मूवी रिव्यू: एक भव्य और चमकदार हास्य से सराबोर फिल्म – ‘वेलकम बैक’

1 min


रेटिंग***

कहा जाता है कि बिना तर्कपूर्ण या अच्छी स्क्रिप्ट के कोई फिल्म नहीं चल सकती। लेकिन लेखक निर्देशक अनीस बज्मी की फिल्म ‘वैलकम बैक’ के सामने ऐसे उदाहरण बैकफायर कर जाते हैं। इसमें टॉप स्टार्स, खूबसूरत लोकेशंस, दिलचस्प घटनाक्रम तथा अति भव्यता। सबसे अहम शुरू से अंत तक फिल्म में दर्शकों को हंसाने की क्षमता। इसके अलावा भला एक कामयाब फिल्म में और क्या चाहिये। आठ साल पहले बनी हिट फिल्म ‘वेलकम’ का सीक्वल ‘वैलकम बैक’ हर तरह से मनोरंजक फिल्म है।

कहानी

उदय शेट्टी यानि नाना पाटेकर, मजनू यानि अनिल कपूर कभी गुंडे हुआ करते थे लेकिन आज वे दुबई में शराफत की जिन्दगी बसर कर रहे हैं। उनके पास सब कुछ है लेकिन उन्हें एक ही मलाल है कि उनके लिये अभी तक कोई लड़की नहीं बनी, लिहाजा वह आज तक कुंवारे हैं। दो चिटर डिंपल कापडि़या और अंकिता श्रीवास्तव की नजर दोनों की दौलत पर हैं लिहाजा वे रानी और राजकुमारी बन उनसे माल झटकती रहती हैं। उसी दौरान उदय को पता चलता है कि उसके बाप की तीसरी बीवी से एक और बेटी है। यानि उदय की एक और बहन रंजना यानि श्रुति हासन, जिसकी जिम्मेदारी अब उसी पर हैं । इसलिये मजनू और उदय अब उसके लिये लड़का देखना शुरू करते हैं, तभी परेश रावल को पता चलता हैं कि उसकी बीवी का पहले से एक लड़का अजय है जो इंडिया में हैं। जब उससे वो मिलने जाते हैं तो पता चलता है कि अजय अज्जू के नाम से वहां का बहुत बड़ा दादा है।

welcome-back-leaked-image

नाना और मजनू उसे एक शरीफ लड़का समझ उसकी शादी अपनी बहन से करने का निर्णय लेते हैं रंजना भी अज्जू को प्यार करती है। लेकिन अज्जू की असलीयत पता चलने पर दोनों उसके दुश्मन हो जाते हैं और रंजना की शादी किसी और से कर देना चाहते हैं लेकिन अज्जू उन्हें चैलेंज करता है कि वो रंजना से ही शादी करके दिखायेगा लेकिन उन्ही की सहमति से। उसी दौरान वांटेड भाई यानि नसीरूद्दीन शाह जो अन्धे होने के बाद भी बहुत बड़े डॉन हैं वे अपने गंजेड़ी बेटे शाइनी आहूजा से बहुत प्यार करते हैं और अब उसी की इच्छा पर उसकी शादी रंजना से करने के लिये सबका किडनैप कर लेते हैं। बाद में अज्जू, उदय और मजनू शाइनी से रजंना को बचाने के लिये क्या कुछ करते हैं ये फिल्म में देखना दिलचस्प रहेगा।

John-Abraham-turns-singer-in-Welcome-Back

निर्देशन

अनीस बज्मी बॉलीवुड के सबसे कामयाब लेखक और निर्देशकों में शुमार होते हैं। वेलकम की तरह इसके सीक्वल में भी उन्होंने सिर्फ मनोरजंन पर ध्यान दिया हैं और इस बार भी वे दर्शकों का हंसाने में पूरी तरह कामयाब रहे हैं। सबसे बड़ी बात की उन्होंने इस मल्टी स्टारर फिल्म में हर स्टार को बांधकर रखा है। फिल्म बीच में कुछ देर के लिये थोड़ी लूज होती है लेकिन उसके बाद फिर रफ्तार पकड़ लेती है दरअसल शमशान का सीन जरूरत से ज्यादा लंबा हो गया जिसकी लबांई अखरती है। दूसरे उन्होंने दुबई को पहली बार इतने लैविश और भव्य तरीके से दिखाया है। फिल्म के स्पेशल इफेक्ट के सीन कमाल के हैं। हमेशा की तरह इस बार भी दुबई के रेगिस्तान में क्लाइमेक्स फिल्माया गया जो काफी लैविश है लेकिन पहली फिल्म की अपेक्षा इस बार कुछ कमजोर साबित हुआ। बावजूद इसके फिल्म में सारे मनोरजंन के तत्व मौजूद हैं ।

102

अभिनय

फिल्म में सबसे ज्यादा आकर्षित करते हैं नाना पाटेकर और अनिल कपूर की पर्सनेलिटी और अभिनय। खास कर नाना अपने अंदाज की कॉमेडी में दर्शकों को खूब हंसाते हैं। दोनों ही इतने फिट हैं कि उम्र उन पर जरा भी हावी  होती नहीं दिखाई देती। फिल्म का सरप्राइज साबित हुये हैं अज्जू दादा के रोल में जॉन अब्राहम। एक्शन दृश्यों में वे कमाल हैं वहीं अभिनय में एक बार तो नाना और अनिल पर भी हावी होते दिखाई देते हैं। नसीर के लिये उनकी भूमिका मजाक साबित होती है लिहाजा अपनी भूमिका के साथ वे एंजाय करते नजर आते हैं। रेप केस के एक अरसे बाद शाइनी आहूजा की वापसी इस फिल्म से हुई है। अपने रोल में वे अपनी अभिनय प्रतिभा का परिचय देते हैं। नई लड़की अंकिता श्रीवास्तव मादक लगती है, डिपंल कपाडिया के साथ उसने अच्छा काम किया है। श्रुति हासन साधारण रही। बाकी आदि इरानी, मुश्ताक मर्चेंट, नीरज वौरा और सुप्रिया कार्निक ने मुख्य कलाकारों का अच्छा साथ दिया है। आइटम सांग्स में सुरविन चावला और लॉरेन काफी सेक्सी लगती हैं।

67786-welcome back still 1

संगीत

संगीत में भी इस बार शायद एक रिकार्ड बना हैं क्योंकि फिल्म में आठ संगीतकार हैं तथा बाइस सिंगर्स हैं। जॉन अब्राहम द्वारा गाया गीत अच्छा है। बाकी गीत भी कैची हैं। अभिषेक रे का थीम सांग न जाने क्यों फिल्म में नही रखा।

क्यों देखें

एक चमकदार और भव्य कॉमेडी फिल्म जिसे सह परिवार देखा जा सकता है ।

 

SHARE

Mayapuri