‘‘राम गोपाल वर्मा जी के साथ काम करना तो मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है..’’ हेरम्ब त्रिपाठी

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बाॅलीवुड में सफलता हासिल करने के लिए हर प्रतिभाषाली कलाकार को लंबा संघर्ष करना पड़ता है. यह संघर्ष हेरम्ब त्रिपाठी को भी करना पड़ा.माॅडलिंग, नाटक, म्यूजिक वीडियो, टीवी सीरियलों में अभिनय करते हुए हेरम्ब त्रिपाठी ने फिल्मों तक की लंबी यात्रा तय की है. इन दिनों वह 26 मार्च को प्रदर्शित होने वाली राम गोपाल वर्मा निर्देशित फिल्म ‘डी कंपनी’ को लेकर उत्साहित हैं, जो कि 6 भाषाओं हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़ और बंगाली में रिलीज हो रही है। – शान्तिस्वरुप त्रिपाठी

सबसे पहले ‘‘मायापुरी’’ के पाठकों को अपने बारे में बताएं?
– मैं इलहाबाद के गैर फिल्मी परिवार से हूँ, पर इत्तफाक से बाॅलीवुड से जुड़ गया. बॉलीवुड से जुड़ना मात्र संयोग है. मैंने बचपन में कभी अभिनेता बनने के बारे में नहीं सोचा था. जब मैं मुंबई आया, तो मुझे बहुत संघर्ष का सामना करना पड़ा. लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए मेरे पास धैर्य और कड़ी मेहनत थी. मैंने षुरूआत माॅडलिंग से की.फिर मैंने कई नाटक, विज्ञापन फिल्में, म्यूजिक वीडियो और सीरियल किए. कुछ फिल्में भी की. ‘बालाजी टेली फिल्मस’ के सीरियल ‘कहीं किसी रोज’ के अलावा ‘रेत’, ‘डिटेक्टिव करण’, ‘बंधन कच्चे धागों के’, ‘कहीं देर न हो जाए’ सहित कई सीरियल किए. कुछ सीरियलों में मेनलीड भी किया. कुछ फिल्में भी की हैं. मेरी कुछ फिल्में रिलीज नहीं हो पायी. मगर अब मेरी दीक्षित कौल निर्देशित फिल्म ‘‘खामियाजाः जर्नी ऑफ ए काॅमन मैन’’ 2019 में रिलीज हुई, जिसे काफी सराहा गया।
 फिल्म ‘खामियाजाःजर्नी आफ ए काॅमन मैन’ के बाद काफी लंबा गैप आ गया?
– यह तो कोरोना महामारी के चलते ही हुआ.अन्यथा मैं तो काम कर ही रहा था. ‘खामियाजा’ के बाद मैं ‘‘बंदा नवाज’’ जैसी फिल्म कर रहा था, मगर कोरोना व लाॅक डाउन की वजह से यह फिल्म अटक गयी. 2019 में बतौर लीड मेरी फिल्म ‘‘खामियाजा’’ रिलीज हुई थी, जिसे काफी पसंद किया गया था. मेरा हौसला भी तेजी से बढ़ा था. मुझे लीड में ही फिल्म ‘बंदा नवाज’ भी मिली थी.मैंने इसकी शूटिंग भी की. पर 2020 में कोरोना की वजह से सब कुछ गड़बड़ा गया. कई दूसरी फिल्में शुरू होते होते रह गयीं. पर अब काफी काम कर रहा हूँ. दो बड़ी फिल्में की हैं, जिनका जिक्र मैं अभी नहीं कर सकता।
 राम गोपाल वर्मा की फिल्म ‘डी कंपनी’ से जुड़ना कैसे हुआ?
– राम गोपाल वर्मा ने खुद इस फिल्म के लिए मेरी तलाश की. वास्तव में उन्हे मेरी फोटो मिली थी, फोटो देखकर उन्होंने तय किया कि वह मुझे अपनी फिल्म का हिस्सा बनाएंगे. फिर उन्होंने मुंबई में कुछ लोगों को मेरी फोटो भेजकर तलाश करने के लिए कहा. एक कास्टिंग डायरेक्टर ने मुझसे संपर्क किया. मैंने उससे कहा कि मैं रामू जी को मना कैसे कर सकता हूं. उसके बाद रामू जी यानी कि राम गोपाल वर्मा जी से मुलाकात हुई और सब कुछ बड़ी तेज गति से हुआ. मेरा इस फिल्म के लिए चयन हो गया और अब यह फिल्म रिलीज हो रही है.हर कलाकार का सपना होता है कि उसे रामू जी के साथ काम करने का अवसर मिल जाए. मुझे मिला, मेेरे लिए यह सब एक सपने के पूरे होने जैसा रहा।
 मगर एक वक्त था जब राम गोपाल वर्मा शीर्ष पर थे. पर पिछले कुछ समय से वह असफल ही चल रहे हैं. ऐसे में उनके साथ काम करना रिस्क नही लगा?
