व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल ने तीन दिनों के वर्चुअल नॉलेज फेस्टिवल में मनाया सिनेमा का जश्न

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whistling woods film festival
Subhash Ghai

मुंबई, 1 दिसंबर, 2020: रचनात्मकता की कोई सीमा नहीं होती और ना ही उस पर कोई नियंत्रण रखा जा सकता है, यही सोच ‘सेलिब्रेट सिनेमा’ के नौवें संस्करण की मुख्य धारा बनी। फिल्म, संचार और रचनात्मक कलाओं के एशिया के प्रमुख इंस्टिट्यूट व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल (डब्ल्यूडब्ल्यूआई) ने अपने सबसे नामचीन वार्षिक कार्यक्रमों में से एक ‘सेलिब्रेट सिनेमा 2020’ का आयोजन किया था।   समारोह 26 से 28 नवंबर 2020 तक चला। मौजूदा हालातों को देखते हुए ‘सेलिब्रेट सिनेमा 2020’ का आयोजन डिजिटली किया गया था। समाज के प्रति जिम्मेदारी का पालन करते हुए डब्ल्यूडब्ल्यूआई ने संकल्प किया है कि सेलिब्रेट सिनेमा 2020 के टिकटों की बिक्री से मिली हुई रकम को कोविड-19 योद्धाओं के कल्याण के लिए दान किया जाएगा।

‘सेलिब्रेट सिनेमा’ के नौवें संस्करण में सुदीप शर्मा, जयदीप अहलावत, अमीश त्रिपाठी, अनुभव सिन्हा, तापसी पन्नू, रिची मेहता और कई अन्य गणमान्यों ने लिया हिस्सा

‘सेलिब्रेट सिनेमा 2020’ सभी सहभागियों के लिए उल्लास और उमंग से भरपूर रहा। इन तीन दिनों में वर्चुअल मास्टरक्लासेस, सेलिब्रिटी पैनल चर्चाएं और वर्कशॉप्स हुए। इनमें से हर कार्यक्रम में सहभागियों को मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र के बारे में बहुमूल्य जानकारी और ज्ञान मिला।

         डब्ल्यूडब्ल्यूआई की प्रेसिडेंट सुश्री मेघना घई पुरी ने कहा, “फिल्म और मीडिया में काम करने के लिए उत्सुक लोगों को अपनी कक्षाओं व्यापक बनाने और इस क्षेत्र के विशेषज्ञों से जानकारी, मार्गदर्शन पाने का मंच प्रदान करने के लिए डब्ल्यूडब्ल्यूआई शुरूआत से ही प्रयास करता आ रहा है। हमारे लक्ष्य को वास्तव में साकार करने के लिए हम ‘सेलिब्रेट सिनेमा’ का आयोजन करते हैं। इस साल के समारोह में हिस्सा लेने के लिए मैं हमारे सभी मेहमानों की आभारी हूं, उनका यह बहुमूल्य योगदान हमारे लिए बहुत मायने रखता है।  यह तीन दिन हमारे हर एक सहभागी के लिए बेहतरीन रहें, उन्होंने यहां खूब महत्वपूर्ण जानकारी और ज्ञान प्राप्त किया। इस समारोह के सफलतापूर्वक आयोजन के लिए मैं सभी छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को धन्यवाद देती हूं।”

whistling woods film festival‘सेलिब्रेट सिनेमा 2020’ की शुरूआत एक पैनल चर्चा से हुई – ‘कैंपस टू करियर: #WWIAlumniSpeak’ डब्ल्यूडब्ल्यूआई के अकैडमिक्स के प्रमुख श्री. राहुल पुरी, अभिनेत्री आहना कुमरा और अभिनेता शशांक अरोरा, अभिनेता-निदेशक दिव्यांग ठक्कर, एडिटर नितिन बैद, क्रिएटिव प्रोडूसर महर्ष शाह और निदेशक आरती कडव ने डब्ल्यूडब्ल्यूआई में अपने ज्ञान को सांझा किया और उनके अनुभव ने उन्हें लोकप्रियता और सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचने में किस तरह से मदद की उन तरीकों के बारे में चर्चा की। ज्ञान और जानकारी के आदानप्रदान के साथ-साथ हंसी मज़ाक ने इस चर्चा को दिलचस्प बनाया। हर पैनेलिस्ट ने फिल्म और मीडिया में औपचारिक शिक्षा के महत्व पर जोर दिया और बताया कि इसी प्रकार की शिक्षा से उन्हें अपने करियर के सफ़र में मदद मिली।

उसके बाद ‘पाताल लोक’ की प्रतिभाशाली टीम के नेतृत्व में एक मास्टरक्लास हुआ। डब्ल्यूडब्ल्यूआई स्कूल ऑफ फिल्ममेकिंग के स्क्रीनरायटिंग के एचओडी अंजुम राजाबली, कलाकारों और क्र्यू सदस्यों, सुदीप शर्मा (निर्माता), जयदीप अहलावत और ईश्वक सिंह (अभिनेता), प्रोसित रॉय (निर्देशक), और सागर हवेली (लेखक) ने इस चर्चा में हिस्सा लिया। किसी भी प्रभावकारी भूमिका के निर्माण के लिए पटकथा के महत्त्व के बारे में उन्होंने बहुमूल्य जानकारी दी। सुदीप शर्मा ने बताया कि सम्मोहक कहानी की रचना के लिए स्थिति को हर दिशा से देखना महत्वपूर्ण है, जयदीप अहलावत ने उभरते हुए कलाकारों को प्रोत्साहित किया और उन्हें मार्गदर्शन किया कि किसी भी किरदार को निभाने के लिए पहले से तैयारी करना बहुत ज़रूरी है।

