पद्मावती: फिल्म देखकर झूठे साबित हो जाएंगे विरोधी

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पूरे देश में फिल्म ‘पद्मावती’ का विरोध जारी है। सेंसर से फिल्म को सर्टिफिकेट नहीं मिला है (लेख लिखने तक) और निर्माता कंपनी वायकॉम-18 स्टूडियो ने रिलीज की तारीख आगे बढ़ाने की बात कही है। भंसाली और दीपिका को जान से मारने की धमकियों में इजाफा ही हुआ है। इसी बीच कुछ लोगों को फिल्म दिखाई गई है। फिल्म देखने वालों में अरनब गोस्वामी भी एक हैं, आइये सुनें- वह क्या कहते हैं :

‘‘मैं अभी फिल्म देखकर लौटा हूं। मैं ‘पद्मावती’ फिल्म की रिलीज के बारे में कुछ नहीं जानता मगर यह कहूंगा कि फिल्म का विरोध करने वाले जितने मुखर हैं लोगों को भड़का रहे हैं। और कुप्रचार दे रहे हैं- वे झूठे पड़ जाएंगे। ‘पद्मावती’ फिल्म राजपूतों की शान को गरिमा मंडित करती है। करणी सेना के विरोध पर लोग हंसेंगे जब फिल्म देखेंगे। यह पूरी तरह रानी पदमावती की मर्यादा और शौर्य को प्रतिष्ठित करने वाली फिल्म है। फिल्म के एक दृश्य में भी रानी और खिलजी यानी- दीपिका और रणवीर को साथ नहीं दिखाया गया है। पूरी की पूरी फिल्म जो संस्करण हमने देखा है, राजपूतों और रानी पद्मावती को अत्याधिक प्रतिष्ठित और मर्यादित करने वाली है। फिल्म का विरोध करने वालों और बीजेपी को यह सच समझ लेना चाहिए कि फिल्म देखने के बाद उनके विरोध को लेकर लोग हंसेंगे।’’

सेंसर  उवाच : सेंसर बोर्ड प्रमुख प्रसून जोशी ने बिना सेंसर की गई फिल्म कुछ लोगों को दिखाने पर विरोध जताया है और ऐसा ही विरोध सेन्सर के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी ने भी किया है।

सेंसर बोर्ड ने फिल्म को वापस किया है यह कहकर कि फिल्म के साथ भेजे गये फॉर्म में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि ‘पद्मावती’ की कहानी इतिहास पर आधारित है या फिक्शन है। वैसे, अपने पाठकों को हम बता दें कि ‘मायापुरी’ के पिछले अंक में ‘पद्मावती’ की पूरी कहानी पर लेख है।- जिसमें बताया गया था कि असली पदमावती (या पद्मिनी) को लेकर इतिहास में क्या है, और मलिक मोहम्मद जायसी की ‘पदमावत’ में क्या है। सेंसर बोर्ड ने भी फिल्म मेकर भंसाली से इसी स्पष्टीकरण की मांग की है।

पद्मावती ने पीछे हटाए कदम

1 दिसम्बर को रिलीज नहीं होगी फिल्म, निर्माताओं ने कहा- स्वेच्छा से लिया फैसला

फिल्म की पब्लिसिटी के लिए अतिरिक्त खर्च करना होगा।

सिनेमा हॉल फिर से नए सिरे से बुक करने होंगे।

फिल्म के ऑनलाइन लीक होने के खतरे बढ़ जाएंगे। इससे पहले ‘उड़ता पंजाब’ के साथ ऐसा हो चुका है।

विवाद से फिल्म को अतिरिक्त पब्लिसिटी मिल रही है।

यूपी, गुजरात जैसे राज्यों में लोग राजनीतिक गतिविधियों में व्यस्त हैं, ये दिसम्बर में निपट जाएंगे।

निर्माताओं ने फिल्म का 160 करोड़ का बीमा भी कराया हुआ है जो ऐसे मौके पर मिल सकता है।

जहां तक पद्मावती का सवाल है तो मैं चाहती हूं कि यह इतनी बड़ी हिट बने कि गीदड़ भभकी देने वालों के लिए एक सबक साबित हो। – ट्विंकल खन्ना, अभिनेत्री व लेखिका

पद्मावती की रिलीज टल गई। अब संजय लीला भंसाली की बहुप्रतीक्षित फिल्म के लिए दर्शकों को नए साल तक इंतजार करना होगा। माना जा रहा है कि फिल्म जनवरी या फरवरी माह तक भी रिलीज के लिए खिसक सकती है।

