हुकूमत दूसरों के बल पर तो कोई भी कर ले, जो अपने दम पर छा जाए वो हम हैं- धरम पंजाबी

1 min


पर्दे पर उनको दर्शकों ने बहुत बार देखा है। वही चेहरा, वही ललाट, वही दाढ़ी… लेकिन, एक्सप्रेशन हर जगह अलग अलग! यह हैं अभिनेता धरम पंजाबी! कलर्स चैनल पर  ‘नागिन 3’ के नाग-गुरु, ‘लाडो 2’ के तांत्रिक, ’एक महानायक डॉ. बीआर अम्बेडकर’ के पंडितजी (एंड टीवी पर/और अब बिग मैजिक पर)। ये हैं धरम पंजाबी के हालिया प्रक्षेपित हुए छोटे पर्दे के कुछ धारावाहिक। एक मुलाकात में वह कहते हैं- “2014 से मैं लगातार  एपिसोड दर एपिसोड, सीरियल दर सीरियल करता जा  रहा हूं। कहीं पंडित जी हूं, कहीं  ढोंगी बाबा, कहीं स्वामी, कहीं महात्मा! आज हालात ये हैं कि जब भी किसी को वैसे चरित्र की ज़रूरत पड़ती है, उनकी पहली कॉल मुझे आती है। ‘नागिन 3’ ( नाग गुरु) करने के बाद से मैं डिमांड वाला बाबा बन गया हूं और अम्बेडकर में पंडितजी का निगेटिव किरदार भी लोगों को पसंद आया है।”

कालका ( चंडीगढ़) के धरम सिंह पंजाबी फुटबॉल के अच्छे खिलाड़ी रहे हैं। नाटक करने का शौक लगा तो कई चर्चित नाटकों में काम किए। सफदर हाशमी का नाटक “हल्ला बोल’’ उन्ही में एक था। मुम्बई आए तो शुरुआत क्राइम पेट्रोल’ करने के साथ हुई। ‘देवांशी’, ’सिलसिला बदलते रिश्तों का’, ‘एक था राजा एक थी रानी’, ‘सितारा’, ‘जय जय जय बजरंगबली’, ‘शक्ति’ आदि धारावाहिकों में  छोटे बड़े रोल किये। “मेरे पीछे कोई बड़ा नाम नहीं जुड़ा था। मेरे लिए उस समय  सर्वाइबल महत्व पूर्ण था।” कहते हैं वह। “मुम्बई आने के बाद जो दिक्कतें एक बिना वैसाखी पाए एक्टर की होती है, वही मेरी थी। मैं कई बार आता जाता रहा। थोड़े दिन मैं, एकदम शुरुआत के दिनों में, चेतन आनंद साहब के यहां प्रोडक्शन सहायक भी था जब उनका सीरियल ’परमवीर चक्र’ एयर पर था। वहां मैंने काम करने की बारीकियां दूसरों को देख देख कर सीखी।”

“आजकल बाबाओं की छवि खराब हो रही है। आप जंहा रहते हो वहां के लोगों का व्यवहार आपके साथ कैसा रहता है?”

हंसते हैं धरम। “शुरू में लोग अजीब सी नज़रों से देखते थे। अब सब पहचानते हैं तो प्यार करते हैं। सब जानते हैं मैं एक्टर हूं। वैसे, यह सही है कि लोगों की आस्था बदल गयी है। अब लोग साधु महात्माओं, तांत्रिकों और ढोंगी बाबाओं से  एकदम से मिक्स नहीं होते जबतक की उनको समझ नहीं जाते।”

धरम पंजाबी पर्दे पर अलग-अलग भूमिकाएं करना चाहते हैं। “मैं हर तरह के रोल करने में सहज हूं और आने वाले दिनों में कुछ अलग करता दिखूंगा भी। ‘विद्रोही सन्यासी’, ‘द कोच सर’, ‘देव दीदी’ उनके आने वाले प्रोजेक्ट हैं।” मैं लकी हूं कि कम से कम लॉकबंदी के दिनों में भी पर्दे पर नज़र आता रहा हूं। वह कहते हैं।  “बॉलीवुड के हमारे तमाम कलाकार बड़ी मुश्किलों से गुजरे हैं। भगवान से मेरी यही प्रार्थना है कि जल्दी से सब कुछ नार्मल हो जाए, शूटिंगें शुरू हो जाएं और हमारे सभी कलाकार भाई काम पर लग जाएं!”

SHARE

Mayapuri