‘सेलिब्रेट सिनेमा 2020’ का दूसरा दिन और भी रोमांचक रहा।

इसकी शुरूआत ‘सेलिब्रेट द ग्रैंड नरेटिव्स ऑफ़ इंडियन माइथोलॉजी’ इस दिलचस्प पैनल से हुई। डब्ल्यूडब्ल्यूआई के संस्थापक और अध्यक्ष श्री. सुभाष घई और पुरस्कार-विजेता लेखक श्री अमीश त्रिपाठी ने इसमें हिस्सा लिया। सत्र का संचालन डब्ल्यूडब्ल्यूआई के वाईस प्रेसिडेंट श्री चैतन्य चिंचलीकर ने किया। भारत की महान सांस्कृतिक और पौराणिक विरासत से प्रेरणा लेते हुए, देश की समृद्ध विरासत को आधुनिक संदर्भ में किस तरह से लागू किया जा सकता है इस विषय पर पैनल ने चर्चा की।  आधुनिक तत्त्ववेत्ता के रूप में श्री. सुभाष घई की प्रशंसा करते हुए श्री अमीश त्रिपाठी ने आधुनिक शिक्षा प्रणाली में भारतीय संस्कृति के समावेश का समर्थन किया। भारतीय समाज पर पश्चिमी, एल्गोरिथम पर आधारित शिक्षा के प्रभाव की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए उन्होंने बताया कि यह शिक्षा प्रणाली उस पारंपरिक भारतीय शैक्षिक मॉडल से हटकर है, जिसमें मस्तिष्क के दोनों हिस्सों का उपयोग करने पर जोर दिया गया था। उन्होंने कहा, “अपने दाहिने मस्तिष्क को मज़बूत करने के लिए मज़ेदार रचनात्मक चीजों का आनंद लें।”

टीम थप्पड़ का मास्टर क्लास संचालन

इसके बाद अंजुम राजबली ने ‘थप्पड़’ की टीम के साथ एक मास्टरक्लास का संचालन किया। इसमें निर्देशक-लेखक अनुभव सिन्हा, अभिनेत्री तापसी पन्नू और पावैल गुलाटी और लेखिका मृण्मयी लागू ने हिस्सा लिया। लैंगिक असमानता और घरेलू हिंसा जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों पर चर्चा की गई, और मीडिया में इन मुद्दों के चित्रण के बारे में और उनके निवारण के लिए समाज द्वारा उठाए जाने योग्य कदमों के बारे में अहम् सबक इस मास्टरक्लास में सीखे गए।  समाज के निम्न और उच्च वर्गीय परिवारों की महिलाओं के साथ इन मुद्दों की व्यापकता के बारे में दर्शकों की जागरूकता भी बढ़ाई गयी।

आखरी दिन पर ‘न्यू डायरेक्टर्स ऑन नेटफ्लिक्स’ इस रोचक चर्चा का आयोजन किया गया जिसमें पहली बार निर्देशक बने हनी त्रेहान और अन्विता दत्त और इंटरनेशनल ओरिजिनल फिल्म, नेटफ्लिक्स इंडिया की निर्देशक सृष्टि आर्य, अंजुम राजबली ने हिस्सा लिया। चर्चा का संचालन अंजुम राजबली ने किया। कंटेंट क्रिएटर्स के साथ नेटफ्लिक्स किस तरह से सहयोग करता है और नयी प्रतिभाओं को बढ़ावा में नेटफ्लिक्स के योगदान के बारे में दर्शकों को काफी महत्वपूर्ण जानकारी मिली। हनी त्रेहान और अन्विता दत्त ने निर्देशन में पहली बार कदम रखते हुए जो संघर्ष करना पड़ा, उन अनुभवों के बारे में बताया, स्क्रिप्ट से लेकर नेटफ्लिक्स रिलीज़ तक के रोमांचक सफ़र को बयान किया।  सृष्टि आर्य ने नेटफ्लिक्स के दृष्टिकोण के बारे में कहा, “हम ऐसी कहानियों की तलाश करते हैं जो कहने लायक हो, उनमें कुछ ऐसा हो जो प्रभावकारी और विविधतापूर्ण हो।”

