिली है, जो क्षेत्रीय आवाज़ों को भारत की बदलती मनोरंजन कथा के केंद्र में लाने की ओर इशारा करता है।