फिल्म की निर्माता कंपनी ‘वायकॉम 18 मोशन पिक्चर्स’ के एक प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा कि उन्होंने ‘स्वेच्छा’ से यह फैसला किया है। ‘पद्मावती’ के निर्माण में शामिल स्टूडियो प्रवक्ता ने कहा कि ‘वायाकॉम 18 मोशन पिक्चर्स देश के कानून और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) जैसी वैधानिक संस्थाओं का पूरा सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि एक ‘जिम्मेदार और कानून का पालन करने वाले कॉरपोरेट नागरिक’ के तौर पर वह स्थापित प्रक्रियाओं एवं परंपराओं का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

बयान के मुताबिक, ‘हमें यकीन है कि हम फिल्म रिलीज करने के लिए जरूरी मंजूरी जल्द ही हासिल कर लेंगे।’ सीबीएफसी यानी सेंसर बोर्ड से प्रमाण-पत्र हासिल करने से पहले ही विभिन्न मीडिया चैनलों को यह फिल्म दिखाए जाने से बिफरे बोर्ड के प्रमुख प्रसून जोशी ‘पद्मावती’ के निर्माताओं पर जमकर बरसे थे। सीबीएफसी ने फिल्म को वापस निर्माता के पास भेज दिया था, क्योंकि प्रमाणन का आवेदन ‘अधूरा’ था।

बयान में कहा गया कि हम एक जिम्मेदार, कानून का पालन करने वाले कॉरपोरेट नागरिक हैं और देश के कानून एवं केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड सहित हमारी सभी  संगठनों एवं वैधानिक संस्थाओं के प्रति हमारा पूरा सम्मान है। स्टूडियो ने कहा कि वह जल्द ही फिल्म की रिलीज की नई तारीख जारी करेगा। बयान के मुताबिक, ‘हम उचित समय पर फिल्म की रिलीज की नई तारीख घोषित करेंगे।

हम पसंद आने वाली ऐसी कहानियां बयान करने के प्रति प्रतिबद्ध हैं जो पूरी दुनिया में हमारे दर्शकों को भाये जैसे हमने ‘टॉयलेटःएक प्रेम कथा’, ‘क्वीन’, ‘भाग मिल्खा भाग’ और कई अन्य परियोजनाएं के साथ किया।’ स्टूडियो ने दोहराया कि यह फिल्म एक उत्कृष्ट सिनेमाई कृति है जिसमें ‘राजपूत वीरता, गरिमा एवं परंपरा को पूरे वैभव के साथ पेश किया गया है। बयान के मुताबिक, ‘यह फिल्म एक ऐसी कहानी का स्पष्ट चित्रण है जो हर भारतीय को गर्व से भर देगा और कहानी बयान करने के हमारे देश के गुर को दुनिया भर में दिखाएगा।’

करणी सेना ने भारत बंद वापस लिया

फिल्म रिलीज टलने के साथ ही करणी सेना ने भी एक दिसंबर के भारत बंद का आहवान स्थगित कर दिया है। करणी सेना के संरक्षक लोकेंद्र सिंह कालवी ने कहा कि फिल्म पर पूर्ण प्रतिबंध की हमारी मांग हालांकि बरकरार है।

इस फिल्म को लेकर एक कमेटी का एलान हो सकता है जिसमें इतिहासकार और राजस्थान के शिक्षाविद हों। कमेटी की सिफारिश पर अमल के बाद फिल्म को सेंसर बोर्ड से हरी झंडी मिल जाए। वायकॉम 18 के सूत्रों के मुताबिक, फिल्म की रिलीज के लिए 12 जनवरी सबसे ज्यादा ठीक है।

डॉ. वेदप्रताप वैदिक और इंडिया टीवी के रजत शर्मा सरीखे दक्षिणपंथी पत्रकार इस फिल्म को देखने के बाद इसी बात को दोहरा रहे हैं कि फिल्म में न तो इतिहास से छेड़छाड़ की गई है, न ही राजपूती गरिमाओं का कहीं हनन हुआ है। इन दोनों का कहना है कि पूरा ‘पद्मावती विरोधी’ आंदोलन सिर्फ अफवाहों पर आधारित है।

निजी स्क्रीनिंग के लिए सीबीएफसी का कोई नियम नहीं है

भले ही फिल्म के प्रमाणीकरण अध्यक्ष प्रसून जोशी केंद्रीय बोर्ड के मीडिया के घरों का चयन करने के लिए और फिल्म की जांच के लिए ‘पद्मावती’ निर्माताओं से गुस्से में है, फिर भी वह 1952 के सिनेमाटोग्राफी अधिनियम के साथ-साथ काम करने के नियमों को भी लागू करने के मामले में बात कर सकते हैं। सीबीएफसी केवल एक सार्वजनिक प्रदर्शनी के साथ पेश करता है और निजी स्क्रीनिंग के बारे में सीबीएफसी का कोई नियम नहीं है।


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Sharad Rai

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