“अगर किशोर साहब राज़ी होते तो हमारी शादी नौ वर्ष पहले हो जाती” – योगिता बाली

1 min


11

 

मायापुरी अंक 50,1975

लगभग दो माह पहले किशोर कुमार के बंगले पर उनकी अपनी फिल्म ‘शाबाश डैडी शाबाश’ की शूटिंग थी। मैं भूषण तिवारी के साथ शूटिंग देखने गया था। भूषण इस फिल्म में खलनायक हैं।

काफी समय तक मैं शूटिंग देखता रहा। इस शूटिंग में किशोर कुमार के साथ योगिता बाली, अमित कुमार, भूषण तिवारी, मारूति एवं अन्य दो चार कलाकार और भी सेट पर मौजूद थे।

सेट पर मैंने तीन-चार लोगों को खुसुर-पुसर करते देखा। ये लोग यूनिट के ही सदस्य थे। इनकी खुसर-पुसर से मेरे कान चौकन्ने हो गये। मैंने सुना कि योगिता बाली और किशोर कुमार की शादी शीघ्र होने वाली है। दोनों में बहुत ज्यादा ‘प्यार’ है। विश्वास नही हुआ। लेकिन बाद में चंद दिनों बाद यह खबर आम हो गयी। जंगल में लगी आग की तरह यह खबर एक कोने से दूसरे कोने तक फैलती गयी। ‘हकीकत’ क्या थी? अभी तक यह कोई नही जान पाया था। अत: मैंने सही बात जानने के लिए कमर कस ली।

और सोचने लगा कि योगिता बाली या किशोर कुमार से किस तरह मुलाकात की जाये? कोई उपाय सूझ नही रहा था। इधर योगिता बाली से न मुलाकात हो रही थी और न ही वह फोन पर वह उपलब्ध थी। कुछ दिन और गुज़र गये। शादी की खबर ने ज़ोर पकड़ा, सुनने में यह भी आया कि दोनों ने शादी कर ली है शीघ्र हनीमून मनाने विदेश जायेंगे।

पिछले दिनों जब कमाल अमरोही ने बिलकिस नाम को एक नवयौवना से ब्याह रचा लिया तो काफी हंगामा मच गया था। और अब किशोर योगिता-ब्याह की खबर चर्चा का विषय बनी हुई है।

एक दिन अचानक ही तारदेव के ‘फेमस सिने लैबोट्री’ की तरफ से गुज़र रहा था। मालूम पड़ा कि यहां आज किशोर कुमार के गाने की रिकॉर्डिंग थियेटर में महमूद साहब, रोशन के अलावा साठ म्यूजिशियंस एवं आठ-दस सहायक गायक गायिकाएं मौजूद थी।

काफी देर तक रिहर्सल होती रही, फिर किशोर कुमार के स्वर में मजरूह सुल्तानपुरी लिखित गीत फिल्म ‘जानी और जिन्नी’ के लिए रिकॉर्ड किया गया। गीत के बोल थे ‘जानी मेरा नाम….’ साथ ही शुरूआत में अजीबोगरीब बोल थे।

रिकॉर्डिंग के बाद मैंने महमूद साहब से कहा कि मुझे किशोर कुमार से मिलवा दें। महमूद से मेरा अच्छा परिचय है, अत: वे मुझे किशोर कुमार के पास ले गये। और लगे मेरी तारीफ करने। इसी बीच मैंने उनसे कहा कि मैं इंटरव्यू के लिए उनसे समय चाहता हूं।

किशोर बड़े मूडी कलाकार हैं। उनके मूड का कोई भरोसा नहीं। कब क्या कह बैंठे या कर बैंठे, लेकिन वे बड़े स्नेहपूर्वक बोले,

आप कल सुबह घर आइए। वहीं जो पूछना हो पूछ लेना। ठीक है।

मैंने सोचा, चलो योगिता न सही किशोर ही सही। मुझे तो शादी की बात ही पूछनी है।

धन्यवाद मैं कल सुबह पहुंच जाउंगा।

अगली सुबह मैं किशोर कुमार के घर पहुंच गया। संयोग से यहां सबसे पहले मुझे योगिता बाली नज़र आयी। लगता था अभी-अभी नहा धोकर आयी है। योगिता मुझे पहचान गयी। मैंने उनसे पूछा।

