सोनू निगम के बाद अब अज़ान को लेकर जावेद अख्तर का बयान, कहा – ‘इसका अंत ज़रूर होना चाहिए’..

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Javed akhtar on Azaan

अज़ान पर जावेद अख्तर का बयान, कहा – ‘लाउडस्पीकर पर अज़ान से दूसरों को असुविधा’…

हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के मशहूर गीतकार और लेखक जावेद अख्तर धर्म को दूर रखकर हर सामाजिक मुद्दे पर अपनी राय रखते हैं। कई बार अपने बयानों के चलते वो ट्रोल भी हुए हैं। वहीं अब अज़ान पर जावेद अख्तर का बयान सामने आया है जिसके बाद सोशल मीडिया पर एक नई बहस छिड़ गई है।

क्या कहा है जावेद अख्तर ने?

जावेद अख्तर सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं और अपनी बात रखने के लिए अक्सर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का सहारा लेते हैं। और इस बार भी उन्होने ट्विटर पर ही अपनी बात रखी है। उन्होने लाउडस्पीकर के ज़रिए अज़ान से दूसरों को होने वाली परेशानियों का मुद्दा उठाया है और इसे बंद करने की मांग की है। जैसे ही ये ट्वीट सामने आया तो उनके ट्वीट पर यूज़र्स के मिक्स रिएक्शन भी सामने आने लगे हैं। जावेद अख्तर ने ट्वीट किया –

‘भारत में लगभग 50 सालों तक लाउडस्पीकर पर अज़ान देना हराम रहा, लेकिन फिर ये हलाल हो गया और इतना हलाल कि इसका कोई अंत ही नजर नहीं आ रहा। लेकिन, इसका अंत जरूर होना चाहिए। अजान से कोई दिक्कत नहीं, लेकिन लाउडस्पीकर से दूसरों को काफी असुविधा होती है। मुझे आशा है कि कम से कम इस बार वे खुद ऐसा कर लेंगे।

गीतकार के ट्वीट पर छिड़ी नई बहस

बस जैसे ही जावेद अख्तर ने ये ट्वीट किया तो सोशल मीडिया पर नई बहस छिड़ गई। कुछ लोग इनसे सहमत दिखे तो कईयों ने अख्तर साहब के इस ट्वीट पर असहमित जताई।

सोनू निगम भी उठा चुके हैं ये मुद्दा

Sonu Nigam on Azaan

Source – Indulge Express

सिर्फ जावेद अख्तर ही नहीं हैं जिन्होने ये मुद्दा उठाया हो बल्कि इससे पहले सिंगर सोनू निगम भी इस मुद्दे को उठा चुके हैं और बुरी तरह ट्रोल भी हो चुके हैं। उन्होने अप्रैल 2017 में सभी तरह के धर्मस्थलों में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर विरोध जताया था। उन्होने ट्वीट में लिखा था – ‘ईश्वर सबका भला करे। मैं एक मुसलमान नहीं हूं लेकिन इसके बाद भी मुझे सुबह-सुबह अज़ान की आवाज के साथ उठना पड़ता है। पता नहीं भारत में ये जबरदस्ती की धार्मिकता कब खत्म होगी। मैं इस बात का भी बिल्कुल समर्थक नहीं हूं कि कोई मंदिर या गुरुद्वारा ऐसे लोगों को उठाने के लिए बिजली का उपयोग करें, जो उनके धर्म को नहीं मानते हों। तो फिर ऐसा क्यों? गुंडागर्दी है बस।’

पहले भी जावेद अख्तर जता चुके हैं विरोध

ये कोई पहली बार नहीं है जब जावेद अख्तर ने अज़ान को लेकर अपनी बात रखी हो बल्कि दो साल पहले 2018 में भी उन्होने एक ट्वीट किया था जिसमें उन्होने लिखा था – ‘इसे रिकॉर्ड में रख लेना कि मैं सोनू निगम समेत उन सब लोगों से सहमत हूं जो चाहते हैं कि मस्जिदों में लाउड स्पीकर्स का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। साथ ही रिहायशी इलाकों में स्थित किसी अन्य सभी पूजा स्थलों में भी इसका इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।’

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