– मैं इतना दावे के साथ कह सकता हॅूं कि  फिल्म ‘डी कंपनी’ से वह पुनः बड़े जोरषोर व अति सफल निर्देषक के रूप में वापसी कर रहे हैं. यह बहुत अच्छी फिल्म बनी है. वैसे बतौर निर्देशक लंबे समय बाद कोई हिंदी फिल्म लेकर आ रहे हैं. रामू जी ऐसे षेर हैं, जो कि जब भी उठेंगे, तो ऐसी दहाड़ मारेंगे कि जंगल में अकेले ही रहेंगे. अब उनका समय आ गया है।
  मैं आपको बता दॅूं कि पहले उन्होंने मुझे वेब सीरीज ‘डी कंपनी’ के लिए अनुबंधित किया था. हम लोगों ने सबसे पहले प्रोमों की शूटिंग की. पहले दिन की शूटिंग खत्म होने के बाद रात में हम सभी बैठे हुए थे, तब रामू जी ने कहा कि हम पहले फिल्म बनाते हैं. यानी कि पहले दिन की शूटिंग से उनका हौसला बढ़ गया था.उन्होंने कहा कि इस बार मुझे बेहतरीन कलाकार मिल गए हैं, इसलिए पहले फिल्म बनाते हैं. उसके बाद वेब सीरीज की शूटिंग षुरू करेंगे. आप यकीन नहीं करेग, मगर दिसंबर 2020 में फिल्म ‘डी कंपनी’ की शूटिंग शुरू हुई और अब 26 मार्च को रिलीज भी हो रही है. रामू जी जादूगर हैं. मैं ईश्वर का आभारी हॅूं कि मुझे रामू जी के साथ काम करने का अवसर मिला।
 फिल्म ‘डी कंपनी’ के अपने किरदार को लेकर क्या कहना चाहेंगें?
– यह कहानी अस्सी के दशक की है. इस फिल्म में चार मुख्य किरदार है. आपको पता होगा कि पहले पठान गैंग था. पठान गैंग के दो भाई थे, आमिर दादा और आलम दादा. यह पहले दाउद के साथ थे. तो मैंने इसमें आमिर दादा का किरदार निभाया है।
 आमिर दादा के किरदार के लिए किस तरह की तैयारी करने की जरुरत पड़ी?
– सच कहॅूं तो हमें तैयारी करने के लिए ज्यादा वक्त ही नहीं मिला. फिर भी लुक आदि पर हमने काफी काम किया. चाल ढाल व हाव भाव पर भी हमने काम किया. बाकी तो रामू जी जैसा जादूगर निर्देशक था, जिसने हमसे सब कुछ करवा लिया.मैंने अपनी तरफ से इंटरनेट पर जाकर पठान गैंग के बारे में जानकारी हासिल की, तो पता चला कि दाउद को बनाने वाले यही दो भाई थे. जब गैंग ताकतवर हुआ, तो दाउद और पठान गैंग के बीच पैसे को लेकर मनमुटाव हो गए. पठान गैंग ने सत्तर प्रतिशत की हिस्सेदारी मांगी, जो कि दाउद ने मंजूर नहीं किया. तब पठान गैंग अलग हो गया था. मेरा लुक बदला हुआ है. हेअर स्टाइल बदली हुई है. हर दिन मुझे तैयार होने के लिए एक घंटे का समय मेकअप आदि में लगता था।
 राम गोपाल वर्मा के साथ काम करने के क्या अनुभव रहे?
– रामू जी के साथ मेरे जो अनुभव रहे, वह यादगार हैं और उन्हे षब्दों में बयां नही किया जा सकता. हम हर दिन शूटिंग खत्म होने के बाद कई घंटे तक एक साथ बैठते थे और सिनेमा को लेकर काफी बातें हुआ करती थीं. रामू जी तो अपने आप में फिल्म मेकिंग की युनिवर्सिटी हैं. यदि आप आंखे बंद कर ध्यान लगाकर रामू जी को सुन ले, तो भी आप अच्छे अभिनेता बन सकते हैं. उनके साथ काम करने का अनुभव तो बहुत बड़ा है. रामू जी के साथ काम करना तो मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है.
 इसके अलावा नया क्या कर रहे हैं?
– राम गोपाल वर्मा के निर्देशन में एक फिल्म ‘‘डी कंपनी’’ की है, जो कि  26 मार्च, 2021 को 6 भाषाओं हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़ और बंगाली में रिलीज हो रही है. इसके अलावा ‘वायकाॅम 18’ की एक फिल्म ‘‘बंदा नवाज’’ की है, जिसकी शूटिंग पूरी हो चुकी है. राम गोपाल वर्मा के साथ ‘वेब सीरीज भी कर रहा हॅूं, उसका नाम भी ‘‘डी कंपनी’’ ही है. दो वेब सीरीज आने वाली हैं. एक कन्नड़ भाषा की वेब सीरीज भी कर रहा हूं, जो कि ‘नेटफ्लिक्स’ पर आएगी।

Mayapuri