किशोर साहब ने मुझे इंटरव्यू के लिए आज का समय दिया है।

सुनकर योगिता बाली ने उत्तर दिया,

लेकिन वे तो इस समय घर पर नहीं है। किसी का फोन आ गया था वे चले गये।

मगर मैं तो सही समय पर आया हूं। टाइम देकर वे…

मेरी बात काटते हुए योगिता बाली ने कहा,

वे कह गये है कि आप आने वाले है और आप जो उनसे पूछना चाहते हैं मुझसे पूछ ले।

मैंने मुस्कुराते हुए कहा,

जी, अब तो एक ही बात है।

योगिता बाली मुझे बहुत सुंदर लगी, माथे पर गोल-गोल बिंदिया। साधारण-सा लिबास, न तो चेहरे पर मेकअप, न भड़कीले कपड़े।

मैं अपने मतलब की बात पर तुरंत आग गया।

आप फिल्मी पत्रिकाएं तो पढ़ती होंगी?

जी हां, मगर कभी-कभी, योगिता बाली ने कहा, वैसे शौक नहीं है, क्योंकि मुझे मालूम है कि फिल्मी-पत्रिकाओं में जो कुछ छपता है, वह सबका सब बकवास होता है।

मैं पल भर की देर किये बिना अपना मुख्य प्रश्न पूछ ही लिया,

तो क्या किशोर साहब के साथ आपकी शादी की खबर भी गलत है?

क्या यह भी बकवास है?

आपने चेहरे पर आयी मुस्कान और खुशी की लहर को दबाते हुए योगिता बोली,

जी हां, बिल्कुल गलत है, बकवास है, अफवाह है।

क्या? मैं चौंका

योगिता बाली ने दृढ़ता और गंभीरतापूर्वक आगे बताया,

सुनिये, मगर ज़रा गौर से, अभी किशोर साहब से मेरी शादी नहीं हुई है, लेकिन यह कह कर योगिता रूक गयी। फिर मैंने पूछा,

हां, हा, आप कहिए ना, रूक क्यों गयी?

शरारती अंदाज में योगिता ने बड़ी गंभीर बात, लगभग लगाते हुए आखिर कह ही दी, जिसका का मुझे कई दिनों से इंतजार है योगिता ने बताया,

मैंने अभी शादी नहीं की है, लेकिन बहुत जल्दी, किसी भी दिन, किसी भी पल हम शादी के पवित्र बंधन में बंध सकते हैं। या यह भी हो सकता है कि शादी चार छ: महीने बाद ही संभव हो, लेकिन होगी जरूर आज से आठ नौ वर्ष पूर्व भी यह शादी हो जाती लेकिन तब किशोर साहब शादी के लिए राज़ी नहीं हुए थे।

इसका मतलब यह है कि शादी का प्रस्ताव आपने रखा है? मैंने पूछा।

योगिता बोली।

जी हां, मैं शुरू से ही उन्हें बहुत पसंद करती हूं। उनके गीतों को पसंद करती हूं, इसलिए उनसे, जब मैं फिल्मो में नयी-नयी आयी थी, नौ वर्ष पहले, मैंने शादी के लिए कहा था। लेकिन उन्होंने तब इंकार कर दिया।

मैंने पूछा।

अरे, किशोर साहब को क्या आपत्ति थी? यह तो उनके लिए अच्छा ही था।

योगिता ने बताया,

उस वक्त उनके दिल पर मधुबाला की आकस्मिक मौत का दुख था। वे उन्हें बहुत प्यार करते थे। इसलिए उन्होंने इंकार कर दिया… कुछ समय बाद एक फिल्म में भी मुझे किशोर साहब के साथ काम करने का अवसर मिला, लेकिन न जाने क्यों यह फिल्म शुरू ही नहीं हुई। यह मेरी बदकिस्मती थी। उसके बाद किशोर साहब अपने काम में व्यस्त हो गये और मैं अपनी फिल्मों की शूटिंग में बिजी हो गयी। मैंने अगला प्रशन इसी क्रम में पूछा।

तो फिर अब पुन: शादी की चर्चा कैसे आरंभ हो गयी? मेरा मतलब यह कि नौ-वर्ष बाद पुन: शादी की बात तय होना बड़ी विचित्र बात है?

