Read Full Story
रणदीप हुड्डा अपनी जड़ों का सम्मान करते हुए क्षेत्रीय भाषा के मनोरंजन को बढ़ावा देने के लिए कदम बढ़ा रहे हैं, जिससे लोकल सिनेमा और सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
Read Full Story
रणदीप हमेशा अपनी जड़ों से जुड़े रहे हैं और उन्होंने ऐसी कहानियाँ चुनी हैं जो ज़मीनी सच्चाइयों को दिखाती हैं। वह क्षेत्रीय संस्कृति, भाषाओं और पहचान का समर्थन करते रहे हैं।
Read Full Story
रणदीप का मानना है कि सच्चाई ही किसी कहानी की सबसे बड़ी ताकत होती है, और यह सोच उन्हें मंच के साथ जुड़ने की ओर ले गई है।
Read Full Story
स्टेज मंच के साथ रणदीप का जुड़ाव हरियाणवी, राजस्थानी और भोजपुरी कहानियों पर केंद्रित है, जो उनकी मातृभाषा में कही गई कहानियों की प्रेरक शक्ति को दर्शाता है।
Read Full Story
उत्तर भारत में स्टेज का दर्शक वर्ग बढ़ रहा है, जो सांस्कृतिक बदलाव को दिखाता है और रणदीप के लंबे समय से किए जा रहे समर्थन के अनुरूप है।
Read Full Story
रणदीप हुड्डा की यह साझेदारी भाषा और पहचान को सहेजने की साझा सोच पर आधारित है, और यह उनके लिए एक बेहद निजी निर्णय है।
Read Full Story
रणदीप ने कहा कि भाषा और संस्कृति कोई सीमा नहीं, बल्कि वह ताकत हैं जो हमें गढ़ती हैं और दुनिया को देखने का नज़रिया देती हैं।
Read Full Story
उनकी भूमिका स्टेज मंच के साथ बतौर प्रतिनिधि है, जहाँ वे क्षेत्रीय भाषाओं और लोकल टैलेंट को बढ़ावा देंगे।
Read Full Story
रणदीप के शामिल होने से स्टेज मंच को दो सौ मिलियन से अधिक भाषा बोलने वालों के बीच बढ़त मिली है, जो क्षेत्रीय आवाज़ों को भारत की बदलती मनोरंजन कथा के केंद्र में लाने की ओर इशारा करता है।
Read Full Story