यही उत्साह समारोह के आखरी मास्टरक्लास तक जारी रहा जिसमें एमी पुरस्कार-विजेता भारतीय क्राइम ड्रामा ‘दिल्ली क्राइम’ के दूरदर्शी निर्माताओं ने हिस्सा लिया। इस बहुप्रतीक्षित सत्र का संचालन श्री राहुल पुरी ने किया, उनके साथ चर्चा में निर्माता-निर्देशक रिची मेहता, कार्यकारी निर्माता किलियन केर्विन और संवाद लेखक संयुक्ता चावला शेख ने भाग लिया। बातचीत के दौरान सीरीज़ का निर्माण – स्क्रिप्ट का मसौदा तैयार करना, कहानी के लिए डेटा इकट्ठा करना और पूरी सीरीज़ में वास्तविकता की भावना को बनाए रखना आदि मुद्दों पर जानकारी दी गयी। जब सिनेमा में असलियत का सवाल उठा, तो किलियन ने कहा कि बहुत सारी नई सामग्री का उत्पादन किया जा रहा है, लेकिन सच्ची चुनौती उन कहानियों को बनाने में है जो असल में घटी हैं और सम्मोहक हैं। रिची मेहता ने सत्र का समापन करते हुए कहा, “सिनेमा की अगली पीढ़ी के दर्शक स्क्रीनप्लेज् पर निर्भर होंगे, जो असीम हैं।”

whistling woods film festivalwhistling woods film festival‘सेलिब्रेट सिनेमा’ में डब्ल्यूडब्ल्यूआई के विभिन्न स्कूलों के सहयोग से कई जानकारीपूर्ण, व्यावहारिक कार्यशालाओं का भी आयोजन किया गया। इन सत्रों में मीडिया और एंटरटेनमेंट क्षेत्र के कई पहलुओं के बारे में जानकारी दी गयी। डाविन्ची  रिजॉल्व के साथ कलर करेक्शन, स्टॉप मोशन एनिमेशन, अडोब स्पार्क पोस्ट, पॉडकास्ट के लिए लेखन, मीडिया स्टार्ट-अप, अभिनय, फैशन स्टाइलिंग और कई अन्य विषय शामिल किए गए।  संबंधित क्षेत्रों के शिक्षकों और सदस्यों द्वारा आयोजित इन वर्कशॉप्स में सहभागियों को अपनी जानकारी को बढ़ाने के अवसर मिले।

whistling woods film festivalवार्षिक समारोह में अपने होनहार, होशियार छात्रों को स्कॉलरशिप्स से पुरस्कृत करने की परंपरा को डब्ल्यूडब्ल्यूआई ने इस बार भी बरक़रार रखा।  इस साल सलोनी साखरदांडे (बीए – फिल्ममेकिंग – सिनेमैटोग्राफी) और आकाश नायक (एडवांस्ड डिप्लोमा फिल्ममेकिंग – प्रोडूसिंग) को श्री अमिताभ बच्चन स्कॉलरशिप 2020 और सुनंदा मुरली मनोहर स्कॉलरशिप 2020 से सम्मानित किया गया।  इन पुरस्कारों की घोषणा करते हुए श्री. सुभाष घई ने मार्गदर्शन किया कि, “स्कॉलरशिप मात्र एक पुरस्कार नहीं है बल्कि छात्र को सौंपी जा रही जिम्मेदारी है कि वह अपने जीवन में और भी बेहतर बनें और अपने विचारों से नयी पीढ़ियों को प्रेरित करें।”

पिछले वर्षों की तरह, सेलिब्रेट सिनेमा 2020 ने अवयव दान के सामाजिक कार्य पर भी ज़ोर दिया। इस वर्ष के सामाजिक कार्य के महत्व को मद्देनज़र रखते हुए, डब्ल्यूडब्ल्यूआई ने अपने वार्षिक कार्यक्रम के दूसरे दिन अवयव दान दिवस मनाया, जिससे सहभागियों को अवयवों को दान करने और जीवन रक्षक बनने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

सेलिब्रेट सिनेमा 2020 के समापन पर सहभागियों ने विस्तारित क्षितिज और भारतीय मीडिया और मनोरंजन उद्योग के बारे में ज्ञान के साथ विदा ली।

व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल के बारे में

व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल (डब्ल्यूडब्ल्यूआई) एशिया का प्रमुख फिल्म, संचार और रचनात्मक कला संस्थान है। भारत के अग्रणी फिल्म निर्माताओं में से एक श्री सुभाष घई द्वारा स्थापित डब्ल्यूडब्ल्यूआई, देश के सबसे बड़े और सर्वश्रेष्ठ मीडिया संस्थानों में से एक है। ‘द हॉलीवुड रिपोर्टर’ ने व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल को 2014, 2013 और 2010 में दुनिया में दस सर्वश्रेष्ठ फिल्म स्कूलों में से एक का दर्जा दिया है। डब्ल्यूडब्ल्यूआई में 1 साल से लेकर 4 साल तक की अवधि के लिए पाठ्यक्रम चलाए जाते हैं जिनमें मीडिया और मनोरंजन उद्योग के सभी प्रमुख क्षेत्र अर्थात अभिनय, एनीमेशन, छायांकन, निर्देशन, संपादन, गेम डिज़ाइन, संगीत, निर्माण, प्रोडक्शन डिज़ाइन, पटकथा लेखन, ध्वनि, दृश्य प्रभाव, मीडिया प्रबंधन आदि शामिल हैं।


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Mayapuri

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