अपनी रहस्यमयी मुस्कान के साथ योगिता ने कहा।

सच तो यह है कि इन नौ वर्षो में भी, किशोर कुमार को न भुला पायी सोचती रहती कि क्या ही अच्छा होता अगर किशोर कुमार शादी के लिए राजी हो जाते और मैं… मगर किस्मत में जो नसीब में लिखा होता है, वही होता है। विधि का विधान अमिट है। कुछ महीनों पूर्व किशोर साहब हमारे घर तशरीफ लाये। मुझे बहुत खुशी हुई। पुरानी यादें फिर ताज़ा हो गयी। मैं एक बार फिर किशोर साहब से शादी करने के लिए सोचने लगी थी कि किशोर साहब ने बताया कि वे उसे अपनी फिल्म में हीरोइन का रोल देना चाहते हैं, मैं बहुत राजी हो गयी। और उचित अवसर देखकर इशारों ही इशारों में उन्हें यह भी समझा दिया कि अगर वे शादी के लिए तैयार हैं तो अब भी मैं तैयार हूं और किशोर साहब अचानक ही इस शादी के लिए राज़ी हो गये। मुझे बेहद खुशी हुई और अब हम शीघ्र ब्याह कर लेंगे।

मैंने अगला प्रश्न पूछा,

“आपके इस ब्याह से आपके घर वाले नाराज़ तो नहीं।

योगिता ने बताया,

जी नहीं। हा, नौ वर्ष पूर्व जब मैंने उनसे शादी करने का फैसला किया तो घरवालों ने कोई खुशी प्रकट नहीं की थी। मगर अब सब खुश हैं और सबने सहर्ष आज्ञा दे दी है।

मगर आपकी और उनकी उम्र में यह जो अंतर है वह?

मेरा प्रश्न पूरा होने से पूर्व ही योगिता ने उत्तर दिया,

अरे भई, इससे क्या फर्क पड़ता है। शादी में उम्र नही देखी जानी चाहिए, फिर मुस्कुराते हुए योगिता बोली, यह तो दिल की बात है दिल जो कहता है, हमें मानना पड़ता है।

एक प्रश्न और है? मैंने योगिता की ओर गौर से देखते हुए पूछा।

पूछिए। एक ही दस प्रश्न पूछिए। दृढ़तापूर्वक योगिता बाली बोली।

किशोर साहब का बेटा अमित इस ब्याह से राजी है? योगिता बाली ने जवाब दिया,

जी हां, वह तो चाहता है कि हमारा ब्याह बहुत जल्द हो जाये। वह बहुत खुश है। अमित अपने डैडी को बहुत चाहता है। मुझे भी बहुत प्यार करता है।

मैंने अगला प्रश्न पूछा,

क्या शादी के बाद आप फिल्मों से सन्यास ले लेंगी?

योगिता स्पष्ट स्वर में बोली,

जी हां, शादी के बाद मैं अपना घर बसाना पसंद करूंगी। अब मैं फिल्मों में काम नहीं करना चाहती। फिल्मों में काम करने को बजाय, किशोर साहब की बीबी बनकर गृहस्थ बनना मुझे ज्यादा पसंद है।

आपकी करीबन 30-40 फिल्में सेट पर हैं, इन फिल्मों का क्या होगा? मैंने पूछा

योगिता बाली ने कहा,

आप चिंता मत कीजिए, ये फिल्में पूरी करने के बाद ही मैं सन्यास लूंगी। फिल्मों से।

योगिता बाली मुस्कुरा रही थी। मैं सोच रहा था कि शादी के बाद सचमुच अगर योगिता बाली ने फिल्मों से सन्यास ले लिया तो हमारे दर्शक एक और अभिनेत्री खो देंगे वैसे शादी के बाद सन्यास लेने की घोषणा तो हर अभिनेत्री करती है, लेकिन वे अपने निर्णय पर कायम नहीं रह पाती। जैसे जया भादुड़ी, राखी अब दोनों ही फिल्मों में काम कर रही हैं।

जो भी हो, ‘मायापुरी’ परिवार की ओर से किशोर-योगिता को एडवांस में बधाई।


Like it? Share with your friends!

Mayapuri

अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिये