जो मेरे करीब है वो मुझे अच्छी तरह जाने और समझें -नगमा

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Nagma

कहते है इण्डस्ट्री मेंरेपुटेशनको बनाये रखना आसान बात नहीं। येरेपुटेशनशुरू में या तो संभल जाती है या फिर बिखर जाती हैं। नगमा के इण्डस्ट्री में कदम रखते ही उनकीरेपुटेशनबिखर गई।

चंदा टंडन

“मैं अपना नाम खुद बनाना चाहती हूँ, किसी का सहारा लिये बगैर” नगमा

Nagma Ji

सलमान खान से मनमुटाव, दीपक शिवदासानी से रोमांस, नागार्जुन से जुड़ जाना आदि बातों ने नगमा को पूजा भट्ट, मनीषा कोईराला, दिव्या भारती और रवीना टंडन से बहुत पीछे छोड़ दिया।

जबकि ये लड़कियां नगमा के बाद इंडस्ट्री में आयी हिट और फ्लॉप तो कलाकार की जिन्दगी से जुड़े रहते हैं लेकिन शीबा और आयशा जुल्का की तरह नगमा चूहा दौड़ में भी नहींऔर ये सब बातें, कहतें हैं सिर्फ उनके बर्ताव की वजह से हो रही है। 

कितनी ही नई लड़कियाँ ऐसी आयी जिनका कोई नामोनिशान नहीं। मेरे बारे में कम से कम चर्चा तो होती है! दिव्या भारती को देखो क्या हो गया। प्रेस ने तो कहा था कि वो श्रीदेवी है और आज वही लोग उसे बदनाम कर रहे हैं, उसके टैलेंट को लेकर

मैं अपना नाम खुद बनाना चाहती हूँ, किसी का सहारा लिये बगैर ! मुमताज, नूतन जी, और शर्मिला टैगोर ने भी तो खुद अपना नाम बनाया खानदान की बातें सिर्फ शुरूशुरू में ही थोड़ी बहुत मदद करती हैं उसके बाद खुद कुंआ खोदना पड़ता है। मैं वही कर रही हूँ  

लेकिन अपने कैरियर पर क्यों कुल्हाड़ी मार रही हैं नगमा? रवीनाटंडन और अन्य नायिकायें तो बड़े बैनर और हीरोईन की भूमिका साईन कर रही हैं लेकिन नगमा तो सेकेंड लीड कर रही है?  

मेरे पास भी तो बड़े बैनर हैं। मैं सावन कुमार, के.सी. बोकाड़िया, फिरोज खान, राकेश रोशन के साथ काम कर रही हूँ मेरी सेकेंड लीड की भूमिकायें भी बहुतपॉवर फुलहै।

पुलिस और मुजरिममें मेरा रोल जूही चावला से कहीं ज्यादापावर फुलहै। खैर मुझे एक बात बताईयेमुकद्दर का सिंकदरमें रेखा का क्या रोल था? फिर क्या उन्होंने पिक्चर अपने पर नहीं ली? रेखा का वो रोल, ‘सेकेंड लीडथा या एक यादगार रोल था?

“बिकनी की खातिर मैंयलगारठुकराने को तैयार नहीं थी” नगमा

यहां हिन्दी फिल्मों में यदि इतना जबरदस्त स्कोप है नगमा के लिये, तो फिर वो साउथ की फिल्में क्यों कर रही है? न सिर्फ फिल्में कर रही है बल्कि जमकर अंग प्रदर्शन भी कर रही है। क्या ये सब वो सिर्फ पैसे के लिये कर रही है? अपनी इमेज अपनी रेपुटेशन का उन्हें कोई ख्याल नहीं?

साउथ की फिल्में करने में नुकसान क्या है? श्री देवी आज भी कभीकभी एक दो साउध की फिल्में कर लेती हैं।

उनकी फिल्मों में बहुत अच्छी दमदार भूमिकायें होती हैं और माफ करना साउथ वाले कोई बेवकूफ नहीं है मुझे यूं ही साईन करने के लिये। मुझमें टैलेंट हैं, कोई बात है इसलिये वो मुझे साईन करते हैं।

अंग प्रदर्शन कहते हैं नगमा ने सिर्फ खाउथ की फिल्मों में किया बल्कि फिरोज खान कीयलगारमें भी बिकनी पहनी है।

बिकनी पहनने से पहले मैंने फिरोज साहब से पूछा था कि क्या मैं बिकनी में अच्छी लगूंगी? लेकिन उन्होंने जरूर सोचा होगा मेरे बारे में, तभी मुझे साईन भी किया। 

बिकनी की खातिर मैंयलगारठुकराने को तैयार नहीं थी। मुझे जिस तरह की फिल्में मिल रही है या मैं जो कुछ कर रही हूँ। उससे मैं बेहद संतुष्ट हूँ और खुश हूँ। अफवाहों का क्या वो तो जुड़ती रहेंगी। 

जिन्दगी एक आईना है, यदि मुस्कुराओगे तो मुस्कुरायेगी, रोओगे तो रोयेगी नागार्जुन, दीपक शिवदासानी के साथ रोमांस के बारे में नगमा बोली?

ये कुदरत की बात है एक 20 साल की लड़की को किसी से शारीरिक आकर्षण हो जाना। लेकिन मोहनीष बहल के साथ मेरी सिर्फ दोस्ती है।

प्यार करने के लिये तो सही साथी की जरूरत होती हैऔर दीपक शिवदासानी वो साथी नहीं। दीपक के साथ मेरा नाम जोड़कर लोग मुझे नहीं बदनाम कर रहे है।

मेरे कैरियर को नुकसान पहुँचाने वाली बात कर रहे है। नागार्जुन के साथ भी मेरा कोई आत्मिक संबंध नहीं। अब मैं जिस किसी के साथ भी काम कर रही हूँ ये जरूरी तो नहीं कि वो मुझ पर या मैं उस पर फिदा हो जाती हूँ।

नागार्जुन बहुत अच्छा लड़का है। हम दोनों में बहुत बनती हैं। हम दोनों का ये तथा कथित रोमांस फिल्म की पब्लिसिटी में बहुत मदद करेगा।

लेकिन नाग किसी और से प्यार करते हैं और अभी तो उन्होंने आमला से शादी भी कर ली है। मैं तो इस तथा कथित रोमांस पर हंस सकती हूँ। क्योंकि मेरा कोई नहीं जिसे जवाब देना है लेकिन नाग की तो प्रेमिका है।

अपने को-स्टारों के बारे में नगमा का क्या कहना है?

मेरे सभी कोस्टार अच्छे है। संजय दत्त, जैकी, श्रॉफ, शाहरूख खान आदि लेकिन फिर भी मुझेबोरिंगकहा जाता है जबकि मैं इन सभी के साथ हंसती खेलती हूँ

जैकी श्रॉफ, नागाजुन, और संजय दत्त के साथ मैं बहुतफ्रेंडलीहूँ। इण्डस्ट्री में लोग पीठ पीछे बुराई करते है।

एक बार एक पत्रकार ने मुझसे पूछा कि करिश्मा कपूर की तरह मैं सैट पर अपनी मां को क्यों नहीं लाती? मैंने कहा कि मैं जरूरत नहीं समझती।

उस पत्रकार ने जाने क्याक्या इस विषय में लिख दिया कि मेरे और करिश्मा के बीच मतभेद हो गया। देखिये मैं ये कहना चाहती हूँ कि मैं असुरक्षित इंसान नहीं हूँ।

मैंने जो चाहा, मुझे जिन्दगी से मिला। ही मैं हीन भावना का शिकार हूँ। इसके उसके बारे में सोचकर मैंने कभी अपना वक्त जाया नहीं किया।

मैं बहुत भावनात्मक लड़की हूँ। मैं चाहती हूँ कि जो इंसान मेरे करीब है, वो मुझे जाने, समझे।


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Mayapuri

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